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जवानी के अंगारे – Update 20

वो मुस्कुरा दिए

वो भी जानते थे की इस वक़्त अपने लॅंड को बाहर निकालना उनके लिए कितना बड़ा रिस्क साबित हो सकता है

वैसे भी उनके शेर ने सुबह उसकी माँ का शिकार तो कर ही लिया था

उपर से अनु की कुँवारी चूत और नंगा शरीर चाटने को मिल गया

ये तो बोनस था उनके लिए

वो हद से ज़्यादा खुश थे और अनु के नंगे शरीर को अपनी बाहों में लेकर होले -2 उसे चूम रहे थे

और तभी अनु को मोबाइल का ध्यान आया

उसने जैसे ही उसे उठाया तो मॉम को एप्रन उतारकर कमरे की तरफ आता देखा,

अनु नंगी थी और इतना टाइम नही था उसके पास की वो कपड़े पहन सके

उसकी और सर की फट्ट कर हाथ में आ गयी

एक पल की खुशी डर में बदल चुकी थी

इस बात का शेफ़ाली को पता चलना ही था, पर इतनी जल्दी चलेगा , ये उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था

अनु की सारी प्लानिंग धरी की धरी रह गयी

अब उनका पकड़ा जाना तय था

*******

सुधीर की तो ज़्यादा फट्ट रही थी

क्योंकि उसके हाथ से दोनो लड्डू भी जाने वाले थे और बेइजतती होगी, वो अलग

पर तभी अनु का दिमाग़ काम कर गया और उसने जल्दी से अपने सारे कपड़े समेटे और अपने रूम के अटैच बाथरूम में घुस गयी

उसकी फुर्ती देखते ही बनती थी

वो किसी लोमड़ी की तरह उछल कर अंदर घुस गयी और उसी पल कमरे में शेफाली दाखिल हुई

सर के चेहरे का रंग उड़ा हुआ था

उन्होने जल्दी से नॉर्मल होने की कोशिश की और अपना चेहरा लैपटॉप में गाड़ दिया

शेफाली : “अर्रे….ये लड़की कहाँ गयी…”

सुधीर : “वो…वो अभी अंदर गयी है, वॉशरूम “

शेफाली के चेहरे पर एक सैक्सी सी मुस्कान आ गयी, वो अपनी गांड मटकाती हुई सुधीर सर के करीब आई और उनकी गोद में बैठ गयी

सुधीर सर की पहले से ही फट्ट रही थी, उपर से शेफाली का गोद में आकर बैठना उसकी धड़कने और भी बड़ा रहा था

उनकी तो समझ में नही आ रहा था की ऐसे ही चलता रहा तो इन माँ बेटियों को कैसे संभालेगा वो

दोनो एक से बढ़कर एक थी मज़े लेने के मामले में

पर इस मज़े लेने के चक्कर में उसकी क्या हालत हो रही है वो ये दोनो नही जानती थी

सुधीर बाथरूम के दरवाजे की तरफ देखने लगा

शेफाली : “वो जब बाहर आने लगेगी तो फ्लश की आवाज़ पहले आ जाएगी, डोंट वरी “

इतना कहते हुए शेफाली ने अपनी बाहें उसके गले में डाली और अपने रसीले होंठ उसके होंठो पर रखकर ज़ोर-2 से चूसने लगी

इन माँ बेटी की हिम्मत की दाद देनी पड़ेगी

दोनो का दिमाग़ ऐसी परिस्थिति में कितना तेज चलता है, वो ये देखकर हैरान था

खैर

वो भी उसके रसीले होंठो का मज़ा लेने लगा

कुछ देर पहले ही अनु के होंठ चूसे थे उसने

उसके मुक़ाबले इनमें ज़्यादा रस था

होगा भी क्यो नही, इतने सालो की मलाई की मिठास जो जमा थी उसके मुँह के अंदर

वो अपने मज़े लेने में लगे थे और अंदर बाथरूम में नंगी अनु चुपके से उन दोनो का खेल देख रही थी दरवाजे की झिर्री से

उसके चेहरे पर हल्की मुस्कान थी

एक हाथ अपने नन्हे बूब पर और दूसरा अपनी भीगी हुई चूत पर था

“उफ़फ्फ़….ये मॉम के अंदर कितनी आग भरी हुई है…मेरा काम बीच में रुकवाकर खुद मज़े ले रही है….एक बार मौका मिल जाए बस, फिर देखती हूँ , कैसे मेरे और सर के बीच में आती है”

चूत पर हाथ लगते ही उसके पैर काँप से गये और वो लड़खडाकर वहीं फर्श पर बैठ गयी, इतनी देर से जो गुबार उसके अंदर पैदा हो रहा था उसे अपनी उंगलियों से खोदकर ही बाहर निकाल सकती थी वो

वो जोरों से अपनी चूत को रगड़ रही थी

और बाहर दोनो एक दूसरे के होंठो को

शेफाली के कान बाथरूम की तरफ ही लगे हुए थे, जैसे कुछ देर पहले अनु की नज़रें मोबाइल पर थी

अंदर से कुछ आवाज़ नही आ रही थी यानी वो दो नंबर करने बैठ गयी थी

ये मौका काफ़ी था शेफाली की हिम्मत को थोड़ा और बढ़ाने के लिए

उसने तुरंत अपनी टॉप को उपर उठाया और अपना बड़ा सा मुम्मा निकालकर सर के चेहरे पर रगड़ दिया

सुधीर को ऐसा लगा जैसे कोई रेशम का पिल्लो उसके चेहरे पर रख दिया हो शेफाली ने

सुधीर ने लपक कर उसके निप्पल को पकड़ लिया और बच्चों की तरह चूस कर उस यम्मी मम्मी का दूध पीने लगा

पर ज़्यादा देर तक और इस से ज़्यादा कुछ और हो नही सकता था, अनु के आने का खतरा भी था

इसी बीच अनु अपने कपड़े पहन चुकी थी

मन तो उसका बहुत कर रहा था की झड़ कर अंदर की सारी टेंशन निकाल दे

पर ज़्यादा देर तक अंदर रुक कर वो अपना नुकसान और अपनी माँ का भला नही करना चाहती थी

वैसे भी उसकी मॉम पहले ही डबल मज़ा ले चुकी है

उसने फ्लश चला दिया और वॉशबेसिन पर खड़ी होकर हेंड वॉश करने लगी

अंदर से आवाज़ आते ही शेफाली ने अपनी मदर डेरी का शटर गिरा दिया और भाग कर कमरे से बाहर निकल गयी

इसी बीच अनु बाथरूम से बाहर आ गयी

और तभी कमरे में शेफाली भी दाखिल हुई और दोनो को खाना खाने के लिए बाहर बुलाया

सब कुछ नॉर्मल लग रहा था दोनो माँ बेटी को

पर सुधीर सर उन दोनो के बदले हुए रंग को देखकर हैरान थे

कुछ ही देर पहले जो कुछ उन दोनो ने उसके साथ किया था उसका ज़रा भी नामो निशान नही था उनके चेहरे पर

पर जो भी था

सुधीर सर को अब पहले जैसा डर फील नही हो रहा था

आज की डेट में जितने झटके उसे लगे थे शायद ही कोई और उन्हे संभाल पाता

खैर, खाना बड़ा स्वादिष्ट था, उसे खाकर सुधीर सर उसकी तारीफो के पूल बाँधते रह गये

वो अकेले जो रहते थे इसलिए ऐसा खाना उन्हे नसीब नही होता था

उन्हे ऐसे तारीफ करते देखकर अनु ने अपना पासा फेंका : “सर, आप इतनी तारीफ कर ही रहे है मॉम के खाने की तो आप यहीं रह जाओ ना, हमारे साथ शिफ्ट करलो “

उसने इतनी मासूमियत से ये बात बोली की शेफाली और सुधीर मुस्कुरा दिए

पर अंदर ही अंदर दोनो इस संभावना को महसूस करके पुलकित होकर रह गये

शेफाली ये सोचकर की अगर ऐसा हो जाए तो रोज रात को सुधीर से अपनी चूत चुस्वाएगी, चुदवायेगी

और सुधीर ये सोचकर की एक घर में रहने के बाद दोनो माँ बेटियों को बारी-2 से चोद सकेगा, कितना मज़ा आएगा

दोनो एक दूसरे को देखकर मुस्कुरा दिए

ये देखकर अनु ने मसखरी जारी रखते हुए कहा : “फिर तो आप आज ही अपना सामान बाँध कर यहां आ जाओ , ज़्यादा सोचने की ज़रूरत नही है सर जी”

उसने टेबल के अंदर से अपने पैर का पंजा सुधीर की टाँग पर रखकर उसे रगड़ना शुरू कर दिया, शायद उसके अरमान बाहर निकल रहे थे

सुधीर (हंसते हुए) : “अर्रे नही अनु…..मैं तो बस ऐसे ही बोल रहा था “

शेफाली ने आँखे तरेर कर पूछा : “खाने की तारीफ ऐसे ही कर रहे थे क्या ?”

बेचारा दोनो माँ बेटी के बीच फँस कर रह गया,

पर उसकी हालत देखकर दोनो हंस पड़ी और माहौल थोड़ा लाइट सा हो गया

कुछ देर बाद खाना खाकर सुधीर सर चले गये

और पीछे छोड़ गये दोनो माँ बेटियों को, जिनके अंदर अपने-2 हिस्से की आग पूरी भड़क चुकी थी

इसलिए दरवाजा बंद करते ही दोनो ने अपने-2 कपड़े उतारे और बिना कोई बात किए एक दूसरे को किस्स करते हुए बेडरूम की तरफ चल दिए

अनु ने बाथरूम में शायद यही सोचकर अपने आप को झड़ने से रोका था की कुछ देर बाद अपनी मॉम से चटवाकर झड़ने में ज़्यादा मज़ा मिलेगा

और शेफाली भी 2 बार चुदाई के बाद अपने अंदर की आग को दबाने के लिए जब सुधीर की गोद में बैठी थी, तभी से उसकी चूत में आग भड़क चुकी थी, जिसे उसकी बेटी की गुलाबी जीभ ही शांत कर सकती थी

इसलिए बिना कोई देरी किए दोनो 69 की पोज़िशन में आ गये

दोनो के अंदर इतनी चिकनाई भरी हुई थी की दोनो के चेहरे ऐसे भीग गये जैसे घी के कनस्तर में मुँह डाल दिया हो दोनो ने

अनु : “उम्म्म्ममम…..मोंम ……आपकी पुस्सी तो इतनी गीली है जैसे ताज़ा-2 सैक्स किया हो आपने “

अनु को सर के लॅंड की महक भी आ रही थी अपनी माँ की चूत में से

आती भी क्यो नही, 2 बार ठोका था सुधीर ने आज उसे

शेफाली : “आआआआआअहह……धीरे ….काट मत ना…..सिर्फ़ चूस इन्हे, वैसे भी बहुत सेन्सिटिव हुए पड़े है आजकल, सैक्स की बात करके क्यो इनकी प्यास बड़ा रही हो तुम “

अनु : “सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स आआआआआआअहह…… प्यास लगी हो तो जो सामने हो पी लेना चाहिए मोंम ….आज तो अच्छा ख़ासा मौका था आपके पास “

उसने इशारे-2 में सर के बारे में बोल दिया

शेफाली भी मस्ती के मूड में आ चुकी थी

क्योंकि उसकी क्लिट के साथ छेड़खानी करते हुए अनु ये सब सवाल कर रही थी उसके साथ

शेफाली ने उसकी कमर पर अपने पंजे गाड़ दिए और उसकी कसी हुई चूत के अंदर तक जीभ घुसा कर मलाई निकाल कर खा गयी

और बोली : “मौका तो तब बनता ना, जब अकेली होती मैं , तू भी तो थी साथ में ….”

इस बात को सुनकर अनु पलटकर अपनी मोंम की तरफ आ गयी और उनके बूब्स को एक-2 करके चूसा फिर उनके होंठो को अच्छे से स्मूच करने के बाद अपना और मोंम का रस एकदुसरे के मुँह में डाला, फिर बोली : “मोंम ….मुझसे शरमाने की कोई ज़रूरत नही है, वी आर फ्रेंड्स, आई अंडरस्टॅंड योर प्राब्लम, आप फ्री हो, जिसके साथ भी करो, मुझसे शरमाने की या छुपाने की ज़रूरत नही है….सुधीर सर के साथ भी अगर आपको सैक्स करना है तो आई एम ओके विद दिस ”

अपनी बेटी की समझदारी भरी बात सुनकर शेफाली ने उसे एक बार फिर से चूम लिया

अनु : “और ….और मैं तो बोल रही थी की….सर के साथ….आई मीन….आप अगर चाहो तो…शादी भी कर सकते हो…”

इस बार वो चोंक गयी,

कुछ देर के लिए दोनो ने एक दूसरे को सहलाना, चूमना छोड़ दिया

अनु तो वही बात कर रही थी जो आज मज़ाक-2 में शेफाली ने सुधीर से कही थी

उस वक़्त भी उसने इस बात को सोचा था की काश ऐसा हो जाए तो कितना सही हो

पर फिर अनु के बारे में सोचकर वो चुप रह गयी थी

पर अब तो अनु खुद बोल रही है उसे ऐसा करने के लिए

शेफाली : “पर अनु….दुनिया क्या बोलेगी….और …और सुधीर मानेगे क्या इस रिश्ते के लिए “

अनु समझ गयी की तीर निशाने पर लगा है, मोंम भी इसके लिए राज़ी है

वो उछल कर बैठ गयी

और शेफाली के हाथ पकड़ कर बोली : “उसकी टेंशन आप मत लो मोंम , उन्हे मैं मना लूँगी….और रही बात दुनिया की तो उनका क्या है, वो तो बोलेंगे ही, मेरा ये आख़िरी साल है स्कूल का, जैसे ही 12th क्लियर होगी, उसके बाद हमारा उनके स्कूल में जाना नही होगा, तो कोई पूछेगा भी नही, बाकी सब रिश्तेदार एक बार बोलेंगे, बाद में कोई नही आता पूछने ”

शेफाली ने एक बार फिर से उसे चूम लिया
आज वो इतनी समझदारी की बाते कर रही थी जैसे एकदम से 5 साल बड़ी हो गई हो वो
उसने धीरे से सिर हिला कर हां कर दी

आख़िर वो भी जिंदगी के इस पड़ाव पर आकर एक ऐसा साथ चाहती थी जो उसके साथ उम्र भर तक रहे, डेटिंग एप पर मज़ा तो था पर ख़तरा भी था बदनामी का

इसलिए उसने अनु की बात मानकर हां कर दी

अपनी मोम की हां सुनते ही वो खुशी से चिल्लाने लगी

शेफाली को लगा की उसकी बेटी उसके लिए खुश हो रही है

पर उसे क्या पता था की उसे अपनी चुदाई की ज़्यादा खुशी थी , जो सुधीर सर हमेशा उसके घर पर रहकर करने वाले थे

और उसके बाद जो घमासान हुआ बेड पर उसका तो वर्ल्ड रिकॉर्ड बन जाता

दोनो करीब 2 घंटों तक एक दूसरे के बूब्स, पुस्सी और लिप्स चूसते रहे

और तब तक ऐसा करते रहे जब तक दोनो 2-3 बार झड़ नही गये और उनके अंदर और कुछ करने की ताक़त नही बची

झड़ने के बाद रोजाना की तरह दोनो एक दूसरे की बाहों में लिपटकर ऐसे ही सो गये

अनु की आँखो में नींद नही थी

उसके दिमाग़ में तो प्लान बन रहे थे, अगले दिन के लिए

की कैसे सर को पटाएगी, मॉम से शादी करने के लिए

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