दीदी और दोस्त – Update 17 | Incest Story

दीदी और दोस्त – Incest Story written by ‘Chutiyadr’
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आज सुबह जब मैं उठा तो मेरा सर दीदी के गोद में था और वो भी वही लेटी हुई थी,मैं उठाकर उनको एक प्यार भरी किस दिया और फ्रेश होकर निचे आ गया मैं सोफे पर बैठा हुआ टीवी देख रहा था की दीदी भी काफी पकड़ कर आ गयी मुझे मेरी कॉफ़ी देकर वो मेरे बाजु में बैठ अख़बार खोला ,दीदी ने नेशनल और मैंने रीजनल न्यूज़ पड़ने शुरू किये पहली ही न्यूज़ हमारे शहर की थी जिसे देख मैं चौक गया ,

‘अरे ये कैसे ,’दीदी ने झट से मुझे देखा और न्यूज़ पड़ने लगी ,

‘ओ माय गॉड ,’न्यूज़ परमिंदर के जेल में फांसी लगाने की थी ,दीदी के चहरे पर चिंता के भाव आ गए थे ,

‘क्या हुआ दी साला तो था ही कमीना बढ़िया हुआ की खुद ही मर गया .’

‘नहीं भाई वो इतना कमीना था की उसे अपने किये पर कभी आत्मग्लानी नहीं हो सकती वो आत्महत्या कर ले मैं नहीं मान सकती ,जरूर कोई बड़ी साजिस है ,’दीदी ने थोडा धीरे से कहा.मेरा भी माथा खनका मैंने पूरी न्यूज़ पड़ी इंचार्ज को ससपेंड कर दिया गया था,जाँच के आदेश थे पर मैं भी जनता था की इससे कुछ नहीं होने वाला ,खैर दीदी के चहरे पर अब भी चिंता के भाव थे जो मुझे कभी भी अच्छे नहीं लगते थे ..

मैंने दूसरा पजे खोला वह अविनाश तिवारी की बड़ी सी फोटो छपी थी ,बहुत से लोगो ने विज्ञापन दे कर उसे जन्मदिन की बधाई दि थी ,दीदी ने जैसे ही वो पेज देखा उनका चहरा खिल गया जो की मुझसे नहीं छिप पाया मैंने दीदी को चुटकी कटते हुए कहा ,

‘क्यों दीदी अविनाश को देखकर बड़ी खिल गयी आप ,क्या बात है लगता है मनीष का पत्ता कट ,’दीदी मेरी बात से थोडा शर्मा गयी

‘कहा यार ये कहा और मैं कहा ,इसके तो हम सिर्फ सपने देख सकते है ,’दीदी की बातो से मेरी आंखे बड़ी हो गयी ,दीदी ने कभी भी इसका जीकर नहीं किया की वो अविनाश को पसंद करती है,पर मुझे लगा की यार दीदी ने मेरे लिए इतना किया है क्या मैं उनके लिया कुछ नहीं कर सकता ,

‘अरे दीदी आप try तो करो और देखना मेरी दीदी तो कभी नहीं हारती ,’

‘नहीं आकाश इनके लाइफ का मकसद ही अलग है ,ये मुझे तो क्या किसी भी लड़की को पसंद नहीं करते ,इनको लाइफ से कुछ और चाहिए ,छोडो मेरी बातो को ..’दीदी के चहरे पर एक मायूसी सी देखि

‘अरे दीदी try तो करते रहना चाहिए चाहे कुछ मिले या नहीं ,गीता में भी कहा गया है ना कर्म करो फल की चिंता मत करो ,’दीदी ने मुझे मुस्का के देखा और मेरे गालो पर अपने हाथ रख दिए ,

‘तो आप उसे अभी काल कर रही हो जन्मदिन की बधाई देने के लिए ,’दीदी ने मुस्का के मुझे देखा और हां में सर हिला दिया ,

अपने रूम में जाने के बाद मैंने डॉ चुतिया को काल किया और कल वाली पूरी बात बताई ये नहीं बताया की दीदी के साथ क्या किया पर डॉ ने वो अपने से ही समझ लिया ना जाने कैसे …

‘तुम्हे फिकर करने की कोई बात नहीं है ,तुमने जो देखा उसमे कितनी सच्चाई है इसका पता तो आज की ही न्यूज़ से पता चल गया ,देखो परमिंदर ने फ़ासी लगा ली और जो तुमने नेहा और राहुल के बारे में देखा उसकी फीकर मत करो ये तुम्हारे मन को एक प्रोजेक्शन हो सकता है ,मन बहुत तरह हे सपने दिखता है कुछ अच्छे कुछ बुरे पर जब तुम ध्यान में प्रवेश करते हो तो तुम्हारे फालतू विचार कम हो जाते है और तुम्हे कई चीजे दिखने लगती है ,तुम ये ना समझना की ये कोई शक्ति है नहीं मन तो हमें हमेशा ही सब दिखता रहता है ,हमें समझ नहीं आती क्योकि मन में बहुत से विचार चलते रहते है ,

तुमने पहले ही दिन में पूर्वाभास का अनुभव किया है ,ये कुछ लोगो में हमेशा से होता है ,तो कुछ हो ध्यान में जाने से सपनो में या बिचारो के रूप में होता है ,यह असल में बहुत ही छोटी ताकत है जो किसी भी ध्यान करने वाले को कुछ ही दिनों में आ जाती है ,और भी आगे जाने से तुम्हे एस्ट्रल ट्रेवलिंग,टेलीपेथी जैसी चीजो का भी आभास हो सकता है ,और जिन चीजो से तुम डर रहे हो उनसे डरो नहीं वो सब कॉमन है ,मन ऐसी चीजे भी प्रोजेक्ट करेगा जो तुम्हारे अंतस में बहुत ही गहराईयों में छुपी है कभी कभी तुम डर सकते हो पर इसे देखो देखो और सिर्फ देखो ,,,,’

डॉ की बातो से मुझे कुछ कुछ रहत मिली और मैंने कहा

‘डॉ अब आगे मुझे क्या करना है ,’

‘वो करो जो तुम कर सकते हो ,इतना ही काफी है की तुम उतना प्रयास करते हो जितना तुम कर सकते हो ,बाकि चीजे तो हो ही जाती है ,हर प्रयास तुम्हारी ताकत और क्षमता को बढाता है ,समझे …’

‘ज्यादा तो नहीं पर कुछ कुछ जरूर समझा ,’डॉ हसने लगे और मुझे बाय कहकर फोन काट दिया मुझे कुछ याद आया और मैंने उन्हें फिर से काल किया ,

‘डॉ मुझे कुछ दिनों पहले सांपो के सपने आये थे ,इसका क्या मतलब है ,’डॉ हसने लगे

‘हर सपनो का मतलब जानना चाहते हो क्या ,’डॉ की हसी जारी थी थी ,

‘डॉ प्लीज बड़ा ही भयानक था वो सपना ‘

‘अच्छा वो कुछ नहीं सापो का सपना देखने का मतलब है ,दबी हुई सेक्स की वासना ,जिसे तुम दबा देते हो उसे तुम्हारा मन सपनो से पूरा कर लेता है ,फिकर मत करो अब तुम्हे ये सपने नहीं आयेंगे क्योकि तुम्हारे साथ नेहा है ,’डॉ ने एक रहस्यमयी हसी हसी और फोन रख दिया…

मैं फिर से ध्यान में बैठ गया इसबार मेरा मन शांत हुआ लगभग एक घंटे बाद ही मैं उठा देखा की हर चीज बड़ी ही शांत और प्रसन्न लग रही थी ,मुझे बड़ा ही हल्का सा लग रहा था,

कुछ देर में मैं दीदी के रूम में गया वहा मुझे दीदी के कीसी से बात करने की आवाजे सुनाई दि,मैं थोड़ी देर ठहरा

‘हां ओके ,हां मैं आउंगी ना ,जी हां थैंक्स ,अरे आप भी ओके ओके सर ,नहीं मैं सर ही बोलना पसंद करुँगी ओक ,सी यु एंड अगेन हैप्पी बिर्थ डे,(एक हंसी )हा हा हा ,ओके सर बाय ,’मैंने देखा दीदी अपने होठो को दातो से दबाई हुई थी और थोड़े देर के लिए फोन के स्क्रीन को देख कर मन ही मन खुश हो रही थी उनकी खुसी मुझसे ना छुप सकी और मैं समझ गया की ये अविनाश से ही बात कर रही थी ,मैं अंदर आया दीदी ने मुझे देखा और मैंने उन्हें प्रश्नवाचक नजरो से देखा ,दीदी बिलकुल बच्चो की तरह उछल के खड़ी हो गयी और मुझे अपने बाहों में भर के नाचने लगी ,

‘भाई मैंने अविनाश को काल किया था और उसने मुझे अपनी पार्टी में इनवाइट किया है ,और आयशा को भी साथ लाने को कहा है ,’मैं आयशा का नाम सुनकर खुस हो गया मैंने दीदी को किस ले लिया ,

‘दीदी मैं भी चलूँगा ,’दीदी ने एक झूठे गुस्स्से वाला फेस बनाकर मुझे देखा ,

‘अच्छा बच्चू दीदी अकेले जाती तो कहता बोरिंग पार्टी में मैं क्या करूँगा और अब ,(दीदी खिलखिला दि ) ओके और अविनाश ने तुम्हे और राहुल को भी बुलाया है,’

‘वो हमें जानता है ,’मैंने थोड़े आश्चर्य से पूछा,’

‘अरे यार वो नेता है ,और नेता लोग सबको जानते है और तुम लोग तो मेरे स्कूल प्रसीडेंट के चुनाव के टाइम कितने एक्टिव थे ,और कितनी बार तो उससे मिल चुके हो ना ,’

‘हां वो तो है ,पर मुझे लगा नहीं था की वो हमें याद रखेगा ,अब हो मैं राहुल को भी काल कर देता हु और प्रीती को भी पकड़ लेंगे ,’

‘ओके ,लेकिन पार्टी शाम को है और तो अभी स्कूल जाने को तैयार हो जाओ राहुल भी आता ही होगा,और वही उसे बता देना ,मैं भी कॉलेज जाती हु,’दीदी ने मुझे एक किस दिया और मैं वहा से अपने रूम में आ गया…

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