तू लौट के आजा मेरे लाल – Update 10

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( Chapter 10 )

    पुलिस स्टेशन

अभय पुलिस स्टेशन आके अंदर जाता है एक हवालदार जाके नितिका को

हवालदार – मैडम वो लरका आ गया है

नितिका – ठीक है अंदर भेजो

हवालदार जाके अभय को देख – तुम अंदर जा सकते हो

अभय बिना देरी किये अंदर चला जाता है अंदर अभय नितिका को चेयर पे बैठे देखता जो बहोत ही खूबसूरत लग रही थी

नितिका अपनी नजर अभय की तरफ कर अभय को देख बैठने के लिये केहती है अभय एक नजर नितिका को देख फिर बैठ जाता है

नितिका – तुम ही हो ना अभय जिसका किडनैप 4 साल पेहले हुवा था

अभय – आपने सही कहा मे ही हु अभय

नितिका अभय को देख – तो तुम्हे पता होगा मेने तुम्हे कियु बुलाया है

अभय – जी मुझे पता है

नितिका अभय को गौर से देखती है फिर

नितिका – तो किया तुम मुझे पता सकते हो तुम्हे किडनैप कैसे गया और 4 साल कैद मे रेहने के बाद तुम dp devil के कैद से भाग कर कैसे आये मे जानने के लिये बेचैन हु उस समय तुम 15 साल के एक बचे थे तो वही dp devil एक शैतान जिसने कई बच्चो को किडनैप कर गलत काम करवाता था मे वहा dp devil के ठिकाने पे गई थी इतनी टाइट सिक्रोटि के होते हुवे कैसे तुम भागने मे कामयाब हुवे और तो और तुम ही पेहले हो जो dp devil के कैद से भागने की सोची हिम्मत दिखाई और तुम कामयाब भी हो गये कैसे हाव

अभय अपने दोनो हाथो की उंगली को आपस मे जोर नितिका को देखता है नितिका अभय को देखती है जवाब के उमीद मे अभय एक गेहरि सास छोरता

अभय – अपनो का प्यार

नितिका कंफ्यूज नजरो से अभय को देख

नितिका – मतलब मे समझी नही

अभय नितिका की आखो मे देख – मेरी मा बेहन भाई इनके प्यार ने हि मुझे हिम्मत दी जब मुझे किडनैप कर वहा ले जाया गया तो एक 1 महीने तक रोता रहा डर कर रेहता था लेकिन फिर अचनाक् मुझमे हिम्मत आ गई मे उस कैद मे रेह कर जीना नही चाहता था मेने फैसला कर लिया मुझे अपनो के पास जाना अपनी मा भाई बेहन के पास जाना है बस मेने उस दिन से रोना डरना बंद कर प्लान बनाया और मोक्का मिलते ही भाग आया

नितिका पूरी तरह से हैरान ही अभय की बात सुन और ये सोच की एक 15 साल के बच्चे ने उस समय इतनी हिम्मत दिखाई

नितिका – तुम्हे डर नही लगा तुम पकरे जाते तो मारे जाते

अभय नितिका को देख मुस्कुराते हुवे – डर नही लगा कियुंकी मेने फैसला कर लिया था या तो भाग कर अपनी मा बेहन भाई के पास अपने घर जाउंगा या भागते हुवे मारा जाउंगा लेकिन मुझे कैद मे कातिल बन नही जीना था

नितिका और हैरान हो जाती है अभय की बात सुन

नितिका अभय को गौर से देखते हुवे मन मे – मानना परेगा मौत से सब को डर लगता है लेकिन ये लरका उस समय सिर्फ 15 साल का था लेकिन फिर भी मौत से डरा नही इसे अपनो के पास जाना था पता नही उसके और उसके मा बेहन भाई के बीच कितना प्यार होगा की इसके अंदर इतनी हिम्मत आई और मौत से भी नही डरा केहने को मे पुलिस इंस्पेक्टर हु लेकिन मुझे भी मौत से डर लगता है

नितिका सोच से बाहर आते हुवे अभय को देख

नितिका – लेकिन तुमने ये सब कैसे किया मेरा मतलब है

अभय बीच मे ही – आपके केहने का मतलब मे कैसे भाग कर आया जबकि dp devil के कैद से भागना नामुमकिन था

नितिका – करेक्ट

अभय पवन अंकल के बारे मे बताता है कैसे उसने पवन अंकल से मदद मांगी फिर उसे जेहर का तोर मिला और कैसे भागते वक़्त खुद dp devil को लेके मरे

अभय – पवन अंकल नही होते तो सच ये है हम कभी उस कैद से निकल ही नही पाते उन्होंने खुद अपनी जान देदी ताकि dp devil हमारे पीछे ना आये पवन अंकल ही थे जिन्होंने मुझे आपके बारे मे बताया उसकी वजह से ही आज dp devil मारा गया मे या जीतने लोग उस कैद मे थे वहा से निकल अपने घर अपने लोगो के पास लौट पाये

नितका और भी हैरान हो जाती है अभय की बात सुन कर

नितिका – अब मे सब समझ पा रही हु वैसे किया तुमने ही मुझे फोन कर बताया था dp devil के ठिकाने के बारे मे

अभय नितका को देख – हा मे ही था

अभय dp devil के फाइल निकाल नितिका को देते हुवे

अभय – पवन अंकल dp devil को लेकर मरे उन्होंने जो बम लगाये थे सिर्फ dp devil के ऑफिस मे ताकि बाकी लोगो कि जान ना जाये और ऐसा हुवा भी लेकिन dp devil के कई साथी वहा से भाग गये होगे लेकिन इस फाइल मे dp devil के कराइम् के साथ उनके साथी के पूरी लिस्ट है इसके जरिये बाकी dp devil के के साथी को आसानी से पकर पायेंगे

नितिका अभय से फाइल लेकर खोल कर देखती है तो पूरी तरह से हैरान परेसान हो जाती नितका फाइल नीचे रख अभय को देख

नितका – तुम्हारी सारी कहानी सुनने के बाद मे यही कहूगी पवन जी ने जो किया उनको सलाम लेकिन सबसे बरा हाथ तुम्हारा ही है अगर तुम हिम्मत नही दिखाते वहा से भागने कि तो सायद जो हुवा वो होता ही नही dp devil जिंदा होगा और तुम सब अभी भी उस कैद मे होते मे सरकार से

अभय बीच मे रोकते हुवे – नही उसकी जरूरत नही है मे बस चाहता हु पवन अंकल के बारे मे पूरी दुनिया जाने और हर वो मा बाप बेहन भाई को पता चले जब उनके अपने dp devil के कैद मे थे लेकिन आज वो उनके साथ है तो सिर्फ पवन अंकल कि कुर्बानी की वजह से भले ही मेने हिम्मत दिखाई लेकिन लेकिन सच ये है पवन अंकल के बिना हम अपने घर अपने लोगो के पास नही होते

नितका गौर से अभय की बात सुन देख रही थी

नितिका मन मे – किया लरका है इतना इमानदार दयावान हिम्मत वाला हैंडसम बॉडी ( अरे ये मे किया बोल सोच रही हु) चाहता तो सब केरिडेट खुद रख सकता था लेकिन उसने सब केरिडेट पवन को दे दिया

अभय – मैडम बस आप इतना कर देना अब मे चलता हु

अभय उठ कर जाने लगता है

नितका सोच से बाहर आके अभय को रोकते हुवे

नितका अभय को देख – सुनो अगर मुझे और कुछ पूछना हो तो

अभय – मुस्कुराते हुवे मे आ जाउंगा

अभय फिर बाहर निकल आता है और बाइक पे बैठे घर की तरफ निकल परता है

नितिका अभय के जाने के बाद मन मे – मुझे किया केहना है बोलना है पेहले ही ससमझ जाता है कमाल है बरा इंट्रेस्टिंग लरका है

अभय बाइक से घर की तरफ आ रहा था तभी अभय की नजर आगे ठोरी दूर जाती है तो देखता है कुछ 5 लरके एक लरकी को रोक कर छेर रहे था

असल मे अभय जहा था वहा दोनों तरफ खेत थे लोग भी बहोत कम थे जो अपने खेतो मे काम करने मे लगे हुवे थे लरके भी ऐसे जगह का फायेदा उठा रहे थे ताकि बीच मे कोई ना आये

अभय ये देख गुस्से मे आ जाता है अभय सीधा लरकी के पास ही बाइक रोक नीचे उतर लरको को देखता है

लरकी अभय को देख उसके सास मे सास आती है लरकी जल्दी से अभय के पीछे जाके चुप जाती है

अभय लरकी को देख – तुम बताओ यहा किया चल रहा है

लरकी अभय के पीछे से ही अभय को देख – भईया ये सब मुझे अकेले देख मुझे छेर रहे थे

अभय लरको को गुस्से से देख – कियु बे कमीनो लरकी को अकेले देख छेरते हो

लरका 1 बॉस अभय को देख – अबे साले

अभय तक तक उस लरके के पेट मे जोर से घुसा दे मारता है लरका नीचे गिर दर्द से चिलाने लगता है बाकी लरके अभय के एक्शन देख डर कर भाग जाते है

अभय नीचे बैठ लरके के बाल पकर आखो मे देख – दुबारा अगर मेने तुम्हे किसी लरकी को छेरते देखा तो मे अगली बार तेरी टांग ही तोर दूंगा

लरका दर्द मे पेट पकर रोते हुवे अभय को देख – मा कसम भाई आज के बाद मे कभी भी ऐसा नही करुगा

अभय – यही तेरे लिये अच्छा होगा चल निकल यहा हो

लरका पेट पकर जल्दी से उठ भाग जाता है

अभय फिर खरा होके लरकी के पास जाता है और लरकी को देखता है लरकी बहोत खूबसूरत थी मस्ती बॉडी थी बड़े चुचे बाहर निकले गांड पतली कमर बोले तो उपर नीचे आगे पीछे सब परफेक्ट

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लरकी अभय को देखते हुवे – थैंक्स भईया आप नही होते तो पता नही वो लरके किया करते मेरे साथ

अभय लरकी को देख – उसकी कोई जरूरत नही है उसके बदले ( अभय अपना गाल आगे कर) मुझे गाल पे किस दे सकती हो

( नोट अभय की ये बरी आदत है अभय को थैंक्स सुनना पसंद नही है लरका हुवा तो रोक देता है लरकी औरत हुई तो भाई को गालो पे किस ही चाहिये होता है )

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अभय की बात सुन पेहले लरकी हैरान होती है फिर शर्मा के अभय को देखती है फिर धीरे से गुलाबी होठों से अभय के गाल पे किस कर सर्म से नजरे नीचे कर लेती है लरकी का ये पेहली बार था कि उसने किसी लरके के गालो पे किस किया था

अभय लरकी को देख – तुम्हे बुरा तो नही लगा गाल पे किस मांगी तो वो क्या है ना मेरी सबसे बुरी आदत है मे अपने आप को रोक नही पता

अभय मन मे -कही ऐसा हो यही आदत किसी दिन मुझे मार खिलवा कर मारेगी

लरकी नजरे नीचेकर सर्म से – नही भईया मुझे बुरा नही लगा

अभय लरकी को देख – अच्छा ये बताओ तुम्हारा नाम किया है और तुम यहा किया कर रही थी

लरकी अभय को को देख – मेरा नाम मधु है भईया और मे यहा खेतो से आ रही थी मा खेतो मे गई है ना इस लिये

अभय – अच्छा ये बात है तुम इसी गाव की रहने वाली हो

मधु – जी भईया ( मधु आगे उंगली से इसारा कर ) आप वो बरगद का पेर देख रहे है वही मेरा घर है

अभय आगे देखता है तो थोरि दूर पे बरगद का पेर था

अभय – अच्छा समझ गया चलो तुम्हे घर छोर देता हु

अभय बाइक पे बैठ बाइक चालू करता है और मधु को देख

अभय – देख किया रही हो बैठ जाओ

मधु – जी जी भईया

मधु बाइक पे दोनों पैर एक तरफ कर बैठ जाती है अभय आईने से मधु को देखता है तो अभय को मधु के चेहरे पे डर दिखाई दे रहा था

अभय मुस्कुराते हुवे – मे तुम्हे गुरिया कहुंगा तो चलेगा ना

अभय की बात सुन मधु को ऐसा फिल होता है की अभय उसका अपना भाई है जो प्यार से उसे गुरिया बुला रहा है मधु को अभय के मुह से गुरिया सुन अच्छा फिल होता है

मधु थोरा इमोसनाल होके – जी भाई आप मुझे गुरिया केह सकते हो मुझे खुशी होगी

अभय मधु के इमोसनाल चेहरे को देख कुछ समझ नही पाता

अभय – ठीक है गुरिया तो तुम एक काम करो दोनों तरफ पैर कर बैठ जाओ और मुझे कस कर पकर देना ठीक है

मधु – जी भाई समझ गई

मधु फिर दोनों तरफ पैर कर बैठ जाती है और अभय को दोनों हाथो से कस कर कर पकर पुरा अभय से चिपक जाती है ठोरी भी जगह नही थी बीच मे

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मधु को बहोत सर्म आ रही थी मधु को पता था उसके बरे चुचे अभय से चिपके है और अभय को साफ फिल हो रहा होगा उसी के साथ मधु का ये पेहला एहसास था किसी लरके मे अपनी बॉडी को टच कराने का किसी लरके के से पुरा बॉडी चिपका कर बाइक पे बैठने का इस लिये मधु को बहोत सर्म आ रही थी

वही अभय अपना उसके दिमाग में कोई गंदी फीलिंग आ ही नही रही थी अभय को मधु के शरीर की गर्मी चुचे सब फिल हो रहे थे उसके बाद भी

अभय आईने मे मधु को देख – अब तू तुम्हे डर नही लग रहा है ना

मधु हैरानी से – आप को कैसे पता चला मुझे डर लग रहा था बाइक पे बैठने से

अभय – हस्ते हुवे तुम्हारे डरे चेहरे को देख कर

मधु शर्मा के – वो भाई किया है ना आज से पेहले मे बाइक पे नही बैठी हु इसी लिये डर लग रहा था लेकिन अब आप कोई कस के पकर बैठी हु तो अब डर नही लग रहा

अभय हस्ते हुवे – मुझे लगा ही था तो अब चले

मधु -जी भाई चलिये

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अभय बाइक लेकर निकल परता है बाइक तेजी से आगे बढ़ रही थी मधु अभय से चिपकी हुई थी मधु को मजा आ रहा था अच्छा फिल भी हो रहा था बाइक पे बैठ कर

अभय फिर मधु के घर पहुँच जाता है मधु बाइक से नीचे उतर अभय के सामने खरा होके अभय को देख

मधु – भाई अंदर आइये ना पानी पीके जाना आप

अभय – नही गुरिया अगली बार

मधु – उदास होते हुवे किया आप को इस गरीब के घर आने मे

असल मे मधु के घर की हालत बहोत खराब थी अभय यानी मधु की लाइफ बुरी चल रही थी और अभय तो मधु के कपड़े देख ही समझ गया था फटे पुराने कपड़े

अभय बाइक से उतर मधु को गले लगा के – पागल ऐसा नही है गरीब होना कोई पाप नही है अच्छा चलो मे चलता हुई

मधु खुश हो जाती है और अभय का हाथ पकर अंदर ले जाती है और अभय अंदर जाके एक खाट पे बैठ जाता है

मधु अभय के लिये पानी लाती है अभय पानी पिता है मधु अभय के पास बैठ जाती है अभय मधु को देख

अभय – ये बताओ घर मे कोन कोन है

मधु अभय को देख दुखी आवाज मे – मा पापा और मे

अभय समझ जाता है मधु कियु इमोसनाल हो गई थी

अभय खरा होते हुवे – ठीक है गुरिया मे जाता हु

मधु खरा होते हुवे – इतनी जल्दी जा रहे है भाई

अभय मधु को गले लगा के – तूने मुझे भाई कहा हो तू आज से मे तेरा भाई तु मेरी गुरिया लेकिन मुझे जाना होगा घर पे मेरा सब इंतज़ार कर रहे होगे लेकिन मेरा वादा हो हर रोज मे तुमसे मिलने आते रहुंगा

अभय की बात सुन मधु खुशी के मारे रोने लगती हो और अभय को कस पे पकर रोते हुवे

मधु – आप सच केह रहे हो आप मुझसे मजाक तो नही कर रहे

अभय मधु के चेहरे को पकर – सच्ची कसम से अब रोना बंद करो

मधु अपने आसु साफ कर – ठीक हो अब मे नही रोऊगी कियुंकी मुझे मेरा भाई मिल गया है

अभय मुस्कुराते हुवे – अब मे जाऊ

मधु रुकिये ( मधु अभय की गाल पे किस कर) अब जाइये

अभय मुस्कुराते हुवे – किसी मीठी थी

मधु – शर्मा के आप भी ना भाई

अभय फिर बाहर आके बाइक पे बैठ जाता है मधु भी वही खरी थी अभय मधु को देख – ठीक है गुरिया मे जा रहा हु अपना ख्याल रखना

मधु – जी भाई आप भी

अभय बाइक लेकर निकल परता है अपने घर

मधु अभय को जाते देख – किसने सोचा था आज मुझे मेरा भाई मिल जायेगा कई बार लरके मुझे छेरने कि कोसिस करते थे मे कैसे भी भाग जाती थी तब मे हमेसा यही सोचती थी काश मेरा भी बरा भाई होता तो मुझे उन कमीने लरको से सभी से मुझे बचाता लेकिन आज वो सब सच होता गया ( मधु की आखो मे खुशी के आसु थे)

अभय अपने घर आता हो और जब अंदर जाता है तो आसा कमरे से बाहर आते हुवे अभय को देख

आसा – केह कर गया था ठोरी देर मे आ जाउंगा और अब आ रहा है

अभय आसा के पास जाके बाहों मे लेके – मेरी प्यारी खूबसूरत मा आप कियु नाराज होती है कभी कभी देरी हो जाती है

आसा अभय को देख मुह फुला के – बस बहाना मारता रेहता है

अभय आस के गाल के किस करते हुवे – मान भी जाओ मेरी प्यारी मा

अदिति कमरे से बाहर आते हुवे – मान जाइये मा भाई इतने प्यार से जो केह रहे है देर जो जाती है कभी कभी

आसा अदिति को देख – आ गई भाई को लाडली अपने भाई कि साइड लेने

अदिति अभय के पास आके अभय कि बाहों का पकर आसा को देख

अदिति – हा हु मे अपने भाई कि लाडली और मे भाई का हमेसा साथ दुगी

आसा – वोतो मुझे पेहले से ही पता है भाई कि लाडली ( आसा अभय को देख) अब मुझे कबतक बाहो मे पकर कर रखेगा

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अभय आसा को प्यार से देख – मेरा बस चले मे आपको जिंदगी भर बाहों मे पकर रखू

आसा हस्ते हुवे – बरा आया छोर मुझे कई काम करने बाकी है

अभय आसा को छोरते हुवे – ठीक है अभी छोर रहा हुई बाद मे फिर पकर लुगा

आसा के गालो पे किस कर हस्ते हुवे – पकर लेना रोका किसने है

आसा फिर अपने काम पर लग जाती है अभय आदिरी को देख

अभय – मेरी गुरिया किया कर रही थी

अदिति अभय को देख – अभी तो कुछ नही ना आगे कुछ दिन कुछ करने वाली हु कियुंकी मुझे सिर्फ आपके साथ रेहना है बाते करना है घूमना है

अभय अदिति को बाहों मे कस – अच्छा ऐसा हो किया

अदिति अभय के गालो पे किस करते हुवे – हा भाई ऐसा ही है

अभय हस्ते हुवे – ठीक है फिर मुझे भी अपनी गुरिया के साथ वक़्त बिताना है बाते करनी है मस्ती करनी हो हम करेगे भी ठीक है

अदिति खुश होते हुवे – ये हुई ना बात भाई

अभय – ठीक है गुरिया मे भाभी से बात कर के आता हु

अदिति – ठीक है भाई

अभय फिर दिशा के कमरे मे आता है दिशा बिस्तर पे लेती हुई थी

अभय अंदर आते हुवे – मेरी खूबसूरत भाभी किया कर रही है

अभय की आवाज सुन दिशा अभय की तरफ देख

दिशा – अरे देवर जी आइये बैठिये था

दिशा भी उठ कर बैठ जाती है अभय दिशा के पास जाते बैठ जाता है

अभय दिशा को देख – अब टिक है मुझे आप का खूबसूरत चेहरा देखने को मिल रहा है

दिशा अभय को देख हस्ते हुवे – मेरे प्यारे देवर जि ने कहा था तो मे कैसे उनकी बात ना मानती

अभय – थैंक्स भाभी मेरी बात रखने के लिये

दिशा – ऐसा मत बोलिये

अभय – वैसे मे ये केहने आया था हम शोपिंग पे चलेंगे साम को ठीक है

दिशा हैरानी से अभय को देख – अच्छा लेकिन मुझे नही जाना आप सासु मा ननद जी चले जाना मुझे कुछ नही चाहिये

अभय हैरान होते हुवे – आप को चलना ही होगा नही तो मे आप से बात नही करुगा

अभय की बात सुन दिशा इमोसनल होते हुवे

दिशा – आप मुझसे बात नही करेगे

अभय इमोसनल होते हुवे – आप आप मेरी बात नही मानेगी

दिशा – अच्छा बाबा चलुंगी लेकिन मे लुंगी किया सब तो है

अभय दिशा को देख हस्ते हुवे – अच्छे नये कपड़े लेगे और आप अंदर के कपड़े भी मैच मैच भी ले लेना

दिशा अभय की बात समझ नही पाती लेकिन जब समझ मे आता है दिशा अभय को देख बेशर्म लेकिन तब तक अभय जल्दी से भाग जाता है

दिशा अभय को जाते देख – कहा भाग रहे ही देवर आइये ना मे कुछ नही कहूगी

अभय बाहर से – ना ना ना मुझे पता है आप मेरी धुलाई कर देगी

दिशा मुह पे हाथ रख सर्म से लाल होते हुवे – देवर जि नटखट मजाकिया है मुझे पता था लेकिन कितने बेसर्म है देवर जी आज पता चला गंदे देवर

  ( साम 3 बजे )

अभय ने सभी को केह दिया था शोपिंग पे जायेंगे तो सभी रेडी हो चुके थे और आगन मे आ जाते है

आसा अभय के पास जाके – बेटा उसकी किया जरूरत है हमारे पास कपड़े तो है ही ना

अभय – मा सब पुराने हो गये हो मेरे पास पैसे है तो मे भला आप सब को पुराने फटे कपड़े कैसे पहनने दे सकता हु

अदिति अभय के बाहों को पकर – भाई ने कहा है तो चलना ही है

दिशा – हस्ते हुवे हा हा भाई की लाडली

अदिति दिशा को जिब दिखा के – हा हु तो

दिशा हस्ते हुवे – बच्ची ही है अभी आप

अभय सब देख ठीक है चलते है बिना देरी किये

अभय बाइक नही लेता कियुंकी चार लोग जा नही सकते थे अभय सभी मैन रोड पे आके रिस्का पकर पास के मॉल मे आ जाते है सभी मॉल के बाहर खरे थे

अदिति मॉल को देख – आज पेहली बार इतने बरे मॉल मे जो भी शोपिंग करने जा रहे है मे तो बहोत खुश हु आज तो सब कुछ खरीद लुगी जो मुझे चाहिये

दिशा मॉल को देख – मेरा भी पेहली बार है ननद जी लेकिन मॉल देख लगता है अंदर कपड़े बहोत मेहगे होगे

आसा अभय को देख – बेटा हम हमेसा जहा लेते है वही कपड़े ले लेगे ना किया जरूरत है इतने बरे मेहगे मॉल मे जाने की

दिशा अभय को देख – देवर मम्मी जि सही कह रही है

सभी की बात सुन अभय मन मे – मेरे पास इतने पैसे है कि ये मॉल किया इससे बरी मॉल मे आप को ले जाऊ लेकिन फिल्हाल मुझे बहोत काम करने हो उसके बाद बरा घर गारी सब लूंगा

अभय सभी को देख – आप लोग कुछ जायदा ही सोच रहे ही चलिये अंदर जो लेना है खुल कर लेना पैसों की चिंता मत करना आप

अभय सभी को मॉल के अंदर लेके आता है अंदर मे मॉल बहोत ही बरा और खूबसूरत दिख रहा था अदिति आसा दिशा अभय भी सब पेहली बार मॉल मे आये थे इस लिये सब बहोत हैरान होते है

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अभय मॉल को देख मन मे – हम जैसे गाव के गरीब कई ऐसी जगह को बाहर से देख सकते है अंदर जाना और कुछ खरीदना दूर की बात है हमारी जिंदगी तो पूरा गाव मे ही गुजर जाती है लेकिन अब ऐसा नही होगा

अभय सब को देख चलिये चलते है सभी अभय के पीछे जाने लगते है

असल मे आसा अदिति दिशा थोरे नर्वस थे पेहली बार हो आये थे इतने बरे मॉल मे

अभय सभी को लेडीज सेक्सन मे लेके जाता है अंदर मे सब कुछ था

अंदर जाते ही एक सेल्स गिर्ल सभी के पास आके खरा हो जाती है

सर्ल्स गिर्ल आसा दिशा अदिति को देख – मैडम आप को किया चाहिये यहा सब कुछ मिलेगा हम आपकी पूरी मदद करेगे

अभय आगे आके दिशा मा के लिये खुद अच्छी सारी पसंद करता है और अदिति तो खुद लगी परी थी

अभय आसा के कान मे – मा लाल ब्लू कलर की नाइटी मे आप अच्छी लगेगी

आसा अभय को देखती है चेहरा सर्म से लाल हुवे परा था

आसा अभय को धीरे से – मेरे लाल ने कहा है तो जरूरु लुगी

अभय – थैंक्स मा

अभय दिशा के पास जाके अपने गांड से दिशा के गांड पे मारते हुवे

अभय – कियु भाभी ले लिया अंदर आ मैचिंग मैचिंग

दिशा सर्म से लाल अपने गांड से अभय के गांड पे मारते हुवे

दिशा – आपको उससे किया मे लू या ना आप को देखने मिलने वाला तो है नही

अभय दिशा के कान मे धीरे से – किया पता कभी देखने के लिये मिल जाये

दिशा हैरान सर्म से लाल अभय के कान पकर – आप बहोत नोटि होते जा रहे है

अभय – आह भाभी दर्द हो रहा है

दिशा अभय का कान छोरते हुवे – जाइये अपनी गुरिया को मैचिंग मैचिंग खरीद वाइये

अभय हस्ते हुवे – जा रहा हु लेकिन मैचिंग

तभी दिशा गुस्से से अभय को मारने दोरति है तो अभय भाग कर अदिति के पास आ जाता है

अदिति अभय को देख – भाई मुझे मदद करिये ना

अभय – ठीक है करता हु

  सब का कपड़े मेकप् सब हो चुका था बाकी बचे थे अंदर पेहने वाले कपड़े तो अभय सभी को केह कर बाहर आ जाता है और इधर उधर घूमन लगता है

दिया अदिति बिकनी सेक्सन मे जाते है तो सामने कई ब्रा पैंटी नये नये डिजाइन मे दिखाई देते है दोनो देखने लगते है तभी दिशा एक ब्रा को हाथो मे उठा के अदिति की तरफ देखते हुवे

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दिशा – ननद जी ये ब्रा ले लीजिये सूट करेगी अच्छा डिजाइन भी है देखने मे खूबसूरत भी आपके दोनो अनमोल बरे बरे चुचियों को भी आराम से अपने अंदर ले लेगी

अदिति सर्म से लाल दिशा को देख – छि बेसर्म भाभी मेरे बरे बरे है लेकिन आपके भी तो है आप ही ले लीजिये

दोनो ननद भाभी मस्ती मजाक कर ब्रा ले लेते है फिर जाते है पैंटी सेक्सन मे जहा कई कलर और नये डिजाइन की पैंटी थी दोनो अच्छे से पैंटी को देखते है कोन अच्छा है कुछ देर देखने की बाद दिशा

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दिशा हस्ते हुवे – ननद जी कितने नये डिजाइन के पैंटी है मेने तो आज तक नही देखी एक काम कीजिये ले लीजिये जिस डिजाइन कलर का ब्रा लिया उसी डिजाइन कलर का पैंटी ले लीजिये मैचिंग मैचिंग का जायेगा फिर देवर जी को देखा दीजियेगा पेहेन कर उन्होंने बहोत शोक है मैचिंग मैचिंग देखने का

दिशा ये केह जोर जोर से हसने लगती है अदिति तो हैरान सर्म से लाल होते हुवे अपनी भाभी को देखने लगती है

अदिति दिशा के पास जाके हस्ते हुवे – मुझे लगता है आपको ही मैचिंग मैचिंग ले लेना चाहिये भाई देखेंगे तो उनको मजा आ जायेगा

दिशा सर्म से लाल होते हुवे – मुझे नही लेना

अदिति हस्ते हुवे – अरे ले लीजिये ना

दोनो मस्ती मानक करते हुवे पैंटी भी ले लेते है बाकी मेकप् सब जो लेना था

आसा भी नाइटी पसंद करती है अभय के पसंद के कलर का

आसा मन मे शर्मा के – मेरा बेटा भी ना लेकिन ये कलर की नाइटी मुझपे अच्छी लगेगी

सब खरीदारी हो गई थी सिर्फ गेहने छोर कर कियुंकी दिलीप अभी नही चाहता था सभी हाई फाई रहे इसी लिये अभय छोटे मॉल मे लेकिन यहा था यहा कपड़े कम मेहगे थे हा ये सच है इस मॉल मे भी अभय के पास पैसा नही होता तो आ नही पाता लेकिन अब चीजे अगल थी अभय अभी सब को सिर्फ कुछ कपड़े दिलाता है बाकी अभय बरा घर लेने के बाद ही सब कुछ करने वाला था

आसा अदिति दिशा के पास अभय आते हुवे – किया आप लोगो ने जो लेना था ले लिया

आसा – हा बेटा जो लेना था हम ने ले लिया

अभय – ठीक है मे पैसा पे कर के आता हु

अभय फिर जाके जो बिल बना था पे कर के आता है

अभय फिर सभी को लेकर मोबाइल सेक्सन मे जाता है मोबाइल लेने

आसा – बेटा हम यहा कियु आये है तुम्हे मोबाइल लेना है किया

अभय तीनों को देख – घर मे किसी के पास एक मोबाइल भी नही है तो इस किये यहा आये है आप सब के पास मोबाइल रहेगा तो मे कही गया भी होऊगा तो बाते कर पायेंगे

आसा ये सुन कर ही खुश हो जाती है कियुंकी अब अभय कही गया होगा तो फोन कर बाते कर पायेगी

अदिति अभय के बाहों को पकर – भाई मुझे भी फोन चाहिये मस्ती वाला

अभय अदिति के सर पे हाथ फेरते हुवे- ये मस्त वाला फोन कैसा होता है चलो दिखाओ

अभय अंदर जाता है और अदिति दिशा मा उसी के साथ एक फोन एक्स्ट्रा लेता है और बिल पे कर देता है

सब कुछ हो गया था सभी बाहर आते है रिस्का पकरने सभी बाहर रुके हुवे थे

दिशा – देवर जी आज आपने बहोत खर्चा कर दिया किया जरूरत थी

अभय दिशा को देख – मेरी प्यारी भाभी ये तो कुछ भी नही था और वैसे भी मे आप लोगो के लिये कुछ नही करुगा तो कोन करेगा

आसा के गाल सेहला कर प्यार से देख – मेरा बच्चा कितना जिमेदार हो गया है आई लोव यू मेरे लाल

अभय आसा को देख – आई लोव यू मेरी प्यारी मा

अदिति बीच मे – आई लोव यू भाई

अभय अदिति को देख हस्ते हुवे – आई लोव यु 2 मेरी प्यारी गुरिया

अभय दिशा को देख हस्ते हुवे – भाभी आप की बारी

दिशा घुघट् मे थी लेकिन अभय की बात सुन सर्म से लाल होते हुवे

दिशा – आई लोव यू देवर जी

अभय हस्ते हुवे – आई लोव यू 2 भाभी

वही आसा अदिति जोर जोर से हसने लगते है तो दिशा और शर्मा जाती है

रिक्सा आने की बाद सभी 5 बजे घर आते है सभी समान रख आगन् मे बैठ बाते करने लगते है तभी अंदर चार लोग आते है आसा अभय सभी पीछे देखते है तो अभय अपना सर पकर के

अभय मन मे – आ गया कमीना फिर दिमाग खाने

हा ये विजय था अपनी मा मिनिता अपनी बेहन बुवा के साथ अभय के घर पधार चुका था

विजय अभय को देखते ही खुशी से पागल होते हुवे – बॉस

विजय को अभय को बॉस केहता सुन देख सभी हैरानी से अभय को देखने लगते है

अभय अपना सर पिटते हुवे मन मे – साला कुता कमीना अब मे सब को कैसे सम्झाऊगा

      आज के लिये इतना ही 🙏🙏🙏

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