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अध्याय 71

इधर

अजय को बेहोश हुए ना जाने कितना समय बीत चुका था ,उसे हल्की हल्की सी आवाज आते सुनाई दे रही थी ,हा वो जिंदा था ,शायद उसे यकीन ही नही था लेकिन उसे जैसे ही निधि की याद आई वो पूरे होशं से भर गया ,उसने हल्के से अपनी आंखे खोली ,वो सीलन भरी जगह थी जंहा पर नमी का अहसास हो रहा था साथ ही मांस के सड़ने की हल्की बदबू फ़ैली थी ,सामने एक काले पत्थर की बड़ी सी मूर्ति दिखाई दी साथ ही जो दृश्य उसे दिखाई दिया उससे उसकी रूह तक कांप गई ,मूर्ति के नीचे एक लड़की नग्न अवस्था में बैठी थी उसके बाल बिखरे हुए थे ,वो अजीब सी मचल रही थी जब उस लड़की ने सर उठाया वो अजय के प्राण कांप गए वो निधि थी ,माथे पर बड़ा सा तिलक था और उसके चारो ओर फूल बिछाए गए थे ,उसका दूधिया शरीर दूर से ही साफ दिखाई पड़ता था ,वो मानो बहुत ही नशे में थी ,पास ही उसने 2 लोगो को खड़े हुए देखा ,एक नकाबपोश था जबकि दूसरा किसी तांत्रिक की तरह दिख रहा था ,पूर्ण नग्न उस शख्स के शरीर पर राख लिपटे हुए थी ,बालो के नाम पर जटाएं थी जो बिखरी हुई थी वो लगड़ा कर चल रहा था पास ही एक बलशाली सा आदमी नकाब में था ,अजय ने अपने हाथ चलाने की कोशिस की वो बंधा हुआ था ,उसने रुकने का फैसला किया ,वो उत्तेजना में कोई ऐसा कदम नही उठाना चाहता था जिससे निधि को कोई खतरा हो ,जब तक वो जिंदा था निधि के बचने की उम्मीद थी …

“आखिर ये कैसे हो सकता है “

नकाबपोश शख्स बौखलाया

“मुझे क्या पता लेकिन ये लड़की कुँवारी नही है “

लंगड़ा तांत्रिक बुदबुदाया

“आखिर कैसे मैं इसपर सालो से नजर रखा हुआ हु ,इसका कोई बॉयफ्रेंड भी नही है ,किसी लड़के की छाया भी इसपर नही पड़ी और ये …और तुम ये कैसे कह सकते हो ,इतना बड़ा रिस्क उठाया है मैंने इसके लिए और तुम .”

वो और भी बौखलाया

“हमे लड़कियों के कौमार्य की परीक्षा करना सिखाया जाता है ,अगर इसकी बलि दे दिया तो शैतान नाराज हो जाएगा और इसकी सजा हमे मिलेगी ,”वो हड़बड़ाया हुआ बोला

“तेरे शैतान की तो मैं..”

उसने अपनी बंदूख उठाई और उस मूर्ति के सामने तान दिया

“पुनिया “जग्गू जोरो से चिल्लाया ,पुनिया ने तुरंत ही उसे चुप करा दिया

“पागल हो गया है क्या ,हमारे नाम किसी को भी पता नही चलने चाहिए “पुनिया हड़बड़ाया

“तो तू शैतान के बारे में ये कैसे बोल सकता है ,ये लड़की अब शैतान की भेंट तो चढ़ चुकी है ,लेकिन इससे हमे कोई भी लाभ नही हो सकता,अगर हमने इसे छुवा तो उसका कहर हमपर बरसेगा ,अगर हम शैतान को इसे भोगने के लिए आमंत्रित करे तो ये कुँवारी नही है शैतान हम पर ही बरसेगा “

जग्गू बड़े ही गंभीर होते हुए कहा

“तू पागल है ये सब दुसरो को डराने के लिए ही ठीक है ,तू भी इन सब पर विस्वास करता है “

जग्गू जोरो से हंसा

“अपनी आधी जिंदगी मैंने ये सब देखते हुए बिताया है और तू मुझे विस्वास की बात करता है ,हा लोगो को डराने के लिए कुछ पैतरे अपनाने पड़ते है लेकिन ये कोई पैतरा नही है,सच में शैतान को कुँवारी लड़की का भोग लगाने से वो खुस होता है और इससे हमारी शक्ति बढ़ती है,सालो से मैं ये करना चाहता था ,उस सरपंच की बेटी ही मिल जाती तो अच्छा था कहा हम इसे कली समझ कर इसके पीछे पड़ गए ,अगर हमारा ये प्रयास सफल हो जाता तो हमे हराना किसी भी के लिए नामुमकिन हो जाता ,”जग्गू मायूस था

“लेकिन अगर हम इससे संभोग भी नही कर पाए तो इस लड़की के जिंदा रहने का मतलब भी क्या हुआ “पुनिया अब बेचैन हो गया था

“क्योकि हमने इसे शैतान को सौप दिया है ,मैंने सभी विधि विधान तो कर दिए है लेकिन शैतान को बुलाने से पहले मुझे इसके कौमार्य के भंग होने की जानकारी मिल गई ,जब मैं इसके योनि को छुवा ,हम बच तो गए लेकिन अब फंस भी गए ,अब इसे ना ही मार सकते है क्योकि इसे मारने का अधिकार अब शैतान का ही है ,”

कुछ देर की खामोशी के बाद पुनिया के चहरे में एक शैतानी मुस्कुराहट ने जन्म लिया

“अगर शैतान को इसके भाई के अंदर बुलाया जाय तो “पुनिया की बात से जग्गू का चहरा खिल गया

“ये हुई ना बात ,अब भाई ही अपनी बहन को मारेगा और इसके अंदर का शैतान उस आदमी को मार डालेगा जिसने उसे एक पहले से इस्तेमाल की हुई लड़की का भोग लगाया ,मतलब इसका भाई ही मरेगा ,हम बस तमाशा देखेंगे दोनो ही मौत का “

“मुझे तो ये देखना है की कैसे एक भाई ही अपनी बहन को हमारे सामने चोदेगा ,वो भी जब उसके अंदर शैतान का वास हो …”

पुनिया की ख़ौफ़नाक हँसी पूरे गुफा में गूंज गई वही उनकी बाते सुनकर अजय की रूह कांप गयी ..

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