टैटू गुदाई और चुदाई – Update 2 | Incest Sex Story

टैटू गुदाई और चुदाई - Incest Sex Story
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अपडेट नंबर 2

मोहित भी घर आ गया था और अपनी मां को एक प्यारी सी मुस्कान देकर उसने अपना बैग टेबल पर रखा और बोला:

” कैसी हो मम्मी आप ? कैसा रहा आपका पूरा दिन आज ?

मधुलिका ने उसे स्माइल दी और पानी देते हुए बोली:” अच्छा रहा बहुत, तेरे पापा भी आ गए हैं जाओ जल्दी से नहा कर आओ, नही तो गुस्सा करेंगे, पहले से ही काफी खतरनाक मूड में लग रहे हैं आज।

मोहित ने बुरा सा मुंह बनाया और बोला:” ये पापा भी जब देखो बस गुस्से में ही रहते है। अच्छा मैं अभी आया नहाकर।

मोहित दूसरे बाथरूम में घुस गया। मधुलिका अपने बेटे को देखकर सोच रही थी कि आज पता नहीं ये कितनी औरते के जिस्म पर टैटू बनाकर आया होगा। ये सब सोचते हुए जल्दी ही मधुलिका ने खाना तैयार कर दिया और सभी का इंतजार करने लगी। तभी बाथरूम का दरवाजा खुला और मोहित अपने बाहर निकला जिसमे अपने जिस्म पर सिर्फ एक टॉवेल लपेटा हुआ था और उसकी छाती पूरी तरह से नंगी थी। मधुलिका की नजर उसके जिस्म पर पड़ी तो उसने देखा कि उसके बेटे की छाती किसी पहलवान के समान चौड़ी और मजबूत थी। उसकी छाती पर अभी छोटी सी उम्र में काले काले घुंघराले बालों के गुच्छे बने हुए थे जो बेहद आकर्षक लग रहे थे। मधुलिका को याद आया कि उसके पहले पति का जिस्म बिल्कुल ऐसा ही तो था। मोहित बिलकुल बाप पर गया है। मधुलिका अपने ख्यालों में खो गई और मोहित कमरे में घुस गया और जल्दी ही कपड़े पहनकर आ गया और टेबल पर बैठ गया तो देखा कि राकेश पहले से ही बैठा हुआ था। उसने अपने बाप से हाल चाल पूछे और खाना शुरू कर दिया। बात करते करते ही सभी ने खाना खाया और मोहित उपर छत पर घूमने चला गया जबकि राकेश लैपटॉप पर काम में लग गया। मधुलिका ने बर्तन उठाए और धोने चली गई। करीब 10 बज गए थे और मोहित अपने कमरे में लेटा हुआ था। मधुलिका के जिस्म में मस्ती छाई हुई जबसे नेहा से बात करी थी और छत पर घोड़े के सेक्स ने उसकी आग में घी का काम किया और उसने राकेश को रिझाने के लिए मेकअप करना शुरू कर दिया और जल्दी ही वो बेहद खूबसूरत लग रही थी। गहरे लाल रंग की लिपिस्टिक से सजे उसके पतले पतले रसीले लाल सुर्ख होंठ और काले काजल के कारण उसकी लगभग बोलती हुई आंखे, पतली सी लाल रंग की खूबसूरत नाइटी उसके जिस्म पर काफी कसी हुई थी। वो अपने बेडरूम मे जाने ही वाली थी कि मोहित ने आवाज दी

:” मम्मी सोने से पहले मुझे आज दूध दे देना एक ग्लास गर्म करके।

मधुलिका अपने बेटे की आवाज सुनकर किचन की तरफ चल पड़ी और दूध गर्म करने लगी। नेहा के टैटू के बारे में सोचकर वो काफी उत्तेजित हो रही थी और वो जानती थी कि आज राकेश उसके रूप सौंदर्य के आगे पिघल जायेगा। मधुलिका ये सब सोच कर काफी उत्तेजना महसूस कर रही थी जिससे उसकी चुचियों में हल्का हल्का कंपन हो रहा था। दूध गर्म हो गया था और उसने एक ग्लास में किया और अपने बेटे के रूम की तरफ चल पड़ी। हाल से जैसे ही गुजर रही थी तो हॉल में लगे शीशे पर उसकी नजर पड़ी तो अपने आपको देखकर खुद ही शर्मा गई और सोचने लगी कि क्या मुझे इस ड्रेस में अपने बेटे के रूम में जाना चाहिए !! वो मेरे बारे में क्या सोचेगा। मधुलिका ने खुद ही अपने सवाल का जवाब भी ढूंढ लिया कि नेहा बोल रही थी कि टैटू तो लगभग पूरी नंगी करने बनाया जाता हैं लेकिन उसका बेटा फिर से किसी के जिस्म पर ध्यान नहीं देता तो अब भला अपनी सगी मां के जिस्म पर भला क्यों ध्यान देगा। लेकिन फिर भी तू उसकी सगी मां हैं तो तुझे इस हालत में जाना बिलकुल भी शोभा नही देता। टैटू और नंगे जिस्म की याद आते ही उसका समूचा जिस्म कांप उठा और उत्तेजना महसूस हुई। उससे अब उत्तेजना बर्दाश्त नहीं हो रही थी और कपड़े बदलने में काफी समय लग जाता। उसने सोचा कि जल्दी से दूध का ग्लास देकर वापिस लौट आएगी। कांपती हुई मधुलिका अपने तेज सांसे के साथ अपने बेटे के कमरे में घुस गई।

मोहित अपने लैपटॉप में कुछ देख रहा था और कमरे का दरवाजा खुलने से उसने अपनी मां की तरफ देखा तो उसकी मां उसे स्वर्ग से उतरी हुई मेनका की तरह प्रतीत हुई। तेज कदमों से चलती हुई मधुलिका के बूब्स हल्के हल्के हिल रहे थे और मोहित ने एक नजर ना चाहते हुए भी देखा और तब तक मधुलिका उसके सामने खड़ी हो गई और बोली:”

” लो बेटा दूध।

मोहित ने दूध का ग्लास पकड़ लिया और बोला:”

” मम्मी थैंक्स, आज आप बहुत खूबसूरत लग रही है। आप रोज ऐसे ही रहा कीजिए ना।

अपने बेटे के मुंह से अपनी तारीफ सुनकर मधुलिका शर्मा गई और बोली:” बड़ी बाते करने लगा हैं आजकल तू, चल अब आराम से दूध पी और सो जा। गुड नाईट बेटा

मोहित चाह रहा था कि उसकी मम्मी थोड़ी देर और उसके पास रुके इसलिए बोला:”

” अच्छा मम्मी एक बात तो बताओ, आज पापा का मूड आते ही खराब क्यों हो गया ?

मधुलिका किसी भी हालत में रुकने के मूड में नहीं थी इसलिए बोली:” तू तो जानता ही
अपने बाप का स्वभाव। अच्छा कल बात करती हु। अब मुझे नींद आने लगी।

इतना कहकर मधुलिका तेजी से पलटी और तेज तेज कदमों से चलती हुई बाहर की तरफ निकल गई। उसकी हिलती हुई पीछे से बेहद कामुक लग रही थी और मोहित खुद को इस जादुई दृश्य को देखने से नही रोक पाया और मन ही मन में सोचने लगा कि उसकी मम्मी बेहद खूबसूरत और आकर्षक हैं।

मधुलिका अपने पति के कमरे में घुस गई और उसने अपने पति को एक स्माइल दी तो राकेश उसके रूप सौंदर्य पर लट्टू सा हो गया और बोला:”

” क्या बात हैं आज बड़े खतरनाक मूड में लग रही हो ?

अपने पति को ऐसे मूड में आते देख कर मधुलिका उसके सामने झुकी और उसकी आंखो में देखते हुए लैपटॉप को एक तरफ उठा कर रख दिया और अपने पति से लिपट गई। राकेश ने भी उसे अपनी बाहों में भर लिया और देखते ही देखते दोनो के होंठ जुड़ते चले गए। मधुलिका आज बहुत ज्यादा बेचैनी महसूस कर रही थी और उसने आज पहली बार हिम्मत करते हुए राकेश के लंड को पेंट के उपर से पकड़ लिया कर सहलाया तो राकेश के मुंह से एक मस्ती भरी आह निकल पड़ी। मधुलिका ने जल्दी में अपने बेटे के रूम का दरवाजा बंद नही किया था। । राकेश की आह मोहित में कानो में पड़ी तो उसके कान खड़े हो गए। वो धीरे से दबे पांव खड़ा हुआ और धीमे धीमे चलते हुए अपने बाप के बेडरूम के सामने आ गया। हाल की लाइट बंद थी जिससे वो बेफिक्र था। लेकिन बेडरूम का दरवाजा बंद था बस अंदर से उसकी मां की सिसकियों की आवाज आ रही थी। उसकी मां उसके बाप के उपर चढ़ी हुई थी और राकेश उसकी चुचियों को मसल रहा था। देखते ही देखते काम प्यासी मधुलिका ने अपनी नाइटी को उपर की तरफ करते हुए निकाल दिया और राकेश भी पूरी तरह से नंगा हो गया और देखते ही देखते मधुलिका घोड़ी की तरह बेड पर झुक गई। जबसे उसने घोड़ी को चुदाते हुए देखा था जबसे तड़प रही थी। राकेश को समझ नहीं आ रहा कि बड़ी मुश्किल से अपने टांगे खोलने वाली आज अपने आप ही घोड़ी कैसे बन गई हैं। राकेश खुशी खुशी उसके पीछे आया और अपने करीब चार इंच लंबे को उसकी चूत पर टिका दिया तो मधुलिका के होंठो से मस्ती भरी आह निकल पड़ी और बोली:

” आह राकेश, घोड़े की तरह चढ़ो न मेरे उपर। तेज तेज चढ़ जाओ।

राकेश ने उसकी कमर को पकड़ कर एक धक्का लगाया और उसका लंड अभी आधा भी नही घुसा था कि वो मधुलिका की चूत की गर्मी बर्दाश्त नहीं कर पाया और पिघल गया। मधुलिका मस्ती से चिल्ला रही थी

” आह पूरे अंदर घुस जाओ, एक टांग मेरी कमर पर रखकर घुसाओ ना घोड़े की तरह।

राकेश का लंड सिकुड़ गया और ढीला होकर बाहर की तरफ निकल गया। मधुलिका को समझते देर नहीं लगी कि हमेशा की तरह राकेश फिर से अंदर घुसने से पहले ढेर हो गया।

मधुलिका गुस्से से पलटी और बोली:” आह ये क्या कर दिया ? आज भी बाहर ही निकल गया तुम्हारा ? कैसे मर्द हो तुम ?

राकेश अपना बचाव करते हुएं बोला:” आह मधु तुम हो ही इतनी गर्म की मैं बर्दाश्त नहीं कर पाता। मेरी क्या गलती।

मधु;” बस बस, तुम जब भी कभी महीने में एक या दो बार बार करते हो हर बार ऐसा ही होता है। आह क्या करू, मेरी चूत जल रही हैं राकेश।

राकेश ने अपराध बोध से सिर झुकाए रखा और अपने कपड़े पहनने लगा और बोला:”

” एक काम करो, जाकर ठंडे पानी से नहा लो, थोड़ा आराम मिल जायेगा।

मधु ने गुस्से से उसकी तरफ देखा और बोली:” ठंडे पानी से प्यास बुझती हैं क्या ? तुम किसी काम के नाही हो नामर्द कही के तुम।

राकेश;” लो अपनी नाइटी पहन लो मधु।

मधु:” नाइटी भी तुम भी पहन लो नामर्द कही के। किसी काम के नाही हो तुम।

इतना कहकर मधुलिका ने गुस्से से नाइटी को उसके उपर फेंक दिया तो राकेश भड़क उठा:”

” बहुत हो गई तुम्हारी बकवास, अपना मुंह बंद रख रख नही तो मेरा हाथ उठ जाएगा।

इतना कहकर उसने नाइटी को वापिस मधु के उपर फेंक दिया तो मधु गुस्से से भड़की:”

” हान तुम और कर भी क्या सकते हो हाथ उठाने के सिवाय। सो जाओ तुम भी अपने ठंडे लौड़े की तरह।

राकेश ने कुछ नहीं बोला और मधुलिका गुस्से में बडबडती रही और अपनी नाइटी को ऐसे ही अपने हाथ में पकड़ कर दरवाजे की तरफ गुस्से से अपने पैर पटकते हुए बढ़ गई। मोहित जैसे ही कदमों की आवाज सुनी तो वो बिना आवाज किए अपने कमरे में घुस गया और मधु नंगी ही चलती हुई बाथरूम में घुस गई और अपनी चूत को ठंडा करने की कोशिश करने लगी। भला ऐसे ठंडे पानी से किसी की आग शांत हो जाती तो दुनिया में लंड की क्या जरूरत होती।

मोहित अपने कमरे में पड़ा हुआ खुद पर यकीन नहीं कर पा रहा था कि अभी जो अवतार उसने मां का देखा वो सपने में भी नही सोच सकता था। उसकी सुशील और सीधी दिखने वाली मां असल में अंदर से इतनी कामुक और प्यासी होगी वो सोच भी नहीं सकता था। वो सोने की कोशिश करने लगा लेकिन नींद नहीं आ रही थी।

वहीं दूसरी तरफ जब काफी देर बाद भी मधुलिका को राहत नही मिली तो वो अपने कमरे में आई आई। उसने अपना बैग खोला और एक बीयर निकाल कर फ्रिज में रख दी और थोड़ी देर बाद पीकर सो गई।

अगले दिन सुबह रोज की तरह ज़िन्दगी शुरू हुई और मधुलिका ने नाश्ता तैयार किया और आज राकेश जल्दी ही नाश्ता करके ऑफिस के लिए निकल गया। नहाकर मोहित भी तैयार होकर नाश्ता करने लगा। मधुलिका भी नाश्ता कर रही थी और मोहित बीच बीच में देख रहा था कि रात के समय वासना की मूर्ति लगने वाली उसकी मां अब बिल्कुल एक सभ्य समाज की सुशील औरत लग रही थी।

मधुलिका रात से ही टैटू के बारे में सोच रही थी कि इस बार अपने बेटे से थोड़ा ज्ञान ले लेती हू। इसलिए बोली:”

” और बताओ कैसा चल रहा है तुम्हार टैटू का काम ?

मोहित: बहुत ही बढ़िया मम्मी, आजकल तो आप जानती ही है कि फैशन का बोलबाला हैं। हर कोई एक दूसरे से आर्कषक दिखने के लिए मरा जा रही है। इसलिए टैटू का काम बहुत ज्यादा हैं आजकल।

मधु: हान बेटा ये बात तो हैं , वैसे मुंबई में टोटल कितने ऑफिस हैं टैटू के ?

मोहित:” वैसे तो काफी सारे ऑफिस हैं मम्मी लेकिन अच्छे में सिर्फ चार या पांच ही आते हैं जिनमे से एक मेरा अपना भी हैं।

मधु:” भगवान तुझे और तरक्की दे बेटा, वैसे एक टैटू बनवाने में कितना समय और पैसा लगता हैं बेटा ?

मोहित: मम्मी वो तो टैटू के साइज और डिजाइन पर तय करता है। एक टैटू बनवाने में काम से कम 15 से 25 मिनट लग ही जाते है।
लेकिन आज आप ये सब अचानक क्यों पूछ रही है ? क्या आपको भी टैटू बनवाना हैं ?

मधुलिका डर के मारे सकपका सी गई और बोली:” नही नही, बस मैं तो ऐसे ही पूछ रही थी। मैं भला क्यों टैटू बनवाने लगी इस उम्र में भला बेटा ?

मोहित:” मम्मी आप कैसी बात कर रही है, आप तो बिलकुल जवान दिखती हैं बल्कि जवान से भी कहीं ज्यादा खूबसूरत हैं आप। मेरे विचार से आपको जरूर टैटू बनवाना चाहिए।

मधु टैटू से बनवाना चाहती थी लेकिन अपने बेटे से नही इसलिए बोली:” ना बेटा न, मुझे नहीं बनवाना टैटू वैटू। मैं ऐसे ही ठीक हु बिना टैटू के ही।

मोहित ने एक नजर अपन मम्मी को देखा और बोला:” मेरे हिसाब से आपकों जरूर बनवा लेना चाहिए। आपके शरीर पर बेहद आकर्षक लगेगा।

मधुलिका:” नही बेटा, नही। मैं ऐसे ही बिना टैटू के ठीक हु।

मोहित: जैसे आपको ठीक लगे मम्मी। अच्छा मैं भी अब ऑफिस चलता हु।

इतना कहकर मोहित खड़ा हुआ और ऑफिस जाने के लिए निकल गया। मधुलिका सोच में पड़ गई कि टैटू बनवाए या नहीं। वो जानती थी कि टैटू बनने से उसके पति मर्द तो नहीं बन जायेगा लेकिन हो सकता हैं कि उसके व्यवहार में कोई बदलाव आ जाए। और फिर नेहा ने भी तो मुझे फट्टू कहा था इसलिए उसका मुंह बंद करने के लिए टैटू बनवा ही लेती हूं। उसने अंतिम निर्णय लिया और थोड़ी इंटरनेट से टैटू की ऑफिस का पता करने लगी। आखिरकार उसे अच्छी ऑफिस मिल ही गई, ये ऑफिस उसके बेटे के ऑफिस से करीब 15 किमी की दूरी पर थी इसलिए उसे खतरा नहीं था।

घर के सारे काम खत्म करने के बाद नहा धोकर उसने अपने जिस्म से अनचाहे बालों को क्रीम से साफ किया और उसका जिस्म बिल्कुल शीशे की तरह चमक उठा। उसने अपनी गाड़ी निकाली और मुंबई की भीड़ में शामिल होती चली गई। जल्दी ही वो ऑफिस के सामने खड़ी हुई थी। तेज तेज कदमों से वो ऑफिस के अंदर घुस गई और उसे अपने अंदर अजीब सा रोमांच महसूस हो रहा है। अंदर पहुंचते ही रिसेप्शन पर बैठी हुई लड़की ने एक मोहक मुस्कान के साथ उसका स्वागत किया और बोली:”

” नमस्ते मैडम, आइए बताए मैं आपकी क्या सेवा कर सकती हु ?

मधुलिका उसके व्यवहार से बेहद प्रभावित हुई और बोली:” मैं टैटू बनवाने के लिए आई हू। मुझे उसके बारे में जानकारी चाहिए।

लड़की ने ऑफिस में लगे हुए कैमरे से बाहर मधुलिका की गाड़ी रेंज रोवर देख ली थी और समझ गई कि ये बहुत बड़ी मछली फंस गई हैं तो उसकी तारीफ करते हुए बोली:_

ये तो बहुत ही अच्छा किया आपने, आजकल टैटू का तो जबरदस्त फैशन चल रहा है और भगवान ने आपको तो बिलकुल फुरसत से बनाया हैं तो आपका जिस्म तो टैटू के लिए ही बना हुआ है। आपके जैसी खूबसूरत भाभियों के लिए हमारे पास में स्पेशल पैकेज हैं। मेरे साथ आइए

मधुलिका अपनी तारीफ सुनकर खुश हो गई और लड़की के साथ साथ उसके पीछे चल पड़ी। लड़की के कमरे में घुस गई और मधुलिका जैसे ही कमरे में घुसी तो उसकी आंखे फटी की फटी रह गई

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