”आआआआआआूओ ना……और कितना तड़पाओगे……आओ प्लीज़……अजय…….कम हेअर …..एंड सक मिईीई…..”
ये शब्द सुनकर तो पूजा के कमरे में खड़े हुए अजय का चेहरा पूरा खिल उठा…वो ये बात तो समझ गया की पूजा इस वक़्त उसका ही कोई सपना देखकर उसे अपने पास बुला रही है…
पर इस बात का कैसे यकीन करे की वो नींद में सपना ले रही है…क्योंकि उसकी हरकतों से तो सॉफ पता चल रहा था की वो जागी हुई है और मस्ती में डूबकर उसने अपनी आँखे बंद की हुई है…
पर आज पार्क में उसने जो मज़े पूजा के साथ लिए थे, उसके बाद उसे पूरा यकीन था की वो जल्द ही थोड़ा और आगे बढ़कर उसे और मज़े देगी…इसलिए वो बिना डरे आगे आया और अपने पेट के बल वो बेड पर लेट गया..और अपना मुँह सीधा पूजा की चूत पर लेजाकर टीका दिया..
पूजा की हालत इस वक़्त बड़ी नाज़ुक अवस्था में थी…वो असल और सपने की दुनिया के बीचो बीच थी…
यानी वो बिना सोए ही इस वक़्त ऐसा सपना देख रही थी जिसे वो अपने जिस्म पर महसूस कर पा रही थी…असल में उसके साथ क्या हो रहा था उसे इसका बिल्कुल भी ज्ञान नही था..
इसलिए जैसे ही अजय ने अपनी जीभ निकाल कर उसकी चूत के उपर लगाया, पूजा के हाथों ने बड़ी ही बेदर्दी से उसके बालों को पकड़कर अपनी चूत पर उसके पूरे मुँह को रगड़ डाला..
और ये सब वो सपनो की दुनिया में रहकर अपने प्यारे जीजू अजय के साथ कर रही थी…जो बारिश और कीचड़ में भीगकर उसकी दोनो टॅंगो के बीच आ पहुँचा था और उसकी चूत को किसी कुत्ते की तरह चाट रहा था.
अजय ने उपर से बरस रहे पानी से उसकी छूट को नहलाया और सॉफ किया और फिर अपना मुँह लगा दिया उसकी गीली चूत पर…
ठंडा पानी बरस रहा था फिर भी उसकी चूत किसी भट्टी की तरह तप रही थी.
अजय की गर्म जीभ उस आग को और भड़का रही थी.
और इधर अजय को तो जैसे कोई खजाना मिल गया था..
जिस चूत को चाटने के सपने वो शाम को देख रहा था वो इतनी जल्दी उसे चाटने को मिल जाएगी ये उसने सोचा भी नही था…कुँवारी चूत की महक अलग ही होती है…इसलिए अजय अपना पूरा मुँह खोलकर उसकी पूरी की पूरी चूत को अंदर निगल गया और फिर चाटने लगा…बीच-२ में वो ऊपर उठकर उसके मुम्मे भी चूस रहा था
और अपने सपने में अपने जीजू से चूत को चुसवा रही पूजा तो मस्ती से सराबोर होकर अपना रस निकालने लगी…
”आआआआआआआआआआअहह एसस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स जीजू …………….. उम्म्म्ममममममममममम … ऐसे ही . …………… कुत्ते की तरहा छातो……………… …आहह….जैसे दीदी की चाट रहे थे …………….. अब उनकी बहन की चूसो …………………अहह …… ऊऊऊऊऊऊऊहह मेरे प्यारे जीजू ……….. ….एसस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स ….. आई एम कमिंग ……………….. जीजू …… ऑश जीजू …… उफफफ्फ़ जीजू ……………….”
और इसके साथ ही उसने चम्मच भरकर शहद अपनी चूत से निकाल फेंका…जिसे अजय की लपलपाति जीभ ने बूँद-2 करके पी लिया….
और झड़ने के साथ ही पूजा की कमर कमान की तरह टेडी होती चली गयी….सिर्फ़ उसके पैर और सिर ही बेड पर रह गया…बाकी का पूरा शरीर उपर हवा में उठ गया…
अजय वहीँ नीचे बैठा रह गया…और वो पूजा की चूत को धीरे-2 किसी अंतरिक्ष यान की तरह उपर जाते हुए देखता रहा…
और अपने चरम पर पहुँचकर पूजा ने अपने अंदर की वो आख़िरी बूँद भी बाहर निकाल दी जो उसके ऑर्गॅज़म को इस ऊंचाई तक ले आई थी.
और वो बूँद गाड़े रस की लकीर बनकर नीचे गयी…और सीधा अजय के खुले हुए मुँह में आ गिरी.
और जिस तरह से पूजा की चूत का यान उपर गया था, ठीक उसी अंदाज में फिर से एक बार वो नीचे आने लगा…और अजय के चेहरे के सामने पहुँचकर उसने लेंड़ किया.
अजय के हाथ भी अपने लंड पर बुरी तरह से चल रहे थे,और जैसे ही पूजा की चूत वापिस उसके सामने आई, उसका गुलाबीपन देखकर उसके लंड ने अपना रस उगलना शुरू कर दिया, और वहीं बेड अजय ने अपना सारा रस गिरा दिया
और अजय एक बार फिर से उसकी चूत पर टूट पड़ा…
और उधर अपने सपने में बुरी तरह से झड़ने के बाद अजय जिस तरह से उन झाड़ियों में से निकल कर आया था, उन्ही में वापिस रेंगता चला गया…और पीछे छोड़ गया पूजा के नंगे शरीर को…बारिश की बूँदो के नीचे…
पर अजय के चले जाने के बाद भी उसकी चूत पर होंठों का उसका एहसास उसे चौंका गया और यही वो वक़्त था जब किसी अनहोनी की आशंका के साथ उसने अपनी आँखे खोल दी.
और जैसे ही अपनी टाँगो के बीच उसकी नज़रें गयी,अजय को वहाँ मुँह मारता हुआ देखकर उसके होश ही उड़ गये.
वो समझ गयी की जिस छोटे से सपने में जाकर वो मज़े ले रही थी, वो सब असल में हो रहा था उसके साथ..और शायद इसलिए उसे आज तक ऐसे मज़े नही महसूस हुए थे जो आज हुए..
वो आश्चर्य में डूबकर चीख सी पड़ी
”जी जीजूssssssssssssssssssssssss …….आ आ आआआआआआआप्प्प्प्प्प …..”
अजय ने मुस्कुराते हुए अपना चेहरा उपर उठाया…उसके पूरे चेहरे पर चमकीला रस लगा हुआ था….ऐसा लग रहा था जैसे किसी मक्खन की हांड़ी में मुँह मारकर निकला हो अजय..
वो मुस्कुराते हुए बोला : “हाँ मेरी जान…..मैं …..तुम्हारा प्यारा जीजू…………”
पूजा ने तुरंत सीधा होते हुए पास पड़ी चादर से अपने नंगे शरीर को धक लिया..वो अभी तक नही समझ पा रही थी की ये सब कैसे हुआ…कब अजय उसके कमरे में आया और कब वो उसकी चूत से खेलने लगा,इस बात का उसे एहसास ही नही हुआ….उसे इस वक़्त अपने आप पर काफ़ी गुस्सा भी आ रहा था…क्योंकि ऐसे में तो अजय उसकी चूत भी मारकर निकल जाता और वो यही सोचकर की ये तो सपने में हो रहा है..कुछ ना कर पाती..
पर जो भी हुआ था उसके साथ, उसका गुदगुदा सा एहसास अभी तक उसे रोमांचित कर रहा था..वैसे भी पार्क में जो कुछ भी हुआ था, उसके बाद तो पूजा सोच ही चुकी थी की अगली बार पता नही कैसे और कब ऐसा कुछ होगा…या ऐसा कोई मौका भी मिल सकेगा उन्हे या नही..पर अजय ने तो कुछ ही घंटो मे इस मौके की तलाश करके उसकी चूत चाट डाली..
पर वो अपनी तरफ से गुस्सा दिखाकर और सकुचा कर यही दिखाने का प्रयास कर रही थी की वो सब इतनी आसानी से नही होना चाहिए था…वो ऐसी नही है की उसके जीजू जब जी चाहे उसके साथ कुछ भी कर सके..इसलिए वो डरने का नाटक करती हुई चुपचाप सी होकर बैठ गयी.
अजय समझ गया की उसके मन में क्या उथल-पुथल चल रही है..उसने अपना मुँह उसी चादर से सॉफ किया और सीधा होकर उसके सामने आकर बैठ गया.
अजय : “मुझे पता है की इस वक़्त तुम्हारे मन में क्या चल रहा है….ज़्यादा मत सोचो…मुझे पता है की इन सबमे तुम्हे भी मज़ा आ रहा है…”
पूजा (थोड़े गुस्से में ) : “मुझे आपसे ऐसी उम्मीद नही थी ….. इस तरह मे मुझे सोता हुआ देखकर आपने मेरा फायदा उठाया है आज….ये बिल्कुल भी सही नही है…आपको ऐसा नही करना चाहिए था….”
अजय : “और तुमने जो किया वो !!!!! …वो सही था क्या…”
पूजा : “मैने…!! मैने क्या किया ?”
अजय : “मेरे रूम के बाहर खड़े होकर तुमने आज मेरी और प्राची की चुदाई जी भरकर देखी थी….बोलो…. देखी थी या नही…”
अजय की ये बात सुनकर पूजा की आँखे फटने जैसी हो गई..उसने तो सोचा भी नही था की अजय को ये बात पता थी…फिर उसने सोचा की शायद अजय ने उसे बाहर खड़े हुए देख लिया होगा..
पूजा : “वो …वो तो …वो तो बस….”
अजय : “वो तो बस तुम अपने एंजाय्मेंट के लिए देख रही थी…है ना…”
थोड़ा रुक कर वो बोला : “और जानती हो मुझे कैसे पता चला…”
पूजा उसके चेहरे की तरफ प्रश्न भरी नज़रों से देखने लगी
अजय ने फ़ौरन पास ही पड़ी पूजा की गीली कच्छी उठाई और उसके सामने लहरा दी.
अजय : “ये देख रही हो ना…जब इसका ये हाल है तो सोचो, तुम्हारी चूत का क्या हाल हो रहा होगा उस वक़्त…जब तुम वहाँ खड़ी होकर हमारी चुदाई के खेल का मज़ा ले रही थी…तुमने मेरे कमरे के बाहर ढेर सारा रस गिरा दिया था…और उसी को देखकर मैं समझ गया था की तुमने वहाँ खड़े होकर कितनी बुरी तरह से अपनी चूत को मसला होगा..बस, यही सोचकर मैं तुम्हारे कमरे में आया की तुम अब क्या कर रही हो…और यहा भी तुम, अपने कपड़े उतार कर ,आधी नींद में डूबी हुई अपनी चूत रगड़ रही थी…वैसे तुम्हारी नींद का फायदा उठाकर ऐसा कुछ भी करने का मेरा कोई इरादा नहीं था, पर जब तुम्हारे नंगे बदन को देखा तो मेरा ईमान डोल गया पूजा, सच में , तुम्हारे जैसी बॉडी मैंने किसी की नहीं देखि आज तक, इतनी सेक्सी हो यार तुम, शरीर अंग बिलकुल परफेक्ट है, और ये सब देखकर मुझसे रहा नहीं गया , इसलिए मैने सोचा की थोड़ी तुम्हारी हेल्प कर दी जाए…”
इतना कहकर अजय चुप हो गया.
अजय के मुँह से लगातार चूत और चुदाई शब्द सुनकर पूजा की हालत खराब हो रही थी.और साथ ही अपने बदन की तारीफ सुनकर उसे बहुत मजा भी आ रहा था
लड़कियों को तारीफ पसंद होती है, ये बात अजय भी अच्छी तरह से जानता था
और अब पूजा समझ चुकी थी की ग़लती तो उसी की थी…और जो चोरी उसने की थी,वो अजय ने पकड़ भी ली थी…और इसलिए उसने उस चोरी की सज़ा दी थी पूजा को…जो सज़ा से ज़्यादा मज़ा थी.
बेचारी से कुछ बोलते नही बना तो उसके चेहरे पर मुस्कुराहट तैर गयी..
और सिर्फ़ एक ही शब्द निकला उसके मुँह से
”ठरकी कहीं के”
और फिर दोनो एक साथ हंस पड़े.
अजय भी समझ गया की उन दोनो के बीच की ये आख़िरी दीवार भी गिर चुकी है…
वो थोड़ा उपर आया और वो पूजा के साथ उसकी चादर में घुस गया…और उसके सिर को पकड़कर अपने कंधे पर लगा लिया और दोनो एक दूसरे से चिपक गये.और अगले ही पल दोनों दूसरे को बुरी तरह से स्मूच करने लगे
भले ही इस वक़्त पूजा उसकी बाहों में नंगी थी…पर अब कुछ भी और करने की हिम्मत नही थी उसमे …शाम से लेकर अब तक ना जाने कितनी बार झड़ चुका था वो..एक बार और करने की हिम्मत नही हुई उसकी…वैसे भी वो अभी कुछ दिनों तक उसकी कुँवारी चूत का मज़ा लेना चाहता था.
कुछ देर तक ऐसे ही इधर उधर की बातें करने के बाद और ढेर सारी स्मूच करने के बाद अजय चुपचाप अच्छे बच्चे की तरह वापिस अपने कमरे में चला गया.
पूजा भी पूरी रात सो नही पाई…एक अजीब सा गुलाबीपन आ चुका था उसके चेहरे पर…अजय की हरकत के बारे में और उस सपने के बारे में सोचकर वो काफ़ी देर तक मुस्कुराती रही….
और अजय तो उसके बाद घोड़े बेच कर सोया…अगला दिन उसके लिए काफ़ी खास था..
सोनी के घर हो जाना था उसे.
पर इस बीच कुछ और झटके उसका इंतजार कर रहे थे..
अगले दिन पूजा की नींद 7 बजे ही खुल गयी…वैसे भी अजय के बारे में सोचते हुए उसे पूरी रात नींद ही नही आई थी.
वो उठी और बाहर आ गयी, प्राची भी उठ चुकी थी और उसे गुड मॉर्निंग बोलकर वो वापिस अपने घर चली गयी, क्योंकि उसे अपने कॉलेज भी जाना था और उसके कपड़े तो घर पर ही थे.
घर पहुँचकर उसने देखा की उसकी कजिन रिया छोटी सी चड्डी और छोटी सी टी शर्ट में सो रही है…जिसमें वो बड़ी ही सेक्सी लग रही थी.
और अनायास ही उसके मुँह से निकल गया ‘इसे अगर मेरे ठरकी जीजू ऐसे सोते हुए देख ले तो अभी नंगा करके चोद डालेंगे….’
और फिर वो खुद ही अपनी कही बात सोचकर मुस्कुरा दी.
और उसने आगे बढ़कर उसकी गद्देदार गांड पर धीरे से चपत लगा दी और बोली : “गुड मॉर्निंग स्वीटहार्ट….उठ जाओ…जाना नही है क्या इंस्टिट्यूट ..”
रिया किसी अबोध की तरह अपनी आँखे मलती हुई उठ गयी और पूजा को देखकर बोली : “गुड मॉर्निंग दीदी…आ गयी आप…पता भी है, मुझे रात को कितनी याद आ रही थी आपकी..अकेले सोने में बिल्कुल भी अच्छा नही लग रहा था.”
पूजा उसके साथ ही पलंग पर लेट गयी और बड़ी ही सेक्सी आवाज़ में बोली : “ओले ओले…..मेरा दुधू पीना था क्या…..आज की रात रहूंगी मैं तेरे साथ..जो करना है कर लियो..हे हे हे ”
पूजा को ऐसी बातें करते देखकर रिया हैरान रह गयी…क्योंकि वो जब भी अपनी तरफ से कुछ ऐसी बातें करती थी तो पूजा उसे टोक देती थी पर एक ही रात में पूजा दीदी को क्या हो गया है जो वो ऐसी बातें कर रही है..
अब उस बेचारी को क्या पता की एक दिन में पूजा ने क्या-2 जलवे देख लिए है अपने जीजू के साथ…और शायद इसलिए वो अब रिया के साथ ऐसे खुलकर बातें कर रही थी.
पर अभी के लिए ज़्यादा बात करने का समय नही था.क्योंकि उसके कॉलेज जाने का टाइम हो चुका था..इसलिए दोनों फटाफट एक के बाद एक बाथरूम में गयी और तैयार होने लगी.
पूजा को जल्दी निकलना पड़ता था इसलिए वो नाश्ता करके चली गयी…रिया हमेशा की तरह अपने जीजू के साथ जाने के लिए उनका इंतजार करने लगी.
और दूसरी तरफ जब अजय नहा धोकर नाश्ते का इंतजार कर रहा था तो उसके मोबाइल पर वेट्स एप का एक मैसेज आया…उसने खोलकर देखा तो उसके चेहरे पर मुस्कुराहट आ गयी..
वो उसके दोस्त की बीबी अंजलि का मेस्सेज था…
उसने गुड मॉर्निंग लिखकर भेजा था.
अजय ने भी रिप्लाइ किया : ‘गुड मॉर्निंग…..आ गयी मेरी याद…इतने दिनों के बाद…’
अंजलि : ‘अर्रे…अनिल ने बताया नही क्या…मैं तो अपने मायके गयी हुई थी…चंडीगढ़ …..कल रात ही वापिस आई हूँ ..’
अजय : ‘ओहो….ये तो मुझे पता ही नही था…अनिल से बात तो हुई थी पर आपके बारे में पूछकर कोई शक नही पैदा करना चाहता था मैं उसके मन में ..’
अंजलि ने रिप्लाइ में हँसी से लोटपोट एक स्मायली भेज दिया.
अजय ने प्राची की तरफ देखा जो किचन में खड़ी होकर उसके लिए नाश्ता बना रही थी..वो इत्मिनान से एक बार फिर से चेटिंग करने लग गया.
अजय ने कुछ देर इंतजार किया और लिखा : ‘मैं तो बड़ी बेसब्री से तुम्हारी उन सेक्सी पिक्स का वेट कर रहा था’
वहां से भी थोड़ा रुक कर रिप्लाइ आया : ‘तुम बस पिक्स को देखकर ही गुजारा करते रहना..थोड़ी हिम्मत कर लो तो शायद उन्हे लाइव देख पाओगे..’
ये तो खुल्लम खुल्ला निमंत्रण था उसके लिए…
उसने तुरंत रिप्लाइ भेजा : ‘वो तो आप ही बताओगी ना की आप पिक्स दिखाओगी या लाइव शो..’
अंजलि : ‘मैने कब मना किया है…आज ही आ जाओ…शाम को…ऐसा शो दिखाउंगी की मजा आ जायेगा ‘
ये पड़ते ही उसके लंड ने जोरदार अंगड़ाई ली उसकी टाइट पेंट में …उसने बड़ी मुश्किल से बैठे-2 ही अपने लंड को पेंट में अड्जस्ट किया…और जैसे ही वो लिखने वाला था की ओके ,शाम को आता हूँ उसके दिमाग़ में सोनी का चेहरा घूम गया….उसने भी तो आज शाम को उसे अपने घर पर बुलाया था…एक ही दिन में वो दोनो जगह कैसे जा पाएगा..
और वैसे भी अंजलि भाभी चाहे जितनी भी सेक्सी हो, सोनी जैसे कच्चे माल के आगे वो नही टिक सकती थी…और ये बात अजय अच्छी तरह से जानता था की अंजलि भाभी तो काफ़ी चालू किस्म की औरत है..वो तो कभी भी मिल सकती है…पर सोनी को किसी और दिन के लिए छोड़ने का मतलब था उसे हमेशा के लिए खो देना..इसलिए कम से कम उसकी एक बार लेकर वो उसकी तरफ से फ्री हो जाना चाहता था.
इसलिए उसने रिप्लाइ किया : ‘ओहो….भाभी…आज तो किसी भी कीमत पर नही आ सकता…एक ज़रूरी मीटिंग है मेरी आज…प्राची के साथ भी डॉक्टर के पास जाना था, उसे भी अभी मना किया है मैने…प्लीज़ कल का रख लो..’
उसके बाद वहां से कोई रिप्लाइ नही आया और एक मिनट के बाद अंजलि भाभी भी ऑफलाइन हो गयी.
अजय समझ गया की वो गुस्सा मान गयी है.
उसने निश्चय कर लिया की बाद में वो फोन पर उनके साथ बात करके उन्हे सही से समझा देगा.
और फिर जल्दी से नाश्ता करके वो बाहर आ गया और सीधा पड़ोस में बने अपने ससुराल में घुस गया रिया को लेने.
दरवाजा उसकी सास ने खोला..वो अभी तक अपने नाइट गाउन में ही थी…और सॉफ पता चल रहा था की उन्होने अंदर ब्रा नही पहनी हुई है..क्योंकि उनके मुम्मो के उपर लगे नन्हे बल्ब अजय को देखते ही चमकने लग गये.
दोनो के चेहरे पर एक अलग ही तरह की स्माइल आ गयी.रजनी ने साइड दी और अजय उसके सेक्सी बदन की घिसाई करता हुआ अंदर आ गया..और जैसे ही अजय अंदर आया, रजनी ने दरवाजा बंद करके उसे अपनी तरफ घुमाया और उसके गले से लग गयी.
अजय एकदम से घबरा गया…उसने इधर उधर देखा और बोला : “पापा और रिया है घर पर…वो देख लेंगे..”
रजनी : “प्राची के पापा तो बिजली घर गये है,बिल भरने और रिया अपने रूम में है…उसके कपड़ो पर चाय गिर गयी जल्दबाज़ी में ..उसे 5 मिनट लगेंगे अभी…”
अजय समझ गया की उसकी सास इन 5 मिनट का फायदा उठाना चाहती है…वैसे भी कल के बाद उसकी सास अब खुल कर अपनी तरफ से ही उसे लाइन दे रही थी…बस एक मौका चाहिए था उन्हे अकेले में जिसका फायदा उठाकर वो चुदाई कर सके..
रजनी अजय को घसीटकर सीधा किचन में ले गयी…और दोनो पलक झपकते ही एक गहरी स्मूच में डूब गये…
रजनी के हाथ फिसलकर अजय के लंड पर और अजय के हाथ फिसलकर उनके मोटे मुम्मों पर चले गये…और दोनो एक दूसरे के उन ख़ास अंगों को बुरी तरह से मसलने लगे.
सुबह का टाइम और ऐसी गर्म औरत की किस्स ….अजय की तो हालत खराब होने लगी..उसने सुन तो रखा था की 50 के आस पास की औरतों में सेक्स की भूख सुबह के समय कुछ ज़्यादा होती है, और आज देख भी लिया उसने..क्योंकि जिस तरह से रजनी उसके होंठों को चबा रही थी,ऐसा लग रहा था की वो आज उसी का नाश्ता करेगी.
अजय के हाथ खिसक कर अपनी सास की चूत पर पहुँच गये..और उसने गाउन के उपर से ही उनकी गर्म भुट्टे जैसी चूत को मसलना शुरू कर दिया..उनकी चूत का दाना बाहर निकल कर अपने आप को मसलवाने के लिए जैसे चिल्ला सा रहा था..
रजनी ने अपनी एक टाँग उठा कर पास की टेबल पर रख दी और अजय अब उसकी खुली हुई चूत को पूरी तरह से मसल पा रहा था.
चूत पर हाथ लगने से रजनी के होंठों में एक अजीब सा नरमपन और मिठास आ गयी थी..जो अजय को काफ़ी पसंद भी आई..और ये मिठास निशानी थी की वो जल्द ही झड़ने वाली है..
और वो झड़ भी गयी.
सिर्फ़ एक मिनट के अंदर-2 उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया…
अब ऐसी सिचुएशन में उत्तेजना भी तो अपने चरम तक आ जाती है ना..
झड़ने के बाद वो निढाल सी होकर अजय की बाहों में झूल गयी….और फिर अचानक चौंकते हुए उसने अपनी चूत की तरफ देखा…उसके रेङ कलर के गाउन पर एक बड़ा सा गीला धब्बा बन चुका था.ठीक चूत वाली जगह पर.
अजय भी वो देखकर मुस्कुरा दिया.
रजनी : ”बदमाश…तुम हंस रहे हो…और यहाँ मेरे कपड़े खराब हो गये…रिया ने देख लिया तो पता नही क्या सोचेगी…मैं बाथरूम में जा रही हूँ , तुम दोनो निकल जाना …ओक…बाइ…”
और जाते-2 उसने एक बार फिर से अजय के होंठों पर एक छोटी सी पप्पी कर दी, ठीक वैसी ही जैसी थोड़ी देर पहले उनकी बेटी प्राची ने की थी उसके होंठों पर,ऑफिस के लिए निकलने से पहले ..दोनो में कितनी समानता थी..ये सोचकर अजय मुस्कुरा उठा.
अजय किचन से निकलकर रिया के रूम की तरफ चल दिया…और बिना खटकाए ही वो अंदर घुसता चला गया..
और अंदर का नज़ारा देखकर उसके तो होश ही उड़ गये.
रिया सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में खड़ी होकर बेड पर झुकी हुई थी…और कपड़े प्रेस कर रही थी.
उसके जिन कपड़ो पर चाय गिरी थी वो वहीं ज़मीन पर पड़े थे..शायद अंदर आते ही रिया ने उन्हे उतार फेंका होगा और उसके बाद अलमारी से नये कपड़े निकाले और अब उन्हे प्रेस कर रही थी..
उसकी पीठ थी अजय की तरफ,इसलिए वो देख ही नही पाई की उसके पीछे खड़ा होकर अजय उसकी मटकती हुई गांड देखकर अपनी लार टपका रहा है..
उसकी केले के तने जैसी चिकनी और मोटी जांघे देखकर अजय का मन कर रहा था की आगे बड़े और उन्हे चाट ले…उनपर शहद लगाए और उपर से नीचे तक अपनी जीभ से उस शहद को पी जाए..ऐसी चिकनी टांगे उसने आज तक नही देखी थी…एक भी बाल ना होने की वजह से वो और भी ज़्यादा गोरी लग रही थी…एक बात उसने इस घर की औरतों में नोट की थी..इनके शरीर पर बाल आते ही नही थे..इसलिए ना तो इन्हे पार्लर मे जाकर अपनी वेक्सिंग करवाने की ज़रूरत पड़ती थी और ना ही अपने बालों वाले अंगों को छुपाने की..कुदरती तौर पर उनके शरीर पर एक भी बाल नही था..उसकी पत्नी प्राची , उसकी सास रजनी , साली पूजा और अब ये रिया भी एकदम चिकनी ..
अचानक रिया थोड़ा और झुकी और एकदम से अजय की आँखो के सामने उसकी गांड का चीरा दिखाई दे गया..उसकी साँसे तेज हो गयी
अजय की नज़रें सीधा उसकी जाँघो के जोड़ पर चली गयी जहाँ उसकी चूत थी…और अजय ने गोर से देखा की वो जगह काफ़ी फूली हुई थी…ऐसी पाव जैसी चूत को चूसने में कितना मज़ा आएगा, ये सोचते हुए उसके मुँह से एक आह निकल गयी.
और अपने पीछे किसी के होने के एहसास से रिया एकदम से पलटी और अजय को वहाँ खड़े देखकर चोंक गयी..एकदम से फ्रीज होकर रह गयी वो..
उसकी ब्रा में क़ैद छोटे-2 कबूतर बड़ी ही मासूमियत से अपने कप्स में बैठकर अजय की तरफ देख रहे थे…एक पल के अंदर ही उसकी कॉटन ब्रा में उसके निप्पल चमकने लग गये..
रिया : “जी…जीजु ….आप……”
उसने अपने एक हाथ से अपनी छाती को छुपा लिया..और दूसरे से चूत वाले हिस्से को…पर उन नन्हे हाथों में इतना परदा कहाँ की वो उसके इतने बड़े हिस्सों को छुपा सके…अजय उसकी घबराई हुई हालत देखकर हंस दिया.
अजय को मुस्कुराता हुआ देखकर रिया की भी हँसी निकल गयी,और वो बोली : “क्या जीजू….आप बड़े शैतान हो…अंदर आने से पहले दरवाजा तो खटकाना चाहिए था ना…मेरे कपड़ों पर चाय गिर गयी थी…इसलिए मैं नये कपड़े प्रेस कर रही थी…”
अजय : “मुझसे इतनी फ़ॉर्मेलिटी नही होती की दरवाजा खड़काओ और फिर अंदर आओ…मैं तो सीधा अंदर आ जाता हू…और वैसे भी अगर खड़का कर अंदर आता तो ये नज़ारे कैसे देखने को मिलते…और वैसे भी अब मैं ये सब तो अब देख ही चुका हूँ ..इसलिए इन्हे अपने हाथों के पीछे छुपाने का कोई फायदा नही है…”
अजय एक बार फिर से मुस्कुरा दिया.
रिया (बनावटी गुस्से मे) : ”गंदे जीजू….”
और इतना कहकर उसने अपने हाथ हटा लिए…क्योंकि अब वो भी मान गयी थी की अजय सही कह रहा है..वैसे भी सिर्फ़ ब्रा पेंटी में उसका पतला सा शरीर बड़ा ही सेक्सी लग रहा था…और अभी कुछ देर पहले शीशे के सामने खड़ी होकर वो इसी सेक्सी शरीर को काफ़ी देर तक निहारती रही थी..घूम-घूमकर हर एंगल से अपने आप को देख रही थी वो.
अजय को भी ऑफीस के लिए देर हो रही थी..वरना अभी कुछ देर और वो रिया के साथ पंगे ले सकता था..और वो जानता था की वो उसकी किसी भी बात का बुरा नही मानेगी.
अजय को शराफ़त से खड़े देखकर रिया समझ गयी की अब उसके जीजू कोई और शरारत नही करेंगे, इसलिए उसने झट से अपनी प्रेस की हुई टी शर्ट और जीन्स पहनी और तैयार होकर बाहर निकल आई.
रजनी अभी तक बाथरूम में थी…वो दोनो दरवाजा बंद करके बाहर निकल गये….
अजय रास्ते भर अजय रिया को ब्रा-पेंटी वाली बात को लेकर छेड़ता रहा और वो बेचारी शर्म से लाल होकर कुछ बोल भी नही पा रही थी…वैसे भी अपने जीजू की ऐसी छेड़-छाड़ से उसके दिल में जो तरंगे उठ रही थी वो उसे बड़ी अच्छी लग रही थी…जवानी की दहलीज पर नये-2 कदम रखने के बाद ऐसी बातें वैसे भी काफ़ी रूमानी लगती है..
अजय अपने ऑफीस पूरे दिन आने वाली शाम के बारे में सोचता रहा…की कैसे वो सोनी की चूत मारेगा आज…
सोनी से उसकी बात हो चुकी थी और उन्होने मिलने का टाइम भी डिसाइड कर लिया था…
अजय तो यही सोचकर उसके घर जा रहा था की शायद आज वो घर पर अकेली होगी, इसलिए उसने अजय को इस तरह से चुदाई करवाने के लिए अपने घर पर बुलाया है..
पर वो ये नही जानता था की उसके घर पर आज उसे अपनी जिंदगी में वो देखने को मिलेगा, जिसके बारे में उसने कल्पना भी नही थी.
बड़ी बेसब्री से इंतजार करते हुए बीता अजय का दिन…और जैसे ही घड़ी में 6 बजे, वो अपने ऑफीस से निकल गया.
और ठीक आधे घंटे बाद वो सोनी के घर के बाहर खड़ा था.
और इसे घर कहना सही नही था…ये तो एक शानदार महल था…3 मंज़िला बड़ी सी कोठी और अंदर जाने से पहले दोनो तरफ हरा भरा गार्डेन भी.
दिल्ली में इतनी बड़ी जगह की कीमत क्या होगी,अजय इसी का हिसाब किताब लगाने में लग गया.
चोकीदार ने इंटरकॉम पर बात की और उसे अंदर जाने दिया.
अंदर पहुँचकर उस कोठी की शानों-शोकत देखकर वो दंग रह गया..ऐसा घर तो उसने सिर्फ़ फ़िल्मो में ही देखा था..दीवार पर लगी तस्वीरों को देखकर अजय को पता चला की ये तो एक मशहूर इंडस्ट्रियलिस्ट गुप्ता जी का घर है…उनकी तस्वीरे शहर के बड़े-2 नेताओ और फिल्म इंडस्ट्री के लोगो के साथ दीवार पर लगी हुई थी.यानी सोनी उनकी बेटी है.
अजय वहां की भव्यता देखकर यही सोचने लगा की इन साले अमीरों के पास इतना पैसा आता कहाँ से है.
तभी उसके पीछे से एक मधुर सी आवाज़ आई : “सुनिए…आपको सोनी मेडम उपर बुला रही है…”
उसने मुड़कर देखा तो देखता ही रह गया…एक साँवली सी लड़की जो देखने में 20 से ज़्यादा की नही थी, और उसने एक शॉर्ट और टी शर्ट पहनी हुई थी, बड़ी मादकता से उसे देखकर उपर चलने के लिए बोल रही थी.
अब उसने मेडम बोला था, यानी की वो घर की कोई सदस्या तो थी नही…पर नौकरानी भी नही लग रही थी वो.
अजय बोला : “ओके ….चलिए…”
वो लड़की अजय को सीडियो के साइड में बनी लिफ्ट तक ले गयी…और उसने बटन दबा कर लिफ्ट बुलवा ली.
3 स्टोरी के घर में अंदर लिफ्ट लगवा रखी थी…वाह…अजय तो ये देखकर और भी इंप्रेस हो गया.
लिफ्ट में जाते ही अजय ने पूछा : “आप कौन है…”
वो लड़की मुस्कुराइ और बड़े ही प्यार से बोली : “जी मेरा नाम गिन्नी है और मैं यहाँ काम करती हूँ …”
अजय ये सुनकर दंग रह गया…यानी ये यहाँ की नौकरानी है…और वो भी इतनी सुंदर..
और ये कैसा नाम है…गिन्नी …कहीं इसके निप्पल्स के आस पास के घेरे को देखकर तो इसका ये नाम नही रखा गया है…
और वो घूरकर उसकी टी शर्ट वाले हिस्से पर उसकी ‘गन्निया’ ढूंढने लगा.
अजय पूछना तो चाहता था पर उसकी हिम्मत नही हुई ये पूछने की, की ‘क्या काम करती हो गिन्नी ?’
और अजय को ऐसे अपनी छातियों की तरफ घूरते देखकर गिन्नी के होंठों पर भी मुस्कान तैर गयी….जिसे देखकर अजय समझ गया की वो काफ़ी खेली खाई लड़की है…उसकी तरह.
3रर्ड फ्लोर पर पहुँचकर गिन्नी ने अजय से कहा :”आप सीधा जाकर दाँये वाले रूम में चले जाइए …वो सोनी मेडम का है…”
और इतना कहकर वो लिफ्ट बंद करके वापिस नीचे चली गयी.
एक लंबी सी गेलरी को पार करके वो कोने में पहुँचा…वो दाँये वाले रूम में जाने ही वाला था की उसे बाँयी तरफ के रूम में से किसी के गुनगुनाने की आवाज़ सुनाई दी..और वो किसी लड़की की थी..अजय के मन का चोर फिर से जाग उठा..
वो घूमकर दूसरी तरफ गया और सामने वाले रूम के अधखुले दरवाजे को धकेलकर अंदर घुस गया.
इतना शानदार बेडरूम था वो…दीवारो पर राक स्टार के पोस्टर चिपके हुए थे…बड़े से बेड पर बहुत सारे कपड़े बिखरे पड़े थे…जिनमें रेड कलर की सेक्सी सी ब्रा और पेंटी भी थी..
अजय तो गुनगुनाने की और पानी गिरने की आवाज़ सुनकर ही समझ चुका था की कोई जवान लड़की नहा रही है.
बाथरूम का दरवाजा पूरा खुला हुआ था..
और वो हिम्मत करके आगे बढ़ता चला गया.
और जैसे ही दरवाजे के सामने पहुंचा ,उसे अपनी जिंदगी का सबसे सेक्सी नज़ारा देखने को मिल गया.
एक जवान और सेक्सी लड़की, जिसके उभार भी अभी तक सही से डेवेलप नही हुए थे…वो शॉवर के नीचे खड़ी होकर नंगी नहा रही थी…
उसका रंग भी सोनी जैसा ही सांवला था..पर उसका हर अंग बड़ा ही रसीला और मादकता से भरपूर था.बड़ा ही कस हुआ सा जिस्म था उसका
साबुन से वो अपने पूरे शरीर को रगड़ रही थी.
और ख़ासकर अपनी चूत को…जिसमे से झाँक रहे गुलाबी दाने को वो अपनी उंगलियों के बीच लेकर बड़े ही आराम से मसल रही थी..
और हर रगड़ के साथ उसके मुँह से धीमी-2 सिसकारियाँ निकल रही थी.
अजय की तो हालत खराब हो गयी ऐसी जवानी से भरपूर नंगी लड़की को मास्टरबेट करते देखकर..
ये तो सोनी से भी सेक्सी लग रही थी..शायद ये उसकी छोटी बहन थी..क्योंकि देखने में ही ये छोटी लग रही थी सोनी के मुक़ाबले.
अजय का लंड तो सुबह से खड़ा हुआ था सोनी की चुदाई के बारे में सोचकर…
और अब ये नज़ारा देखकर वो और भी ज़्यादा उत्तेजित हो गया था.
काश ये भी उसे मिल जाए…यही सोचकर अजय ने अपने खड़े हुए लंड को ज़ोर से दबा दिया.
और तभी उसे सोनी का ख्याल आया..अगर सोनी ने उसे इस तरह से उसकी बहन के रूम में देख लिया तो वो ना इधर का रहेगा और ना उधर का..
वो पीछे मुड़ा और जैसे ही बाहर की तरफ जाने लगा, उस लड़की ने पीछे से उसे पुकारा..
”रुक जाओ….पूरा खेल तो देख लो….”
अजय की धड़कन और तेज हो गयी ये सुनकर….यानी वो लड़की जानती थी की अजय बाहर खड़ा होकर उसे देख रहा है..
अजय धीरे से मुड़ा तो उस लड़की को बड़े ही सेक्सी तरीके से अपनी तरफ देखते हुए पाया
”तुम अजय हो ना…?”
ओहो….ये तो उसका नाम भी जानती है..
अजय के परेशान चेहरे को देखकर वो बोली : “घबराओ मत…मुझे तुम्हारे बारे में दीदी ने ही बताया है…सुबह से वो ना जाने कितनी बार तुम्हारे बारे में बोलकर मुझे पका चुकी है…”
अजय का अनुमान सही था,ये सोनी की छोटी बहन ही थी.
वो बोली : “मेरा नाम इशिका है…और मेरे दोस्त मुझे प्यार से इश्क़ कहते है…”
हाय …..जिस अदा से उसने अपना नाम बताया था, अजय का तो दिल किया की वहीं के वहीं उसके साथ इश्क़ कर बैठे..
पर उसे इस वक़्त सबसे बड़ी हैरानी इस बात की हो रही थी की कैसे वो एक अंजान आदमी के सामने इस तरह से नंगी खड़ी होकर बड़े आराम से अपनी चूत का मर्दन करते हुए उससे बात कर रही है.
और ये शायद इशिका ने भाँप लिया था.
वो बोली : “तुम शायद सोच रहे हो की मैं किसलिए तुम्हारे सामने इस तरह से बिना किसी शरम के नहा रही हूँ …तो सुनो, मैं अभी तीन महीने पहले ही यू एस से आई हूँ , मेरी अभी तक की पढ़ाई वहीं पर हुई है..और वहां ये सब चलता है…और वैसे भी ,हमारे घर पर ऐसी किसी भी बात की कोई पाबंदी नही है,वरना आज तुम पापा के घर पर होते हुए दीदी से मिलने ना आ पाते..”
अजय (चौंकते हुए) : “तो क्या…गुप्ता जी..यानी आपके पापा इस वक़्त घर पर ही है…”
वो फिर से मुस्कुराइ और बोली : “हाँ …नीचे अपने रूम में ही है वो..गिन्नी के साथ …”
उसकी रहस्यमयी हँसी देखकर अजय समझ गया की इस घर में कितने खुले विचारों वाले लोग रहते है…
यानी जिस नौकरानी ने उसे उपर लाकर छोड़ा था, वो इस वक़्त सोनी के पापा से चुद रही है..
हाँ …तभी उसके शरीर में इतना रसीलापन दिख रहा था.
अजय की नजरें उसके मुम्मों पर ही टिकी थी, जिन्हे इशिका बड़े ही प्यार से रगड़ रही थी
अजय ये सब देखकर हैरान हुए ही जा रहा था की उसके पीछे से सोनी की आवाज़ आई
”अजय !!!!!! तुम यहाँ हो…और मैं कब से तुम्हारा अपने रूम में वेट कर रही हूँ …”
अजय की तो फट कर हाथ में आ गयी…सोनी ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया था…उसकी नंगी बहन को नहाते हुए देखकर.
वो समझ गया की अब तो उसकी खेर नही…वो धड़कते दिल से पलटा
और सामने सोनी खड़ी थी उसके..
अपने दोनो कुल्हो पर हाथ रखकर वो अजय को बड़े ही गुस्से में देख रही थी..
”क्या कर रहे हो तुम यहाँ ….” उसकी आवाज़ में काफ़ी गुस्सा था..
अजय की तो गिग्घी बंध गयी….वो कुछ बोल ही नही पाया…और उसने शर्मिंदगी से सिर झुका लिया..
और तभी सोनी की ठहाके भरी हँसी सुनकर अजय ने चौंकते हुए सिर उठाया..
सोनी अपना पेट पकड़ कर बुरी तरह से हँसे जा रही थी…और हंसते-2 वो उस बेड पर दोहरी होकर लेट गयी…पर उसका हँसना बंद नही हुआ.

