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अध्याय 23

“भइया ये नेहा दीदी को आज क्या हो गया है ,अपने कमरे में बैठे हुए रो रही है.. ..”

निशा ने मेरे रूम में आते हुए मुझसे कहा ..

“नेहा दीदी रो रही है …??”

“हा ..”

“चलो मैं देखता हु तुम कमरे में ही रुकना मैं अभी आता हु ..”

मैं नही चाहता था की निशा को कुछ भी पता चले .

मैं नेहा दीदी के कमरे में गया ..

“क्या हुआ आप रो क्यो रही हो ..चन्दू को कुछ ..”

मैंने एक शंका जाहिर की ….

उन्होंने बिना कुछ कहे मुझे अपना मोबाइल थमा दिया ,लास्ट काल किसी अननोन नंबर से आया था ,उसकी काल रिकार्डिंग मौजूद थी ..

“प्लीज् हेडफोन लगा कर सुनना ..”

उन्होंने सिसकते हुए कहा ..

मैंने हेडफोन लगा लिया और सुनने लगा ..

“हल्लो चन्दू ..”

“हम्म क्या रे कुतिया बहुत मचल रही है मुझसे बात करने के लिए,इतने ईमेल भेजे है मुझे की मैं तुझे काल करू ….”

मैं सुनकर बिल्कुल सी शॉक हो गया की ये चन्दू नेहा दीदी से किस तरह से बात कर रहा है ……

नेहा दीद :ये कैसे बात कर रहे हो तुम

चन्दू :.मादरचोद तू भी अपने बाप की ही औलाद निकली ना ,मुझे फसाना चाहती है …

नेहा दीद :ये क्या बोल रहे हो चन्दू ..

चन्दू :वो मादरचोद राज मुझसे मिलना चाहता है ताकि मुझे पकड़ सके …

नेहा दीद :ये तुम्हे किसने कहा

इस बार नेहा दीदी की आवाज थोड़ी लड़खड़ा रही थी ..

चन्दू :मैं सब जानता हु की साले ने कई गार्ड लगा के रखे है,मैं चूतिया नही हु ,सब पर नजर रख रहा है वो मादरचोद,और कुतिया तू मुझसे मिलना चाहती है …..

(चन्दू के इन बातो से नेहा दीदी भड़क गई थी )

नेहा दीद :चन्दू तमीज से बात कर ,मैं तुझसे प्यार करती हु तुझे धोखा नही दे सकती तू जानता है ना,फिर भी ..

चन्दू :.प्यार……(चन्दू जोरो से हंसा ) मादरचोद उसे चूत की खुजली कहते है ,तेरे जैसी प्यार करने वाली कई लड़कियों को चोद चुका हु मैं hahaha(चन्दू जोरो से हंसा लेकिन नेहा दीदी की हिम्मत जैसे टूट गई थी उनकी सिसकी की आवाज सुनाई दी )

नेहा दीद :चन्दू तुझे ये क्या हो गया है ,वो लोग तुझे बहका रहे है,तू तो मुझसे कितना प्यार करता था …(नेहा दीदी सिसक रही थी )

चन्दू :प्यार ….अरे मादरचोद मैं तो तुझे चोदना चाहता था,तेरी बहन और माँ को चोदना चाहता था जैसे तेरे बाप ने मेरी माँ के साथ किया …तेरी प्रोपर्टी हड़पना चाहता था , लेकिन उस मादरचोद राज के कारण नही चोद पाया ,साले ने जंगल से आकर पूरा काम ही बिगाड़ दिया …लेकिन अब नही मुझे तेरी कोई भी जरूरत नही है ,अब मेरे पास इतना सब कुछ है की वो मादरचोद अब मुझसे बच नही सकता …

(आखिरकार चन्दू ने सच उगल दिया था ,वो दारू के नशे में लग रहा था )

और साली मैं अब भी तुझे और तेरी बहनो और माँ को अपनी रंडी बना कर रखूंगा बस वक्त आने दे ,तेरा चोदू भाई मुझे कभी नही ढूंढ पायेगा,और मैं उसे मारकर पूरी प्रोपर्टी पर कब्जा करूँगा,फिर तुझे और तेरे घर की सभी औरतो को अपनी रांड बना कर रखूंगा जैसे तेरे बाप ने मेरी माँ के साथ किया ,पूरा बदला लूंगा मादरचोदों…

और सुन मैंने तुझसे कभी भी प्यार नही किया था ,बस तेरा इस्तमाल कर रहा था लेकिन अब मुझे तेरी कोई जरूरत नही है क्योकि अब मेरे वो सबकुछ है जिससे मैं अपने मकसद में कामियाब हो सकता हु …..

(चन्दू शैतानी हंसी में हंसा )

नेहा दीद :तूने अच्छा किया की मेरी आंखे खोल दी

(दीदी अब भी सिसक रही थी लेकिन उनकी आवाज में एक दृढ़ता थी ) मैंने तुझपर भरोसा किया मेरी माँ ने तुझपर भरोसा किया,ताकि मैं खुश रह सकू,तेरे कारण अपने भाई तक को वो प्यार नही दे पाई जो उसे मिलना चाहिए था,हे भगवान ये मुझसे क्या हुआ,लेकिन चन्दू तूने सही कहा की तेरी माँ मेरे बाप की रंडी है,और अब मेरे भाई की ,और तू…तू है ही रंडी की औलाद …तूने अपनी औकात आखिर दिखा ही दी …

(दीदी की बात सुनकर चन्दू गुस्से में जोरो से गरजा )

चन्दू :.ये साली जुबान सम्हाल कर बात कर ..

(लेकिन इधर से दीदी की एक बेहद ही खतरनाक सी हंसी गूंजी ,जिसमे दर्द था लेकिन एक अजीब सी दृढ़ता और संकल्प भी था )

नेहा दीद :मादरचोद अब तू देखना की मेरा भाई तेरा क्या हाल करता है,वो बेचारा तो तुझे तेरा हक देने को भी तैयार था .उसे तेरे और मेरे प्यार से भी कोई एतराज नही था ,लेकिन तू सच में एक रंडी की औलाद है साले,तू पाप की पैदाइश है ,यही तेरी औकात है और वो अब तुझे तेरी औकात दिखायेगा तुझे कुत्ते की मौत मारेगा,और अगर गांड में दम है ना तो पूरी ताकत लगा ले अपनी हमारी प्रोपर्टी का झांट भर टुकड़ा भी तू नही ले सकता ये मेरा वचन है ……..और हा मादरचोद अपना ईमेल रोज देखा करना ,अब से तेरी माँ को मैं असली रांड बना कर रहूंगी ,मेरा भाई ही नही इस घर का हर मर्द उसे चोदेगा,और अगर उससे भी उस रांड की खुजली नही मिटी ना तो मैं उसे टॉमी(मेरा डॉगी) से चुदवाऊंगी ,तू बस रोज बैठ कर उसे देखकर हिलाया करना ..

(दीदी की बातो से ऐसा लग रहा था जैसे कोई जख्मी शेरनी दहाड़ रही हो ,उसकी बात सुनकर तो मुझे भी पसीना आ गया था ना जाने चन्दू का क्या हाल रहा होगा)

चन्दू :मादरचोद अगर मेरी माँ को …

(वो इतना ही बोला था की दीदी फिर से बोल उठी )

नेहा दीद :साले चूहे की तरह बिल में छिपा हुआ है तू क्या उखाड़ लेगा मेरा दम है तो सामने आकर बात करना …रंडी की औलाद ..

(और फोन दीदी के द्वारा काट दिया गया …)

मैं ये सब सुनकर बिल्कुल ही हस्तप्रद था,दीदी अब भी रो रही थी,उसका रोना भी लाजमी था,जिसको इतना प्यार किया,जिसे लेकर सपने सजाए ,जिसके लिए अपने परिवार से भी लड़ गई,मुझे धोखा दिया,हर हालत और हालात में जिसका साथ दिया उसने आज इसने बेकार तरीके से उन्हें धुत्कार दिया…दिल और सपनो का टूटना क्या होता है ये वो ही जानते है जो इसे जी चुके है …….

मैं दीदी के बाजू में जाकर बैठ गया था ,मैंने उनके कंधे पर अपना हाथ रखा और वो मुझसे लिपट कर रोने लगी ………

“चुप हो जाओ दीदी ,वो इतना काबिल नही की आप उसके लिए रोओ …”

मैं दीदी को दिलासा देने लगा ..

“मैं उसके लिए नही रो रही हु भाई,मुझे तो बस इस बात का दुख है की उसके लिए मैंने क्या नही किया ,लेकिन भाई तुझे मेरी कसम है ..”

उन्होंने मेरा हाथ अपने सर में रख दिया …..

“तू उससे बदला लेगा,तू उसे कुत्ते की मौत मारेगा …”

दीदी की बात सुनकर मैं खुद भी सहम गया था ,मैं कोई कातिल नही हु ,लेकिन मैंने दीदी का हौसला रखने के लिए हा में सर हिला दिया …..और उनके आंसू पोछे ..

“अपने कोई भी गलती नही की है आप इस बात को सोचकर उदास मत हो…अपने जो किया वो अपने प्यार के लिए किया और प्यार एक नशा है,और नशे में आदमी को बिल्कुल भी समझ नही आता की वो क्या सही कर रहा है और क्या गलत…..”

मेरी बात सुनकर उन्होंने हल्के से मेरे गालो को सहलाया…

“बहुत बड़ी बड़ी बाते करने लगा है तू …”

उनके चहरे में पहली बार मैंने एक मुस्कान देखी ….

“लेकिन अब तो चन्दू और भी सतर्क हो जाएगा …अब तुम उसतक कैसे पहुच पाओगे …”

नेहा दीदी ने हल्के से कहा,वही चीज मेरे भी दिमाग को घेरे हुए था,चन्दू को पता चल गया था की मेरे आदमी नेहा दीदी के साथ साथ हमारे घर के सभी सदस्यों के ऊपर नजर रखे है ,मतलब साफ था की उसने सभी के ऊपर पहले से नजर बिठा कर रखी थी ,उसके पीछे जो भी था वो सच में बहुत ही तेज दिमाग का इंसान था …..

मैं सोच में ही पड़ा था की मेरे दिमाग में चन्दू को निकालने का एक आईडिया आ गया …..

अब जरूरत थी मेरे ध्यान में बैठने की ताकि मैं उस प्लान के हर पहलू को अच्छे से समझ सकू …….

मैं उठ कर जाने लगा ……लेकिन फिर रुका और दीदी को देखने लगा ….

“दीदी चन्दू से बदला तो हम लेंगे ही लेकिन प्लीज मेरे टॉमी को बक्स दो ,”

दीदी कुछ सेकंड के लिए सोच में पड़ गई ,लेकिन फिर उन्हें याद आया की उन्होंने चन्दू से क्या कहा था …वो जोरो से हंस पड़ी और प्यार से मेरे गाल में एक चपत लगा दी …

“जरूरत पड़े तो टॉमी को भी काम में लगना पड़ेगा …उस कमीने को तो मैं ….”

उनके चहरे पर गुस्सा वापस आने वाला था उससे पहले ही मैंने उनके गालो में एक किस कर लिया ,वो हैरान होकर मुझे देखने लगी …..

“आप गुस्से में बहुत प्यारी लगती हो लेकिन गुस्सा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है इसलिए जो भी करना है सोच समझ कर और मस्कुराते हुए ..समझी…….”

मेरी बात सुनकर वो फिर से मुस्कुरा उठी और उन्होंने हा में सर हिला दिया ……

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