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मैंने पुरे विडिओ डेलेट कर डी और घर को चला गया मुझे नहीं पता था की मैं दीदी से कैसे डील करूँगा ,दीदी के रूम को नोक किया दीदी ने बड़े प्यार से मुझे देखा ,

‘क्या हुआ भाई थका हुआ लग रहा है ,काफी पिएगा क्या ,बनाकर लाऊ”मैंने ना में अपना सर हिलाया ,दीदी की बातो में प्यार था ,उनकी आँखों में प्यार था ,मैं उनके पास आकार बैठ गया वो एक किताब की ओर देख रही थी ,मैंने दीदी के आँखों में आते बालो को अपने हाथो से हटाया ,उन्होंने मेरी तरफ देखा और प्यार से मेरे होठो पर एक चुम्मन दे दि,दीदी के चहरे पर एक मुस्कान खिल रही थी अब वही मुस्कान मेरे चहरे पर भी थी ,मैं उनके प्यारे चहरे को निहारे जा रहा था की उन्होंने मुझे आँखों से इशारा किया ,क्या हुआ ,

‘आप पढो ना मुझे बस आपको देखने का मन हो रहा है ,’वो मेरे गालो पर अपना हाथ रख सहला डी और फिर से किताब पड़ने लगी ,जाने कैसे मेरी दीदी ने मुझे अपनी काले कल से अलग रखा होगा ,हमारे बीच इतना सब हुआ कैसे वो अपनी आग को उस दवाई के इतने स्ट्रोंग असर के बाद भी सिर्फ प्यार ही दिखाया ,तुमने बहुत सहा है दीदी ,बहुत जली होगी तुम भी अपने वासना के आग में पर कभी मुझपर अपनी आंच तक नहीं आने दि ,हमेशा अपने प्यार की छाव तले मुझे बिठाया ,जब मैं रुका तो तुम भी रुक गयी उस आग को तुमने कैसे सम्हाला होगा,इतना कुछ सहती रही ,इतना जलील किया है उन लोगो ने तुम्हे और तुम बस हमें खुशिया और प्यार ही देती रही ,क्या बीती होगी तुमपर जब वो गिध्ध तुम्हे नोच रहे थे और तुम अपने भाई के लिए रो रही थी ,उन्होंने तुम्हारा बलात्कार किया ,हा ये बलात्कार ही था और तुम तुम बस मुझे याद करती रही ,तुमने मुझे जो दिया है उसका एक तिनका भी तुम्हे दे पाऊ तो मेरा तुम्हारा प्यार सफल हो जाएगा ,तुमने तो खुद को मेरे प्यार में भूला दिया और मैं ,मैं अनजान सा बस….लेकिन अब नहीं दीदी हां सच कहता है राहुल उनके शारीर से उनकी चमड़ी तक खीच लूँगा मैं ,तुमपर कोई आंच अब नहीं आएगी नहीं आएगी ,तुम्हे पता चलने भी नहीं दूंगा ,तुम्हारे इस हालत के जिम्मेदारो को ढूंड ढूंड कर मरूँगा जड़ से मिटा दूंगा ….

मेरी आँखों में आंसू की बुँदे देख दीदी घबरा गयी और मेरे आंसुओ को अपने होठो में ले लिया ,मेरे चहरे पर फिर एक मुस्कान आ गयी ,

‘क्या हुआ पागल ऐसे क्यों देख रहा है ,’दीदी ने मेरे गालो को सहलाते हुए पूछा ,मैं आगे बढ़कर उनके होठो को अपने होठो में लिया और उनमे खो गया जब हम अलग हुए तो दीदी मुस्कुरा रही थी ,

‘इसलिए देख रहा हु ,क्योकि मेरी प्यारी दीदी हस्ते हुए इतनी प्यारी दिखाती है ,’दीदी ने मेरी आँखों में देखा उस प्यार भरे अहसास को देखकर दीदी ने मुझे अपनी ओर खीचा और मेरे होठो को अपने होठो में भर लिया …..

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