अपडेट 01
करीब शाम के छह बजे का समय था और घर के लैंड लाइन फोन की घंटी बज उठी। मधुलिका रात का खाना बनाने में व्यस्त थी लेकिन फोन की घंटी बजने से वो फोन की तरफ आई और फोन पर आवाज को सुनते ही उसके होंठो पर स्माइल आ गई और बोली:”
” अच्छी हु नेहा, तुम कैसी हो ? आज काफी दिनों के बाद फोन किया।
नेहा :” मैं तो हमेशा की तरह मस्त हु जानेमन। तुझे फुरसत ही कहां हैं बात करने की, इतनी देर से तेरे मोबाइल पर कॉल कर रही थी लेकिन तूने उठाया ही नहीं । बस थोड़ा ऑफिस के काम में व्यस्त थी इसलिए बात नही हो पाई।
मधु:” मेरा फोन दूसरे कमरे में लगा हुआ था और मैं खाना बना रही थी। अरे मैडम तुझे तो बस बहाने बनाने आते हैं। आज तो संडे हैं तो सुबह से ही घर पर होगी फिर क्यों फोन नही किया ?
नेहा:” अरे करने का सोच ही रही थी कि सुबह ही मेरी मेरी पड़ोसन आ गई। उसने मुझे अपने जिस्म पर बने टैटू दिखाए तो मुझे बहुत पसंद आए। बस इसलिए मैं भी चली गई आज टैटू बनवाने क्योंकि तू तो जानती हैं मुझसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होता कि को फैशन में मुझसे आगे निकल जाए। बस इसलिए फोन नही किया।
मधु:” अच्छा तो मैडम अपने पड़ोसन के टैटू से जल गई और खुद ही बनवा लिए। चल अच्छा किया तूने, वैसे मेरा बेटा ने भी तो टैटू बनाने का हो ऑफिस खोला हुआ है।
नेहा:” अच्छा जी, पहले बताती तो शायद थोड़ा सस्ता में काम हो जाता मेरा। चल कोई बात नहीं आगे से तेरे बेटे से ही बनवा लूंगी। अच्छा रुक तुझे अपने टैटू दिखाती हूं। अपना व्हाट्स ऐप चेक कर।
इतना कहकर नेहा ने अपने अपना मोबाइल निकाला और अपने कुछ फोटो मधु को भेज दिए। मधु दूसरे कमरे से अपना फोन ले आई और देखने लगी। उसने देखा कि नेहा ने उसे एक कुछ फोटो भेजी हुई थी। उसने उत्सुकता वश एक फोटो को खोला और देखा कि सांवली सी नेहा की गर्दन पर एक बहुत ही खूबसूरत सा टैटू बना हुआ था। टैटू बनाने वाले सच में बहुत अच्छा काम किया था। टैटू में एक बहुत ही खूबसूरत आकृति बनी हुई थी जिसमे नेहा की गर्दन काफी आकर्षक लग रही थी।
नेहा:” क्या हुआ, कहां खो गई मैडम ? अच्छा नहीं लगा क्या ?
नारी स्वभाव के कारण मधु ने एक लंबी सी आह भरी और बोली:” अरे यहीं हु, बस तेरी गर्दन पर फोटो देख रही थी, सच में तेरी गर्दन पर बेहद खूबसूरत टैटू बना हुआ है।
नेहा अपने टैटू की तारीफ सुनकर खुश हुई और इतराते हुए बोली:” चल अच्छा लगा तुझे तो मेरे पैसे वसूल हो गए। और फोटो देख न और भी टैटू हैं ।
अपनी तारीफ सुनने की भूखी नेहा ने उसे दूसरे फोटो देखना का एहसास दिलाया तो मधु ने दूसरा फोटो खोला तो उसने देखा कि गर्दन वाला फोटो ही था बस साइड पोजीशन से लिया गया था इसलिए पहले से ज्यादा खूबसूरत लग रहा था।
मधुलिका के अंदर ये सब देखकर धुवां सा उठने लगा कि ये टैटू उसकी गर्दन पर कहीं ज्यादा खूबसूरत लगता क्योंकि मैं तो पहले से इतनी गोरी चिट्टी हु। मधुलिका ने दूसरा फोटो खोला तो उसे झटका सा लगा क्योंकि देखा कि इस फोटो में नेहा ने उपर के हिस्से पर सिर ब्रा पहनी हुई थी और नेहा की सीने की एक गोलाई पर एक बेहद ही आकर्षक चिड़िया बनी हुई थी जिसकी एक लंबी सी चोंच नेहा के बूब्स के अंदर की तरफ बनी हुई थी मानो चिड़िया उसकी ब्रा में अपनी चोंच घुसा देना चाहती हो।
मधुलिका तो ये फोटो बेहद पसंद आई और उसने सोचा कि अगर ये फोटो उसकी छाती पर होती तो उसकी चुचियों के भारी भरकम आकार के कारण चिड़ियां की चोंच उसकी चुचियों के अंदर घुस गई होती। साथ ही साथ उसे नेहा की हिम्मत पर आश्चर्य हुआ कि उसने कितनी आसानी से मात्र ब्रा में अपनी फोटो उसे भेज दी और उसे छेड़ते हुए बोली:”
” कमीनी ये कहां टैटू बनवाया हैं तूने ? तुझे शर्म नही आती क्या ? सिर्फ ब्रा पहनकर टैटू बनवाते हुए ?
नेहा की तेज हंसी गूंज उठी और बोली:” इसमें शर्म कैसी भला? आज कल तो ये फैशन हैं। तुझे कैसा लगा ये बता चल ?
मधु:” फोटो तो अच्छा ही लग रहा है लेकिन ये तो साड़ी पहन लेने के बाद अंदर छुप जायेगा तो क्या फायदा?
नेहा:” अरे मेरी भोली सहेली , ये छुपाने के लिए नहीं बनवाया है। इस पर ढीली और बड़े गले की ब्लाउस पहनी जाती है ताकि लोग देख सके कि आज कल हम मध्यम आयु की औरते भी लड़कियों से किसी तरह कम नहीं है समझी।
मधु:” अच्छा समझ गई बाबा, लेकिन एक बात कहूं तेरी चिड़ियां हैं बड़ी शैतान, ध्यान रखना इसका कहीं चोंच न मार दे इधर उधर।
इतना कहकर मधु हंस पड़ी तो नेहा भी जोर जोर से हंसते हुए बोली:” अरे मेरी चिड़ियां बड़ी सीधी हैं, बस अपनी चोंच नीचे किए देखती रहती हैं चोंच मारती नही है समझी। अच्छा चल अगला फोटो देख न और बता कैसा लग रहा है ?
मधु:” अरे कितने टैटू बनवा लिए तूने ? खूब पैसे उड़ा रही हैं अपने पति के आजकल टैटू बनवा कर। रुक देखती हु।
मधुलिका ने अगला फोटो खोला तो उसने देखा कि उसमे नेहा सिर्फ पेंटी पहने हुए थी और उसकी गांड़ के उभार के शुरुवाती कटाव पर एक फूलो के साथ एक बेहद कामुक तितली बनी हुई थी।
मधु को ये टैटू बेहद ज्यादा पसंद आया और उसके दिमाग में पहला सवाल ये ही आया कि नेहा की पतली गांड़ पर अगर ये टैटू इतना खूबसूरत लग रहा है तो उसकी गांड़ पर तो कयामत ही ढा देगा। मधु की तरफ से कोई प्रतिक्रिया ना देखकर नेहा से ना रहा गया और बोली:”
” क्या हुआ? क्या तू भी अपने पिछवाड़े पर टैटू बनवाने के बारे में सोचने लगी ?
मधु उसकी बात सुनकर एक पल के लिए सकपका गई और जल्दी से हड़बड़ाते हुए बोली:” नही नही, मैं ऐसा कुछ नही सोच रही, टैटू तो तेरा अच्छा लग रहा है लेकिन ये लोगो को दिखाएगी कैसे ?
नेहा:” तो फिर इतना हड़बड़ा क्यों रही है फिर ? वैसे ये फोटो लोगो को दिखाने के लिए नहीं बल्कि मैने अपने पति को पागल करने और जोश दिलाने के लिए बनाई है समझी।
मधु:” अच्छा फिर तो ठीक हैं। तेरे तो मजे हो जाएंगे।
नेहा:” तो तू भी मजे कर ले न, तुझे किसने रोका हैं ? बनवा ले न अपने पिछवाड़े पर टैटू तू भी।
नेहा की बात सुनकर मधु की सांसे तेज होने लगी और बदन में अजीब सी गुदगुदी का एहसास हुआ और बोली:” बस बस, तू ही बनवा ये सब। मैं तो ऐसे ही ठीक हु बिना टैटू के।
नेहा:” तेरी मर्जी, वैसे एक बात कहूं अगर ये टैटू तेरे पिछवाड़े पर होता तो मुझसे कहीं ज्यादा सेक्सी लगता क्योंकि सच में तेरा पिछवाड़ा मुझसे कहीं ज्यादा बड़ा और ठोस लगता है।
नेहा के मुंह से अपने पिछवाड़े की बात सुनकर मधु को अपने ऊपर घमंड सा महसूस हुआ और एक हाथ अपने आप ही उसके पिछवाड़े पर चला गया और फेरते हुए देखने लगी कि सच में उसका पिछवाड़ा कितना बड़ा है। अच्छे से अपने पिछवाड़े की चौड़ाई और गोलाई नापने के बाद मधुलिका की सांसे भारी हो गई और बोली:”
” चल बेशर्म तू, कुछ भी बोलती रहती हैं। इतना भी बड़ा नही है जितना तू बोल रही है।
नेहा:” हाय मेरी जान, तू क्या नाप तौल रही थी अपने पिछवाड़े को इतनी देर से ?
मधुलिका की सांसे रुक सी गई और उसने जल्दी से अपना हाथ पिछवाड़े पर से हटाया और घबराते हुए बोली:” पागल हैं क्या कुछ भी बोल देती हैं ? मैं भला क्यों नापने लगी ?
नेहा उसकी आवाज से उसकी हालत समझ रही थी इसलिए उसके मजे लेते हुए बोली:”
” तू फिर इतना घबरा क्यों रही है ? वैसे तेरा पिछवाड़ा नही बल्कि ऐसा लगता हैं मानो ढोल हो ढोल बड़े बड़े। बनवा ले टैटू क्या करेगी इतने पैसे का तू ? अपने ऊपर भी कुछ खर्च कर लिया कर।
मधुलिका को लगा कि नेहा सच ही तो कह रही है इसलिए सोच कर बोली:
” चल देखती हूं, लेकिन मैं अपनी गर्दन पर ही बनवा लूंगी। तेरे तरह सब चिड़िया और तितली नही समझी।
नेहा:” वो तो तेरी मर्जी, वैसे आजकल तो पेंटी के अंदर भी आगे और पीछे दोनो तरफ टैटू बनवाने का फैशन है। सोचती हूं आज बार मैं भी बनवा ही लुंगी और तेरी सिर्फ चिड़िया और तितली बनवाने से ही फट रही है फट्टू कही की तुम।
नेहा के मुंह से फट्टू सुनकर मधुलिका तो बहुत बुरा लगा और बोली:” फट्टू नही हू समझी लेकिन तेरी तरह बेशर्म भी नही जो किसी के भी आगे ब्रा पेंटी पहन लू समझू।
नेहा:” अरे मेरी भोली बन्नो, पता नही रोज कितनी औरते, लड़कियां अपने जिस्म लगभग पूरी नंगी होकर टैटू बनवा रही है, बस कपड़ो के नाम पर सिर्फ चुचियों के निप्पल और चूत के होंठ ढके हुए होते है हल्की सी थोंग टाइप पेंटी से समझी।
नेहा की बात सुनकर मधुलिका का ध्यान सीधे अपने बेटे पर गया कि पूरे दिन उसका भी इसी तरह से औरतों के नंगे जिस्म पर टैटू बनाता होगा। मधुलिका हल्की सी परेशानी से भरी हुई आवाज में बोली:”
” लेकिन मैं अपने सगे बेटे से टैटू कैसे बनवा सकती हु ?
नेहा की हंसी छूट चुकी और बोली:”
” पागल हैं क्या तू ? अपने बेटे से क्यों बनवाएगी ? इतना बड़ा शहर हैं मुंबई और कहीं बनवा लेना। वैसे अपने बेटे का नम्बर मुझे दे दे ताकि मेरे अगले टैटू थोड़े सस्ते बन सके।
मधुलिका ने राहत की सांस ली और बोली:” हा ये ठीक रहेगा, किसी और से ही बनवा लूंगी। तूने इतने टैटू बनवा तो लिए और कितने बनवाएगी ?
नेहा:” अब तुझे क्या बताऊं मेरी पड़ोसन बता रही थी कि जबसे उसने अपनी पेंटी में टैटू बनवाया हैं तबसे उसका पति उसके आगे पीछे दुम हिलाए घूमता है। इधर उधर मुंह मारने वाला उसके पूरी तरह से काबू में आ गया है। बस सोच रही हूं मैं भी बनवा लू।
मधुलिका उसकी बात सुनकर हैरान हुई और बोली:” पागल हो गई है क्या तू ? किसी और से बनवा ले ना, मेरा बेटा तो बिलकुल तेरे बेटे जैसा हैं फिर तो क्यों तेरी पेंटी में…
मधुलिका की आवाज उत्तेजना के कारण गले में रुक गई और लंबी लंबी सांसे लेने लगी।
नेहा:” दिन भर ना जाने किस किस की पैंटी में बनाता होगा ? मेरी मैं भी बना देगा तो क्या होगा ? औरों से तो अच्छा की काम करेगा। मैं कौन सी उसकी सगी मां हु !!
मधुलिका ने अब तक अपने आपको संयत कर लिया था और बोली:” ठीक हैं दे दूंगी। लेकिन एक बात बता कि ये टैटू बनाने वाले लड़के औरत को लगभग नंगी देखकर खुद को काबू में कैसे रखते हैं ?
नेहा:” अरे भाई उनका ध्यान तो अपने काम पर होता हैं बस, उन्हें जिस्म से कोई लेना देना नही होता, उन्हें तो डर रहता है और कहीं टैटू गलत बन गया एक मार्केट खराब हो जायेगी।
मधुलिका:” अच्छा ये बात भी ठीक है। चल मैं तुझे बाद मैं करती हूं। वैसे भी अभी तक खाना नही बना हैं और राकेश के आने का समय हो गया है। वो वैसे भी आज एक हफ्ते में बाद घर आ रहे है।
नेहा:” अच्छा जी, फिर तो आज रात तू गई काम से, पूरे एक हफ्ते की कसर आज पूरी कर देंगे तेरी। अच्छा टैटू जरूर बनवा लेना फिर देखना तेरा पति रोज घर आया करेगा। अच्छा रखती हु।
नेहा ने फोन काट दिया और मधुलिका अब सिर्फ टैटू के बारे में ही सोच रही थी कि उसे भी अपने जिस्म पर टैटू बनवाना चाहिए। मैं तो अपनी सभी सहेलियों से कही ज्यादा हॉट और खूबसूरत हैं और मेरा फिगर तो उन सबसे कहीं ज्यादा अच्छा है। कमीनी नेहा मुझसे फट्टू बोल रही थी अब मैं उससे कहीं ज्यादा टैटू अपने शरीर पर बनवा कर उसे दिखा कि मैं फट्टू नही बल्कि उससे कहीं ज्यादा फैशनेबल हु।
ये सब सोचते हुए वो अपने काम में लग गई। जल्दी ही खाना बन गया और गर्मी के कारण वो घूमें के लिए छत पर चल गई। छत पर ठंडी हवा से उसे बेहद सुकून मिला और वो पूरे तरह से ढल चुके सूरज को देख रही थी। तभी उसकी उसे किसी जानवर की दर्द भरी आह सुनाई दी तो उसने सड़क पर देखा कि एक आवारा घोड़ा एक घोड़ी के ऊपर चढ़ने की कोशिश कर रहा था और घोड़ी उसके वजन के कारण ठीक से खड़ी नही हो पा रही थी। मधुलिका की आंखे ये सब देखकर अपने आप चौड़ी होती चली गई और उसने देखा कि घोड़ी का लगभग एक फुट लंबा और करीब पांच इंच मोटा काला लंड उसकी टांगों के बीच में उधर इधर हिल रहा था जिसे देखकर मधुलिका के माथे पर पसीना छलक उठा और देखते ही देखते घोड़े ने पूरी ताकत से अपने दोनो पैरो को उठाकर घोड़ी की कमर पर रख दिया और नीचे से अपने लंड का मोटा तगड़ा सुपाड़ा उसकी चूत पर टिका कर पूरी जोर जोर से धक्के लगाते हुए अंदर घुसाने लगा और घोड़ी का मुंह दर्द से फिर से खुल गया आज घोड़े ने पूरा उछल उछल कर अपने समूचे लंड को घोड़ी के अंदर उसकी चूत में जड़ तक तक दिया और तेजी से हिलने लगा। घोड़ी अब चिल्ला नही रही थी बल्कि मस्ती से आंखे बंद किए हुए कांप रही थी।
तभी घर की कॉलबेल बज उठी तो मधुलिका ना चाहते हुए भी वापिस नीचे आने लगी। लेकिन जाने से पहले उसने एक आखिरी भरपूर नजर घोड़े पर डाली जो पूरी ताकत से घोड़ी की चूत में और अंदर घुसने की कोशिश कर रहा था। मधुलिका नीचे आ गई और उनसे दरवाजा खोला तो देखा कि उसका पति आ गया था और दरवाजा खोलते ही उस पर चिल्ला पड़ा
” क्या कर रही थी इतनी देर से ? कब से बेल बजा रहा था ?
मधुलिका:” वो मैं छत पर घूमने चली गई थी। गर्मी लग रही थी इसलिए बस।
राकेश ने घूर कर उसे देखा और बडबड़ करते हुए अंदर घुस गया। मधुलिका को लगा था कि उसका पति एक वीक के बाद आ रहा है तो आते ही उसे बांहों में भर लेगा लेकिन यहां तो उल्टा हो गया था। है भगवान ये आदमी कभी सुधर नही सकता क्या ?
राकेश ने अपना बैग दूर से ही बेड पर फेंक दिया और अपनी टाई खोलने लगा। मधुलिका उसके लिए पानी ले आई तो उसने पानी किया तो मधुलिका बोली:”
” कैसा रहा आपका बिजनेस टूर ?
राकेश ने बुरा सा मुंह बनाया मानो मधुलिका ने इससे कोई गलत सवाल पूछ लिया हो और बोला:”
” ये कैसा सवाल हैं ? तुम बहुत अच्छे से जानती हो कि मैं कोई भी डील खराब नही करता। कम्पनी के साथ साथ पूरे 12 लाख का फायदा हुआ है मुझे इस डील से।
मधुलिका को ये सब सुनकर खुश हुई और बोली:”
” ये तो बहुत अच्छी बात हैं, फिर तो अब आप थोड़े दिन के लिए छूटी ले लो और आराम से घर पर मेरे और मोहित के साथ रहो। वैसे भी दो दिन बाद हमारी शादी की सालगिरह आ रही है तो सोचा इस बार एक पार्टी करते है।
राकेश: देखता हु ऑफिस मैं बात करूंगा। ये भी उम्र हैं पैसा कमाने की फिर तो सारी उम्र आराम ही करना है। अच्छा मैं नहा लेता हूं तब तक रोटी बना लो। मोहित भी पांच मिनट में आ जायेगा।
इतना कहकर वो नहाने के लिए बाथरूम में टॉवेल लेकर घुस गया और मधुलिका उसके व्यवहार से हताश सी होकर किचन की तरफ चल पड़ी।

