जिम्मेदारी (कुछ नयी कुछ पुरानी) – Incest Story | Update 61

जिम्मेदारी (कुछ नयी कुछ पुरानी) – Incest Story Written by ‘Chutiyadr’
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अध्याय 61

किशन की शादी को कुछ ही दिन बचे थे,सभी लोग पूरे जोश से इसकी तैयारी में लगे थे,खुसबू अब अक्सर ही इनके हवेली में आया करती थी,कभी कभी रात भी सोनल के साथ ही बिताया करती थी,अजय के करीब जाने का कोई भी मौका वो नही छोड़ती,अजय के दिल में उसके लिए प्यार तो था लेकिन वो अब भी बहुत असमंजस में था,वो सोनल और नितिन के रिस्ते को लेकर भी बहुत असमंजस की स्थिति में पड़ा हुआ था ,आखिर उसने सोनल से बात करने का फैसला किया…..

रात होने को थी और अजय ने सोनल को अपने कमरे में बुलाया था,खुसबू उसे बता चुकी थी की उसने अजय को सब सच सच बता दिया है,

सोनल के मन में भी थोड़ा डर जरूर था,

“आओ सोनल “

अजय अभी एक्सरसाइज कर रहा था,सोनल आकर उसके पास ही खड़ी हो गई,उसने उसके बदन पर एक नजर डाली ,बालो से भरा उसका चौड़ा सीना पसीने से चमक रहा था,भुजाए अभी अभी भार उठाने की वजह से फड़क रही थी,नशों में खून तेजी से दौड़ रहा था,जिससे उसकी नशे फूल सी गई थी,चौड़ा मस्तक तेज से दमक रहा था,सोनल उसे मोहित सी देख रही थी,अजय बस एक छोटी सी निकर डाले हुआ था,उसका पूरा गठीला जिस्म सोनल के सामने था,

‘वाओ “ उसके मुह से निकला

अजय भी उसकी तरह देखकर मुकुराय ,वो पास ही खड़ी थी ,तभी निधि भी कमरे में आ गई वो अपनी आदत के अनुसार एक झीनी सी नाइटी में थी अंदर कुछ भी नही पहनने के कारण उसके मदमस्त भरे पूरे जिस्म का हर भाग उस पारदर्शी नाइटी से झांक रहा था,

सोनल उसे देखकर और भी हैरान रह गई

“ये क्या पहन कर घूम रही है ,इतनी बड़ी हो गई है पर अकल बिल्कुल नही आयी है “

सोनल ने निधि को डांटा

“मैं कौन सा बाहर घूम रही हु और मैं तो रोज यही पहनती हु ,आप भी तो अपने रूम में यही पहन के रहती हो ,”

वो अपनी चिरपरिचित मासूमियत से बोली .अजय के चहरे में एक मुस्कान आ गया ,

“अरे तो भी भइया के सामने ???”

वो हल्के से बोली

“अच्छा आप विजय भइया के साथ ऐसे ही सोती हो तो …”

निधि झँझला गई ,सोनल को भी होश आया की ये क्या बोल गई ,अजय ने उसे एक भरी निगाह से देखा लेकिन वो उसे क्या बोलता,वो खुद भी तो निधि के साथ जिस्म के रिस्ते में उतर गया था….

निधि आगे बढ़कर अजय के गले से लग गई,उसकी पूरी नाइटी अजय के पसीने से गीली हो गई थी,लेकिन वो उसे नही छोड़ रही थी ,सोनल बस उसे देखे जा रही थी,वो दोनो के लिए तो ये नार्मल बात थी लेकिन सोनल जो उसे देख रही थी उसे इसमें एक मादकता दिखी ,दो जिस्म लगभग नंगे एक दूसरे से लिपटे थे ,निधि ने अपने होठो को अजय के होठो के पास किया और अजय ने उसे अपने होठो में भर लिया,थोड़ी देर तक वो एक दूसरे को यू ही चूमते रहे ,सोनल को आभास हुआ की वो भी विजय के साथ यही करती है,आज उसे लगा की शायद भाई बहन के रिस्ते में वो बहुत आगे निकल गए जितना नही निकलना चाहिए था,ये अहसास उसे भी अभी हुआ,खुद को अहसास कभी भी नही होता लेकिन दूसरे को देखने से लगता था की ये तो कुछ ज्यादा हो रहा है,अजय ने उसके चहरे के भाव पड़े और उसे अपनी ओर बुलाया,वो काँपती हुई अजय के पास आई ,आज उसे इन क्रियाओं में भाई बहन का प्यार नही दो देह का मिलान दिख रहा था,

अजय ने उसे उसके कमर से पकड़ा और उसे अपनी ओर खिंच लिया,वो उससे सट गई,उसकी सांसे एक अनजाने डर से तेज हो गई थी,अजय ने अपनी गर्दन नीचे किया और उसके होठो को भी अपने होठो से लगा लिया ,सोनल के लिए ये थोड़ा मुश्किल था,वो अभी प्यार की उस संवेदना में नही थी जंहा से उसे ये सब अच्छा लगता लेकिन वो अजय को ना भी नही कह पा रही थी,दोनो के होठ मिले निधि उनसे थोड़ी अलग हुई और बिस्तर में जाकर लेट गई ,यहां अजय का हाथ सोनल की कमर में गया और वो उसे और भी करीब खिंच लिया,अजय को ना जाने क्यो सोनल पर बहुत प्यार आ रहा था,उसे नितिन की वजह से ऐसा लग रहा था की वो उससे अलग हो रही है ,अजय को सोनल के लिए ऐसे ख्याल कभी भी नही आये थे,वो सोनल की आंखों में देखता है,

सोनल भी डरी हुई सी उसके आंखों में देखने लगी,लेकिन जैसे ही उनकी आंखे मिली उसका सारा डर जाता रहा,अजय की आंखों में उसके लिए अथाह प्यार था,सोनल को अपनी गलती का अहसास हुआ ,उसका भाई उसे बेहद प्यार करता था,उसके मन में कोई भी पाप उसके लिए आ ही नही सकते थे,सोनल की आंखे नम हो गई थी ,अजय उसकी आंखों के पानी को अपने होठो से पी गया ,

“i love you भइया,मुझे माफ कर दो “सोनल रोती हुई अजय से लिपट गई ,अजय को समझ नही आया की आखिर वो ऐसा क्यो बोल रही है,

वो उसके बालो को सहलाने लगा,

“क्या हुआ मेरी जान “

“कुछ नही भइया आज पहली बात मेरे दिल में आपके लिए गलत ख्याल आया “अजय फिर से कंफ्यूज हो गया था,सोनल उसके छाती के बालो में अपने हाथ फेरने लगी

“सोनल मैंने तुम्हे कुछ बात करने बुलाया था,”

“जी भइया “

“तुम बैठो मैं नहाकर आता हु “

वो बाथरूम में घुसा साथ ही निधि भी दौड़कर उसके साथ घुस गई,सोनल को ये देखकर हँसी आ गई ,वो अपनी आंसुओ को पोछते हुए बिस्तर में बैठ गई,कुछ देर बाद अजय और निधि बाहर आये,निधि एक नए नाइटी में थी शायद वो उसे पहले से बाथरूम में रख रखा था,अजय भी एक टॉवेल में बाहर आया और एक निकर उठाकर उसे पहनने लगा,ये सब वो अपनी दोनो जवान बहनों के सामने कर रहा था,लेकिन ना तो उसके मन में कोई बात आयी ना ही उन दोनो के दिमाग में ,

वो फिर से बिस्तर में बैठा,

“सोनल मैं तुमसे बहुत प्यार करता हु और मुझे तुम्हारे और नितिन के बारे में पता चला ,मुझे इससे कोई भी परेशानी नही है लेकिन क्या तुम दोनो किसको लेकर स्योर हो ..”

“भइया इसका क्या मतलब हुआ हम एक दूसरे से प्यार करते है ,और एक दूसरे से शादी भी करना चाहते है,”

“लेकिन तुम दोनो भाई बहन हो ये जानते हुए भी “इस बार अजय थोड़ा गंभीर था,और सोनल भी ,सोनल के आंखों में कुछ आंसू आ गए थे,उसने अपना मन दृढ़ किया जैसे वो कुछ निश्चय कर ली हो ,अजय निधि और सोनल के बीच में लेटा था वही निधि उससे लिपटी हुई लेटी थी जबकि सोनल उसके दूसरी ओर बैठी थी,वो उसके और पास गई उसके सीने में अपनी हथेलि रखी ,और उसे सहलाने लगी

“भइया हम सगे भाई बहन तो नही है ना,और अपने ही तो कहा था की मैं जिससे भी कहु आप उससे मेरी शादी करोगे,मुझे आपपर पूरा भरोसा है भइया की आप मेरा साथ दोगो,और अगर आप ये सोच रहे हो की ………….

सोनल थोड़ी देर को चुप हो गई ,अजय अब भी उसके चहरे को देख रहा था वही निधि को जैसे कुछ मतलब ही नही था वो बस आंखे बन्द किए सोई थी,

“कि भाई बहन है तो हमारे बीच सेक्स कैसे होगा,तो भइया दिल में अगर प्यार हो तो जिस्म का मिलान पाप नही होता,”

वो एक ही सांस में बोल गई,”

सोनल इतना बोलकर उसके सीने में अपने सर को टिका दिया

“मैं जानती हु भइया,समाज की मुझे कोई भी चिंता नही है ,आप सबसे लड़ जाओगे मेरे लिए “वो सुबकने लगी अजय ने उसे उठाया और अपने ऊपर खिंच कर उसे गले से लगा लिया ,वो अब भी सुबक रही थी ,अजय उसके बालो को सहला रहा था,

“नही मेरी जान मुझे समाज की नही तुम्हारी चिंता है,और चिंता है इन दो परिवारों को जो इतने सालो की दुश्मनी के बाद आज जाकर मिले है,

“मैं जानती हु भइया ,लेकिन अगर आप साथ हो गए तो कोई भी कुछ नही कहेगा,मुझे लगता है सभी मान जाएंगे”

“ह्म्म्म,तो तेरी भी शादी किशन के साथ ही कर दे “

सोनल का सुबकना अचानक ही बन्द हो गया,वो उठी अजय के चहरे में एक मुस्कान थी ,उसे देखकर उसके होठो में मुस्कान और चहरे में शर्म आयी वो उसे एक मुक्का अजय की छाती में लगाई ,और फिर से उससे लिपट गई,

“भइया एक चीज बोलू ,”

“हम्म “

“आप बुरा मत मानना लेकिन मेरे और विजय के बीच भी सेक्स हो गया,हम पता नही कैसे ये कर बैठे,आज जब आपको और निधि को यू किस करते देखा तो लगा की हमने शायद बहुत बड़ी गलती कर दी ,भाई बहन के प्यार का ये मतलब तो नही की जिस्म की आग बुझाई जाए,”सोनल फिर से रो रही थी और वो अब उठकर बैठ गई थी,वो अजय के चहरे को देख रही थी वो बोलते रही ..

“भइया आपकी कसम की हमारा ये इरादा बिल्कुल भी नही था,हम तो बस एक दूसरे को प्यार करते है जैसे की आप और निधि ,लेकिन ना जाने ऐसा क्या हुआ की हमे समझ ही नही आया की क्या हुआ और हमारे जिस्म मिल गए …”

अब अजय क्या बोलता वो खुद भी शॉक था,उसे भी समझ नही आ रहा था की जो वो निधि के साथ प्यार बोलकर करता है क्या वो गलत है या सही ,इसी गलत सही के फेर में सालो तक वो निधि से अलग रहने की कोसीसे करता रहा था,लेकिन वक्त के सामने किसीकी चलती है जो अजय की चलती ,वो चुप ही था ,उसे समझ नही आ रहा था की क्या कहे गुस्सा हो जाय या और कुछ ,हा उसके दिल में एक अजीब सा दर्द जरूर था,जो की एक बेचैनी थी या कोई तमन्ना या की कोई सपना क्या था …..??????

“अरे पागल उसे सेक्स नही प्यार करते है समझी आप भी ना दीदी,और ये मैं और भैया रोज ही करते है…. “

निधि मचलते हुए कह गई ,वो अजय के बांहो में मचली ,उसके आंख अब भी बन्द ही थे….लेकिन ये सुनकर सोनल का रोना बिल्कुल ही बन्द हो गया,अब वो और अजय दोनो ही शॉक थे ,दोनो कभी एक दूजे को देखते तो कभी निधि को ,शायद ये निधि को भी समझ आ गया था वो ऐसे कूदकर उठी जैसे कभी सोई ही नही हो ,

“सच्ची तो कह रही हु”उसने फिर से कहा ,और दोनो को देखने लगी,अजय बिल्कुल ही नर्वस हो गया था,लेकिन सोनल के होठो में एक मुस्कान आ गई

“ओह भइया ऐसी बात है तभी आप खुसबू से दूर भगते हो ,अपनी सगी बहन के साथ तो सबकुछ कर सकते हो और मामा की लड़की आपकी बहन हो गई उससे दूर रहना चाहते हो “सोनल के चहरे में अभी भी मुस्कान थी

“मेरे भैया को कुछ भी मत बोलो दीदी ,उन्होंने जो भी किया मेरे कहने पर किया और जो भी ये गलत हो तो वही सही मैं अपने भइया का साथ कभी नही छोड़ने वाली और दुनिया के नियमो की तो मा की …. “निशि इतना बोलकर ही रुक गई

अजय अब भी कुछ नही बोल पा रहा था,

“सोनल मुझे माफ कर दे ,लेकिन पता ही नही चला की ये कब हो गया,और तुझे पता है की मैं अपनी बहनों से कितना प्यार करता हु मैं उनके बारे में बुरा सोच भी नही सकता ….”

अजय की आंखों में भी पानी आ गया था ,वो जानता था की जिस परिस्थिति में ये सब हुआ था वो गलत नही थे लेकिन समाज की बनाई रिवाजो के सामने उसे अपने द्वारा किया काम गलत लगने लगा था,

सोनल उसके माथे में अपना हाथ फेरती है,

“मैं समझ सकती हु भइया ,प्यार की क्यो सिमा नही होती सीमा तो रिश्तों की होती है,जब प्यार रिश्तों के आगे निकल जाय तो वो मर्यादा का बंधन लांघ सकती है,मेरे और विजय के साथ भी यही हुआ जो आपके साथ हुआ ,अब ये गलत है या सही मुझे नही पता लेकिन जो है वो बस है….”

अजय ने बड़े प्यार से सोनल को देखा ,

“तो निधि आज हम दोनो मिलकर भइया से प्यार करेंगे “सोनल की बात से निधि खुस हो गई लेकिन अजय को जैसे ही ये बात समझ आयी

“नही पागल हो क्या “

“भइया हम तो प्यार करने की बात कर रहे है आप तो गलत समझ लिए “

सोनल ने मुस्कुराकर शरारत से कहा और दोनो बहन अजय के ऊपर कूद गए ,अजय भी हँसता हुआ उनसे खेलने लगा,लेकिन आज कोई भी सेक्स के मूड में नही था वो बस मस्ती कर रहे थे…………..

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