Chapter 4
( पास्ट ) dp devil का ठिकाना अंजान
रात के 12 बज रहे थे दिपु अपने दोस्त जीत जीतू विजय के साथ जगे हुवा आपस मे बात कर रहे थे असल मे अभय को किसी का इंतज़ार था जो आने वाला था और वही अभय सभी के बाहर अपने घर जाने की चाभी थी आखरी उमीद भी
dp devil ने कई बच्चो को किंड्नैप करवाया और अभय यहा है dp devil के ठिकाने पे वहा कई सारे 15 से लेकर 25 तक से कैदी है लेकिन सभी को अलग अलग रखा जाता है वो भी बहोत टाइट निगरानी मे
2 साल हो चुके थे अभय को अपने मा भाई बेहन घर गाव से दूर रहे इस कैद मे
अभय और उसके दोस्त ट्रेनिंग के साथ अपने मिसन पे भी लगे रेहते थे अभय को बस जिस ने जेहर बनाया था उससे मिलना बातें करना था अभय की उमीद उसी से थी जिसने जेहर बनाया था हा अभय एक रिस्की दवा खेल रहा था अगर अभय ने जो सोचा है वैसा नही होता है तो अभय को उसका अंजाम अच्छे से पता था
2 साल लग जाते है लेकिन सायद किस्मत भी अभय के साथ थी एक मोक्का मिलता है अभय को उस सक्स से बात करने की और अभय ने सोचा वैसा ही होता है और बात बन जाती है लेकिन उसके लिये सभी को दो साल लगे कियुंकी जेहर बनाने वाले बन्दे से मिलना वो भी सब की नजरो से बच के बहोत मुश्किल था उसकी वजह dp devil था
अभय उसी बंदे का इंतज़ार कर रहा था कियुंकी आज का दिन तय हुवा था तभी दरवाजा खुलता है अभय सभी दरवाजे की तरफ देखते है अभय उस बंदे को देख खुश हो जाता है
बंदे का नाम था गोपाल जो 45 साल का था
गोपाल डरे छुपे अभय के पास आया था गोपाल के हाथो मे एक बैग था गोपाल अभय के पास आके बैठ जाता है
गोपाल – अभय को सभी को देख मे ज्यादा देर यहा रुक नही सकता गोपाल बैग को दिखाते हुवे वो बरा था गोपाल ये बैग सोना पैसों से भरा हुवा है गोपाल फिर जेहर का तोर देते हुवे ये जेहर का तोर है गोपाल फिर अपने पास से एक फोटो निकलता है और ये फोटो जिसमे उसकी बीवी बच्चे की की थी गोपाल आखो मे आसु लिये फोटो मे अपनी बीवी बच्चे को देख अभय को देते हुवे बेटा ये मेरी फैमलि है और इस फोटो के पीछे मेरे घर का एड्रेस भी है
अभय फोटो को देखता है फोटो मे गोपाल की बीवी और एक बेटा दो बेटी थी अभय फिर पीछे देखता है तो पीछे एड्रेस भी था गोपाल के घर का
गोपाल – अभय को को देख रोते हुवे बेटा मे अपने परिवार के साथ खुश था लेकिन dp devil की नजर मुझपे पर गई उसने मेरे अंदर मे एक विज्ञानिक था लोगो के लिये अपने परिवार के लिये कुछ करना कुछ बनाना चाहता था लेकिन dp devil कमीने की वजह से ना मे अपने परिवार के लिये कुछ कर पाया ना लोगो के लिये
गोपाल अभय को देख मुझे तुम्हारे ही जैसे किसी की तलास थी वो यहा से भागने की हिम्मत दिखा सके और फिर तुम मुझे मिल गये मे यहा से भाग नही सकता कियुंकी dp devil मुझे जाने नही देगा मे तो बाहर भी नही निकल पाता
गोपाल बैग को जो सोने पैसों से भरे थे आगे करते हुवे इसमें बहोत पैसे और सोने है तुम चारों भी इस पैसों को बात लेना और एक हिस्सा मेरे परिवार वालो को दे देना ताकि वो लोग एक अच्छी लाइफ जी सके अगर तुम ये कर दोगे तो मेरे दिल को सुकून मिलेगा की कम से कम कुछ तो कर पाया अपने परिवार के लिये
अभय – गोपाल के हाथो को पकरते हुवे गोपाल को देख अंकल मे अपनी मा की कसम खाके केहता हु अगर हम यहा से जिंदा निकल पाये तो मे जरूर आपकी फैमली के पास जाउंगा और उनका हिस्सा उन्हें दे दुगा उसी के साथ मे जब तक जिंदा रहुंगा उनकी हर मुश्किल मे मदद करुगा
गोपाल – खुशी के आसु बहाते हुवे अभय को देख थैंक्स बेटा मुझे ये सुन सुकून मिला
अभय – गोपाल को देख लेकिन एक प्रोबलम है
गोपाल – अभय को देख हैरानी से वो किया है
अभय – गोपाल को देख अगर हम यहा से भागने मे कामयाब हो जाते तो भी dp devil हमारे घर आके हमे और हमारे घर वालो को भी मार देगा
अभय की बात सुन जीत जीतू विजय भी हैरान और डर जाते है
गोपाल – अभय को देख अच्छा हुवा तुमने इस टॉपिक पे बात की उसकी चिंता मत करो मे dp devil को अपने परिवार या तुम लोगो के पीछे आने नही दुगा तुम ये सब मुझपे छोर दो
गोपाल अभय को एक नंबर देते हुवे ये उस सक्स का नंबर है जो पुरे हाथ मुह धोके dp devil के पीछे परे है गोपाल फिर एक फाइल देते हुवे और ये वो पुलिस नेता अमीर लोग है जो dp devil के साथ मिले हुवे है मेने तुम्हे जो नंबर दिया है वो एक बहोत ही इमानदार जिसपे पूरा भरोसा किया जा सकता है यही है वो जो बाकी dp devil के साथ मिले हुवे सभी लोगो को सजा दिला सकती है उसका नाम है इंस्पेक्टर नीतिका सिन्हा यहा से बाहर जाते ही इसे फोन करना और यहा का लुकेसन पता देगा दूसरा मोक्का देख जो फाइल है उसे भी दे दे देना उसके बाद मैडम खुद सभी को देख लेगी
गोपाल की पलानिंग उसका दिमाग देख सब हैरान हो जाते है
अभय – गोपाल को देख अपने तो हमारी सारी प्रोबलम ही खतम कर दी इस सब के लिये आपका दिल से सुक्रिया अंकल
जीतू जीत विजय भी गोपाल के सामने झुक उसका सुक्रिया करते है
गोपाल – सभी को देख बच्चो ये करने की जरूरत नही है अपने परिवार से दूर रेहना का दर्द मे अच्छे से समझ सकता हु मे चाहता हु की यहा जितने बच्चे है सभी अपने अपने मा बाप अपने परिवार के पास चले जाये
गोपाल अभय से बस समय का इंतज़ार करो जिस दिन तुम चारों को मिसन मे भेजा जाये भाग जाना अगर ऐसा नही भी होता है तो मे खुद dp devil को बना के तुम चारों को एक साथ मिसन पे भेजवा दुगा
गोपाल ये केह कर सभी को बाय कर चला जाता है
जीत – कितने अच्छे इंसान है ना काश ये भी हमारे साथ चल पाते
अभय – हा लेकिन जा नही सकते पर हम उनका काम जरूर करेगे
विजय – हा उन्होंने अपनी जान रिस्क मे दाल हमारी मदद की है
जीतू – उनका ये एहसास हम कभी नही भुलेगे
अभय – नम आखो से सही कहा कभी भी नही
( परजेंट ) रात 9 बजे – विनय के सुहागरात
आसा कमरे मे विनय को ज्ञान दे रही थी समझा रही थी और विनय मा के पास बैठे सारी बातें गौर से सुने जा रहा था
आसा – विनय को देख समझ गये बहु तुम्हारी जिमेदारी है एक बेटी अपने मा बाप को छोर अपने पति के भरोसे ही आती है तो तुम्हे उसे हमेसा खुश रखना है उसका खयाल रखना है
विनय – आसा को देख समझ गया मा आपने जो कहा उसे मे याद रखुंगा और दिशा का अच्छे से ख्याल रखुंगा
आसा – मुस्कुराते हुवे विनय के माथे पे किस करते हुवे मेरा बच्चा अब जा बहु तुम्हारा इंतज़ार कर रही होगी
विनय – ठीक है मा केह विनय चला जाता है
आसा – अभय को याद कर आसु बहाते हुवे काश मेरा लाल यहा होता तो कितना खुश होता अपनी भाभी को देख कर इस सांत परे घर मे कितनी चहल पहल हो रही होगी अभी
विनय कमरे मे आता है तो देखता है दिखा घुघट् मे बैठी हुई थी विनय को देख दिशा नीचे उतर विनय के पाव छूटी है फिर जाके बैठ जाती है
विनय दिशा के पास बैठ दिशा के घुघट् हो हटा के दिशा के देखता है तो दिशा सर्म से नजरे नीचे किये हुई थी दिशा दुल्हन के रूप मे बहुत खूबसूरत लग रही थी दिशा की सासे भी तेज हो गई थी

विनय दिशा के खूबसूरत चेहरे को देखते हुवे यकीन नही हो रहा मुझे इतनी खूबसूरत बीवी मिली है दिशा विनय की बातें सुन और सर्म से लाल हो जाती है लेकिन विनय से नजरे नही मिला पाती
विनय दिशा को मुह दिखाई मे एक लॉकेट निकाल खुद दिशा के गले मे पहनाते हुवे
विनय – ये मेहगा नही है बस कुछ हजार के है विनय ये केहते हुवे दिशा को लॉकेट पेहना देता है
दिशा – आखे खोल लॉकेट को पकर देखते हुवे मेरे लिये यही सबसे अच्छा बेस्ट गिफ्ट है मुझे कोई सोना चांदी नही चाहिये दिशा विनय को देखते हुवे मुझे आप जैसे अच्छे पति मिले एक प्यारी ननद मिली मेरी मा जैसी आसु मा एक प्यारा देवर भी थे बस उनकी कमी मुझे खल रही है ये घर स्वर्ग है कियुंकी आप सब अच्छे दिल के है एक दूसरे के लिये प्यार है और मे इस घर का आप सब का हिस्सा बन पाई मेरे लिये ये ही बहोत है
विनय दिशा की बात सुन उनकी सोच देख विनय को बहुत अच्छा लगता है विनय दिशा के गोद मे सर रख कर लेट जाता है दिशा हैरान होती है लेकिन दिशा को भी बहुत अच्छा लगता है दिशा विनय के बालों को सहलाने लगती है
विनय – दुखी आवाज मे तुमने सही कहा दिशा छोटे की कमी बहुत खलती है आज अभय यहा होता तो ये पल और खुसहाल होता काश उसकी जगह पे मुझे ले जाते तो अच्छा होता मा अदिति दोनों अभय से बहुत प्यार करते है और अभय को याद भी बहुत करते है
दिशा – विनय को देख किया सासु मा अदिति आपसे देवर जी जितना प्यार नही करते है
विनय – नजरे उपर कर दिशा को देखता है फिर नजरे नीचे कर करते है बहोत करते है लेकिन मेरी अपनी एक जगह है और अभय की अपनी एक जगह अभय मस्ती मजाक हस्ते मुस्कुराते हुवे रेहने वाला लरका है और मे मस्ती मजाक कम करता हु लेकिन अभय मा अदिति से मस्ती मजाक करते रेहता था इस लिये अभय के लिये मा अदिति का प्यार अभय के लिये गेहरा है
दिशा – विनय को देख समझ सकती हु लेकिन आप घर के बरे है और आप घर को लेके सोच कर चलते थे इसी लिये आप मस्ती मजाक मे कम रहते है और आगे की सोच लेकर जायदा और ये बात आसु मा अदिति जानती होगी वैसे भी बरे भाई के रेहते छोटा भाई मस्ती से जियेगा ही और आप भी तो यही चाहते थे देवर जी के लिये मुझे लगता है देवर जी को भी इसका पता होगा की बात उनके लिये किया है
विनय – दिशा को देख सच्ची
दिशा – विनय को देख मुस्कुराते हुवे सच्ची
एक कहावत है की दो लोगो की सोच मिलती है तो दिल भी मिलते है और दिल मिले है तो एक दूसरे के दिल का हाल भी दर्द सब जान लेते है ( ये कहावत मेने कही है खुद कैसी लगी मेने ये लाइन खुद सोच कर लिखा है पता नही किसी ने पेहले लिखा या ऐसा कुछ लाइन है)
तो दिशा विनय की सोच दिल मिल रहे थे इस लिये दोनों एक दूसरे का हाल दर्द समझ पा रहे थे
विनय दिशा को देख तो हम अपना काम सुरु करे दिशा सर्म से नजरे नीचे किये हुवे धीरे से जी
विनय दिशा को पकर धीरे से बिस्तर पे लेता देता है दिशा सर्म से अपनी आखे बंद कर लेती है विनय धीरे धीरे दिशा के गर्दन पे किस करने लगता है ये एहसास पेहली बार का दिशा को सिसकिया लेने पे मजबूर कर देती है दिशा आह करते हुवे कस के बिस्तर को पकर लेती है विनय धीरे धीरे किस करते हुवे दिशा के चुचे के थौरा उपर किस करने लगता है दिशा की सासे तेज होने लगती है

विनय फिर थौरा नीचे आके दिशा के चुचे को कपड़े के ऊपर से ही किस करने लगता है दिशा ये फिल कर और जोर से बिस्तर को पकर सिसकिया लेने लगती है विनय फिर किस करते हुवे उपर आके दिशा के रसीले होठो को मुह मे लेके किस करने लगता है दिशा विनय को बहो मे भर पकर लेती है और विनय का साथ देती है 2 मिनट के बाद दिशा सर्म से लाल नजरे नीचे कर लेती है
विनय दिशा को देख मुस्कुराते हुवे अपने कपड़े निकाल चड्डी मे आ जाता है फिर धीरे से दिशा के एक एक कपड़े को सरीर से अलग करने लगता है दिशा एक नजर देखती है फिर सर्म से लाल नजरे नीचे कर लेती है विनय को सारे कमरे अलग करने मे प्रोबलम हो रही थी तो दिशा विनय का साथ देती है फिर दिशा अब पूरी नंगी बिस्तर पे थी

दिशा सर्म से आखे बंद किये हुवे थी दिल जोर जोर से धक धक कर रहा था आके की सोच कर तो वही विनय दिशा के नंगे खूबसूरत कयामत बदन को देख पागल होने लगता है विनय दिशा के उपर धीरे से आके कान मे तुम बहुत खूबसूरत हॉट हो दिशा ये सुन सर्म के साथ खुश भी होती है
विनय दिशा के बरे गोल उजले चुचे को पकर दबाने लगता है मुह मे देखे पीने लगता है दिशा आह उह्ह् करना सुरु कर देती है विनय दिशा के चुचे पीने के बाद दिशा के पूरे बदन को चूमने लगता है

दिशा बिस्तर पकर जोर जोर से सिसकिया लेने लगती है दिशा ने बिस्तर को जोर से पकरा हुवा था विनय दिशा के हर अंग को किस करता है चूमता है फिर धीरे से उपर आके दिशा को देखता है दिशा सर्म से नजरे नीचे किये हुई थी विनय दिशा की हालत समझ कुछ नही केहता है फिर चड्डी निकाल दिशा के ऊपर आ जाता है
विनय अपना हाथ नीचे लेजाकर अपने लंड को पकर दिशा की चुत मे के छेद पे रख देता है दिशा विनय के लंड और उसकी गर्मी अपनी चुत पे फिल कर काप् जाती है दिशा को पता था अब किया होने वाला है

दिशा जोर से बिस्तर को पकर रखी थी थोरा डरी हुई भी थी विनय अपना निसाना सेट कर जोर का धक्का मारता है दिशा की चुत की सील तोरते हुवे विनय का लंड पूरा अंदर घुस जाता है दिशा दर्द मे आह करती है दिशा के आखो से आसु निकल आते है
विनय दिशा के ऊपर पूरा लेता हुवा था विनय थोरा रुकता है कियुंकी विनय को साफ मेहसूस हो रहा था दिशा की टाइट कुछ की छेद और चुत से निकल रहा खून जो की विनय के लंड से होते हुवे बिस्तर पे गिर रहा था विनय दिशा के कान मे धीरे से तुम ठीक हो दिशा दर्द भरी आवाज मे जी
विनय फिर धीरे धीरे धक्के मारना शुरू कर देता है और दिशा बिस्तर पकरे आह उह्ह् किये जा रही थी दिशा साफ मेहसूस कर पा रही थी विनय के लंड को अंदर बाहर आते जाते अपनी चुत मे

विनय धीरे धीरे चुदाई किये जा रहा था अपना लंड दिशा की चुत के अंदर बाहर किये जा रहा था विनय भी दिशा की गर्म टाइट चुत को साफ फिल कर पा रहा था दोनों का ये पेहला मिलन एहसास नया था
( सुबह हो जाती है )
दिशा सुबह उठ कर नहा धोकर रेडी होके अपने सर पे घुघट् दाल कर कमरे से बाहर आती है विनय अभी भी सोया हुवा था
आसा भी रेडी होकर बाहर आती है तो दिशा को देखती है कमरे से आते हुवे दिशा आसा को देख आसा के पास जाके झुक कर आशीर्वाद लेती है
आसा – दिशा के सर पे हाथ रखते हुवे हमेसा खुश रहो फूलों फलो बेटा
दिशा – आसा को देख सासु मा आप बहुत अच्छी है और मुझे पता है आप मुझे अपनी बेटी की तरह ही मानती है
आसा – दिशा को देख मुस्कुराते हुवे कियु नही मानुगी इतनी अच्छी बहु मुझे बेटी के रूप मे जो मिली है
दिशा को बहुत अच्छा लगता है की उसकी सादी इस घर मे हुई
दिशा – आसा को देख सासु मा खाने मे किया बनाना है
आसा – दिशा को देख मुस्कुराते हुवे अपने पति से पूछो जा जाके
दिशा – नजरे नीचे किये शर्मा के वो अभी सो रहे है आप ही बता दीजिये ना
आसा – मुस्कुराते हुवे भात लाल भुजिया बना लो सुबह यही बनता है
दिशा – खुश होते हुवे जी सासु मा
आसा – मुस्कुराते हुवे अपने काम पे लग जाती है लेकिन अपने लाल के खोने का दर्द उसके अंदर था जो सायद कभी जाने वाला नही था
दिशा खाना बनाने मे लग जाती है
अदिति भी उठ कर आख मलते हुवे बाहर आती है तो देखती है दिशा चावल धो रही थी अदिति मुस्कुराते हुवे दिशा के पास जाती है
अदिति – दिशा के पास आके कैसी रही सुहाग रात भाभी
दिशा चावल धोते हुवे नजरे उपर कर देखती है अदिति नाइट सूट पेहने हुवे खरी थी
दिशा – चावल रख सर्म से लाल होते हुवे नजरे फेर मे कियु बताऊ और आप किया करेगी ये जान कर दिशा ये केह लरकी से जलाने लगती है ( दिशा अभी भी घुघट् डाले हुवे थी और हमेसा रहेगी )
अदिति – दिशा को पीछे से गले गलते हुवे मे तो बस पूछ रही थी और थोरा बहुत तो मुझे भी ज्ञान होना चाहिये ना मेरी भी तो एक दिन सादी होगी
दिशा – हस्ते हुवे अदिति के हाथो को पकर अच्छा ये बात है लेकिन एक दिन मे ही सब जानना है चिता मत कीजिये धीरे धीरे मे आपको सारा ज्ञान दे दुगी ठीक है
दिशा – खरी होते हुवे ठीक है समझ गई लेकिन कम से कम इतना तो बता दीजिये सुहागरात कैसे गई
दिशा – घुघट् को एक हाथ से पकरे अदिति की तरफ देख अच्छी गई अब खुश
अदिति – मुस्कुराते हुवे हा खुश अदिति भी अपने नहाने चली जाती है
अदिति के जाने के बाद दिशा मन मे मुझे पता है आप सब मेरे सामने खुश रहने का दिखावा कर रहे है जैसे आप खुश है लेकिन मुझे पता है देवर जी को आप हमेसा याद करते रेहते है मिस करते है कितना प्यार है एक दूसरे के लिये दिल मे ऐसा मा बेटे बेहन भाई के बीच प्यार हर कही देखने के लिये नही मिलता
दिशा आगन के चारों तरफ नजरे दोराते हुवे अगर देवर जी होते तो इस घर का माहौल कैसा होता अभी
( परजेंट )
ट्रेन तेजी से झुक झुक करती हुई अपनी आखरी मंजिल की तरफ तेजी से बढ़ रही थी तो वही अभय खिरकी पे अपने तेहुने रख चेहरे को को हाथो पे रखे बाहर के नजारे देखने का मजा उठा रहा था तेज हवा खिरकी से अभय के पेहले पे पर रहे थे जिसकी वजह से दिपु के बाल हवा मे लेहरा रहे थे
इस सीन को पायल अभय के इसटाइल् मे बैठे दिपु के प्यारे हैंडसम चेहरे को देखे जा रही थी
तो वही अभय को हवा मे अपने गाव की खुबसु मेहसूस होती है तो अभय के अंदर एक हलचल सुरु हो जाती है अभय का टेंस चेहरे का इम्प्रेसंन बदलने लगता है जो पायल साफ देख पा रही थी
अभय बहोत होशियार पढ़ने मे तेज था भले ही अभय अपने गाव के बाहर जा नही पाया घूम नही पाया लेकिन कोन सा सेहर कहा परता है कोन सा जिला कहा उसके गाव के आस पास कोन गाव है सब पता था
इसी लिये अभय को पता था की अब वो अपने गाव के जिले मे आ चुका है और कुछ मिनट मे वो अपने ssa स्टेशन पे पहुच जायेगा फिर वहा से 30 मिनट मे अपने गाव यही सोच अभय का दिल खुश हो रहा था 4 साल नर्क मे रहने के बाद आज अभय अपनी मा भाई बेहन से मिलने वाला था उसी की खुशी अभय के चेहरे पे आ रही थी
वही पायल ये देख मन मे मेरा राजा मेरे बगल वाले गाव मे रेहता है ये तो मुझे पता चल गया लेकिन ये कहा से आ रहे है कहा गये थे कितने महीने साल बाद गाव जा रहे है मुझे पता नही है लेकिन पायल मुस्कुराते हुवे अभय को देखते हुवे आगे पता चल ही जायेगा
( पास्ट ) विनय की सुहागरात के 2 दिन बाद
सब सही चल रहा था दिशा भी बहुत खुश थी सभी दिशा को बहुत प्यार से रहे थे लेकिन अभय को कोई भी याद करना नही भूलते थे सब के समाने सब नही दिखाते थे पर सब को पता था सच
दोपहर – 1 बजे
अदिति स्कूल नही गई थी अपनी भाभी के साथ कमरे मे बातें कर रही थी अभय घर मे नही था आसा ये देख अपने चेहरे पे घुघट् दाल धीरे से घर के बाहर आके दिनेस अपने देवर के घर की तरफ निकल परती है
असल मे सादी के दिन दिनेस मोक्का देख आसा को पता दिया था की 2 दिन बाद उसकी बीवी बच्चे नही रहेगे घर पे साम को ही आयेगें और उसी दिन वो आ जाये इस लिये आसा जा रही थी अपना वादा पूरा करने
5 मिनट बाद आसा दिनेस के घर के पास आके अपनी मुठी कस अंदर जाती है दिनेस आसा का बहुत बेसबरी से इंतज़ार कर रहा था
आसा जब अंदर जाती है तो दिनेस कमरे मे बैठा हुवा था
असल मे दिनेस का घर पक्के मकान का है दिनेस थोरा अमीर है बस
आसा कमरे मे जाती है तो दिनेस आसा को देख बहुत खुश हो जाता है दिनेस खरा होते हुवे
दिनेस – आसा को देख भाभी आइये ना बैठिये
आसा- घुघट् डाले दिनेस को देख बेड पे बैठते हुवे देवर जी मेने जो वादा किया था उसे पूरा करने आई हु यहा बैठने नही घर मे मेरी बेटी बहु है जल्दी कीजिये और हा जितना हमारे बीच बात हुई थी आगे और कुछ करने की कोसिस की तो जान ले लुगी
आसा की करक आवाज धमकी सुन दिनेस बहुत हैरान होता है दिनेस मन मे आसा को देखते हुवे आज तो भाभी डरी हुई नही लग रही है लेकिन ऐसा कियु है
असल मे आसा अंदर से बहुत डरी हुई थी उसी के साथ आसा की आत्मा भी रो रही थी लेकिन आसा अपनी कमजोरी दिनेस को दिखाना नही चाहती थी कियुंकी आसा को अच्छे से पता था अगर वो कमजोर परी तो दिनेस कुछ और कर सकता है इस लिये आसा ने पेहले ही दिनेस को धमकी दे दी थी ये एहसास करा दिया था की वो दिल हुई उसके आगे कुछ करने की कोसिस ना करे
दिनेस आसा के पास बैठते हुवे
दिनेस – मे समझ गया भाभी जितना हमारे बीच बात हुई उतना ही मे करुगा कसम से दिनेस आसा को हवस वाली नजरो से देखने लगता है
आसा नजरे नीचे किये हुवे अपने आप को संभालते हुवे मुठी कस के धीरे आवाज मे
आसा -आप सुरु कर सकते है
दिनेस खुश होते हुवे आसा की जांघों पे हाथ रखता है तो बहुत मुलायम गरम फिल कर निदेश पागल हो जाता है
दिनेस – आसा के कान मे भाभी मेने आपको इतनी अच्छी बहु ढूढ़ कर दी मुझे भी यकीन नही हो रहा था मेरा दोस्त इतनी अच्छी लरकी आपके विनय के लिये ढूढ़ निकाले गा अगर मेरा बेटा थोरा बरा होता तो मे विनय से सादी नही करवा कर खुद उसे अपनी बहु बना देता
दिनेस आसा के मोटे जन्धो को दबाते हुवे
दिनेस – तो बस एक सवाल है जिसका जवाब आपको देना है तो मुझे अच्छा लगेगा आप को इतनी अच्छी बहु ढूढ़ कर दी है तो इतना कर ही सकती है नही जवाब देगी तो फिर भी मे खुद पता कर ही लुगा अगर देगी तो आगे भी मे आपकी मदद करता रहुंगा तो मेरा सवाल है आपने नीचे के बाल साफ किये है या नही
आसा का शरीर कापने लगता है आसा की मुठी कस जाती है आसा को अपने आप पर बहुत गुस्सा आ रहा था
तभी अंदर कोई आता है दरवाजा खुला था इस लिये
दिनेस आसा सामने देखते है तो दिनेस डर के मारे कापने लगता है तो वही आसा का दिल रुक सा जाता है आसा पथर् बन जाती है
सामने विनय था जो बहुत ही गुस्से मे था दिनेस जल्दी से आसा से दूर हथ खरा होके हस्ते हुवे
दिनेस – अरे भतीजे तुम आयो अंदर यहा
तभी बीच मे ही विनय दिनेस के चेहरे पे एक जोर दार घुसा दे मारता है दिनेस सीधा नीचे गिरता है विनय जाके दिनेस के कोलर को पकर गुस्से से दिनेस को देखता है
दिनेस – डरते हुवे भतीजे तुम मुझे
विनय मे बीच मे ही गुस्से से दिनेस को देख गुस्से से
विनय – तू कमीना था और आज भी कमीना है तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरी मा को चुने की
विनय गुस्से से लाल हो रखा था विनय दिनेस को 2 और लगता है फिर छोर देता है
दिनेस नीचे परा अपने चेहरे को पकरे दर्द मे आह किये जा रहा था विनय – गुस्से से दिनेस को देख आज को बाद मेरे घर के सामने भी अगर आप दिखाई दिये मुझे मेरी मा की कसम भले ही मुझे जेल हो जाये मुझे फासी मे लटका दिया जाये कोई परवाह नही लेकिन मे आपको जान से मार दुगा
दिनेस विनय का गुस्सा देख डर से कापते हुवे विनय को देख
दिनेस – कसम से तूने जो कहा वैसा ही होगा आज के बाद गलती से भी भाभी को देखा तो दूर घर के पास पास भी नही भट्कुगा
विनय – गुस्से से यही आपके लिये अच्छा होगा
विनय फिर आसा को देखता है आसा तो अभी भी पथर की तरह बैठी थी विनय अपनी मा की हालत को अच्छे से समझ सकता था
विनय आसा के पास जाके आसा के एक हाथ को पकर ले जाने लगता है आसा चल तो नही थी पर होस मे नही थी विनय सब से बचते बचाते अपनी मा को कमरे मे ले आता है और बैठा कर आसा को हिलाते हुवे होस मे लाता है
आसा जैसे ही होस मे आती जोर से रोने ही वाली थी की विनय आसा का मुह बंद कर धीरे से
विनय – मा घर मे दिशा अदिति भी है विनय फिर आसा को छोर देता
आसा विनय की बात सुन जोर से रोती तो नही लेकिन आखो से भर भर के आसु निकल रहे थे आसा विनय को गले लगते हुवे आसु बहाते हुवे
आसा – बेटा मुझे गलत मत समझना मे उस तरह की औरत नही हु
विनय आसा को अपने से अलग करते हुवे आसा के आसु को साफ करते हुवे
विनय – चुप हो जाइये मा मुझे पता है मेरी मा कैसी है मे आपको गलत नही समझ रहा ना ही आपको मुझे कोई सफाई देने की जरूरत है मुझे पता है आपने जो किया मेरे लिये किया और हर मा अपने बेटे के लिये कुछ भी कर सकती है मुझे पता है
विनय आसा को देख लेकिन कोई भी बेटा ये नही चाहेगा की उसकी मा खुद सब सेह कर उसके लिये कुछ करे कोई नही चाहेगा अपने सोचा है मेरी जगह अगर अभय होता तो किया होता
अभय का नाम सुनते ही आसा अपना मुह बंद कर और जोर जोर से रोने लगती है आसा खुल कर रोना चाहती थी लेकिन रो नही पा रही थी
विनय – मा अगर मेरी जगह अभय होता तो अभी मुझे जितना दर्द हो रहा है उससे कई ज्यादा दर्द उसे होता और दूसरी बात मे यकीन से केहता हु अभय चाचा को वही जान से मार देता
आसा हर एक बात सुन और जोर जोर से रोये जा रही थी 10 मिनट बाद विनय कैसे भी समझा बुझा कर आसा को सांत करवाता है
आसा – नजरे नीचे किये हुवे तुझे पता कैसे चला
विनय – आसा को देख जिस दिन चाचा घर आये थे पास पास के सभी लोगो को पता था हमारा चाचा से कोई रिस्ता नही है ना हमारे बीच बातें होती है ये तो अच्छा हुवा मेरे दोस्त ने साम को मुझसे पूछा की किया हमारा रिस्ता चाचा से सही हो गया है तो मेने जब अपने दोस्त से पूछा तो उसने मुझे बताया उसने चाचा को अंदर जाते हुवे देखा था बस मुझे तभी कुछ गर्बर् लगी
असल मे विनय का दोस्त लालू का घर विनय के घर के बिल्कुल सामने रोड उस पार था और लालू से दिनेस को अंदर जाते देख लिया था
विनय – आगे केहता है सादी जब मेरी हो रही थी मन्दिर मे तो मेने देखा बार बार चाचा आपकी चोरी छुपे देख रहे थे उनकी आखो को देख मे समझ गया कुछ तो हुवा है फिर उसके बाद मे आप पे चाचा पे नजरे रखने लगा मे कही गया नही था जब आप घर से निकली वैसे ही आपके पीछे पहुँच गया था और फिर मेने चाचा की बातें सुन ली
आसा नजरे नीचे किये हुवे आसु बहाते हुवे
आसा – माफ कर देना बेटा मुझे विनय आसा को गले लगाते हुवे मा आप सब भूल जाइये जो हुवा समझ लीजिये हमारी किस्मत अभी खराब चल रही है
इस घटना के बाद दिनेस आसा को अपने दिमाग से निकाल फेकता है
दिनेस आसा के घर के पास से जाता तो था लेकिन आसा के घर आते ही तेजी से निकल जाता था
आसा विनय अदिति दिशा अपनी लाइफ जीने लगते है लेकिन अभय की कमी हमेसा हर दिन सभी को रुला ही देती थी
( dp devil )
तो वही अभय अपने दोस्तो के साथ दिल लगा के ट्रेनिंग कर रहे थे कियुंकी अभय को अपनी टीम मजबूत बनानी की ताकि dp devil की नजर मे सभी आ सके जोकि बहोत जरूरी था तभी तो मिसन मिलेगा और बाहर जाने का मोक्का भी लेकिन उसके लिये सभी को हर टेस्ट पार कर हर ट्रेनिंग पूरी कर टॉप पे आना पड़ेगा जिसमे समय और मेहनत लगने वाले थे जोकि सभी कर भी रहे थे अभय ने पैसों सोने से भरा बैग अपने बिस्तर के नीचे गढ़ा खोद छुपा दिया था बस इंतज़ार था उस समय पल का इस कैद से आजाद होने के लिये
आज के लिये इतना ही ![]()
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