Update 36
रेशमा गौतम को बाहों में भरके – खानदान चोदेगा? इतना बड़ा है तेरा?
गौतम – फ़ोन में देखा नहीं था क्या तूने? चल अब सामने से देख ले.. गौतम पेंट नीचे करके लंड निकाल लेता है..
रेशमा फलेश लाइट में लंड हाथ में पकड़कर देखती हुई – क्या खाया था कुत्ते जो इतना बड़ा हो गया?
गौतम रेशमा के मुंह में लोडा देते हुए – काले जामुन मेरी कुतिया.. चल अब चूस बहन की लोड़ी.. कब से तरसा रही थी..
रेशमा मुंह में लेती हुई – आज तो पूरा निचोड़ लुंगी तुझे..
रेशमा मुंह में लंड भरके जोर जोर से चूसने लगती है औऱ गौतम सिगरेट सुलगाते हुए रेशमा को लोडा चूसाने लगता है..


गौतम सिगरेट के कश लेता हुआ – उफ्फ्फ कुत्तिया क्या चुस्ती है तू.. लगता है मुंह से निकलवा देगी मेरा पानी..
रेशमा मुंह से लंड निकाल कर गौतम से सिगरेट लेकर एक लम्बा कश खींचती है औऱ वापस सिगरेट देकर लंड चूसने लग जाती है..
गौतम – पहले कितने नखरे दिखाती थी कितना लड़ती झगड़ती थी ताने मारती थी.. कबाड़ी की औलाद.. साली कबाड़न मुझे.. अब देखो कैसे रंडी की तरह लंड चूस रही है.. साली कबाड़न…
रेशमा – कबाड़न बोला तो तेरी अम्मी चोद दूंगी..
गौतम हसते हुए – लंड है तेरे पास? साली कबाड़न..
रेशमा लंड पर दाँत लगाते हुए काटने लगती है..
गौतम दर्द से – अबे ओ.. क्या कर रही है पागल हो गई है क्या.. बहनचोद दर्द हो रहा है..
रेशमा – बोलेगा कबाड़न वापस? साले ठुल्ले की औलाद..
गोतम लंड सहलाते हुए – साले तुम दोनों बहम भाई एक जैसे हो.. कितना जोर से काटा है..
रेशमा वापस लंड पकड़कर काटी हुई जगह को चूमते हुए – प्यार करोगे तो प्यार मिलेगा.. उल्टा बोलोगे तो सुनना भी पड़ेगा.. मुझे इतनी सीधी मत समझना.. बहुत बड़ी खिलाड़ी हूँ मैं..
गौतम सिगरेट का कश लेकर सिगरेट फेंक देता है औऱ रेशमा को खड़ा करके बाहों में भरते हुए कहता है – सच में कुत्तिया है तू.. बहुत काटती है.. औऱ कितनी बड़ी खिलाड़ी है ये तो अभी पता चल जाएगा मेरी जान..
रेशमा मुस्कुराते हुए – गौतम.. एक सच बताऊ?
गौतम होंठ चूमकर – बोल ना..
रेशमा – जब तुझे पहली बार देखा था ना.. मन में आया था कच्चा खा जाऊ.. इतना पसंद आया था तू.. मैं तुझसे सिर्फ इसलिए लड़ती थी ताकि तू मुझसे बात कर सके.. तेरी पसंद – नपसंद सब पता है मुझे.. तेरे लिए बड़े प्यार खाना बनाती थी.. जो आदिल लेजाकर तेरे साथ खाता था.. बस तू ये जो बेज्जतीया करता रहता था ना मेरी.. उसपर बहुत गुस्सा आता है..
गौतम मुस्कुराते हुए – मतलब मेरी कबाड़न भी मुझसे प्यार करती है.. ये औऱ भी अच्छा है..
रेशमा – तू फिर से शुरु हो गया ना.. एक बार औऱ कबाड़न बोला तो खा जाउंगी तुझे कच्चा…
गौतम प्यार से गाल चूमते हुए – अच्छा अब सलवार खोल दे.. बहुत मन कर रहा है..
रेशमा – पहले कुछ गिफ्ट दो..
गौतम – क्या गिफ्ट चाहिए?
रेशमा – कुछ भी.. इतनी आसानी थोड़ी खज़ाना दे दूंगी.. पहले तुम्हे भी कुछ देना पड़ेगा..
गौतम – अबे मैं तेरे भाई को लुटता हूँ तू मुझे लूट रही है…
रेशमा – रेशमा की सलवार का नाड़ा तो तभी खुलेगा जब तुम कुछ दोगे.. वरना मेरे लिए यहां तक आये हो इसलिए ऊपर ऊपर से कुछ भी कर सकते हो..
गौतम जेब एक चॉक्लेट कैंडी निकालकर – ये चलेगी?
रेशमा चॉकलेट कैन्डी लेकर सलवार का नाड़ा खोलते हुए – एक टॉफी के बदले चुत दे रही हूँ.. अहसान याद रखना मेरा.. औऱ कभी मिलने से मना किया तो तेरा क्या हाल करुँगी वो अंजाम भी याद रखना..
गौतम नीचे बैठकर चुत सूंघता है औऱ उसपर चुम्मा करके कहता है – बहुत कमीनी हो रेशमा.. पूरी चिकनी करके आई हो..
रेशमा – पहली बार पसंद के आदमी से चुद रही हूँ.. कोई शिकायत का मौका नहीं देना चाहती थी ..
गौतम चुत पर होंठ लगा देता है औऱ धीरे धीरे जीभ से चुत को अगल बगल से सहलाते हुए चाटने लगता है. रेशमा प्यार से अपनी टाँगे चौड़ी करके अपनी चुत के दाने को गौतम के मुंह में देकर जबरदस्ती गौतम को चूसाने लगती है औऱ काम भावना से भरकर कामुक सिसकियाँ भरने लगती है..


जिस तरह से गौतम रेशमा की चुत का चटकारा ले रहा था उससे रेशमा का ज्यादा देर तक अपनेआप को काम की बारिश में भीगने से रोके रखना मुश्किल था.. कुछ ही मिनटों में रेशमा गौतम के मुंह में अपने जवानी का पानी छोड़कर फारीक हो गई..
गौतम रेशमा का पानी निकालकर खडा हो गया औऱ रेशमा की कुर्ती के ऊपर से ही उसके मदमस्त सुडोल औऱ सुगठित उरोजो का मर्दन करते हुए रेशमा के गले औऱ गले से नीचे अपने चुम्बन औऱ छूअन से उसे फिर वासना औऱ प्रेम की मिली हुई आंधी में उड़ा के ले गया..


रेशमा ने गौतम के शर्ट को उतारकर उसके सीने औऱ गर्दन को अपने होंठों की अनगिनत छुअन औऱ चुम्बन से सजा दिया औऱ जगह जगह प्यार से दाँत चुभो कर काटने लगी.. रेशमा ने गौतम के निप्पल्स के मुंह में ले कर इस तरह चूसा जैसा गौतम के निप्पल्स से दूध निकल आएगा औऱ गौतम भी रेशमा के इस तरह से करने पर काम से भरते हुए कामदेव की शरण में बैठ गया था..
गौतम ने रेशमा की कुर्ती उतार दी औऱ इस बार रेशमा के चुचो का स्वाद लेने लगा..


रेशमा के बदन से उठती महक गौतम की नाक में चढ़ रही थी वो रेशमा के बोबे जितना मुंह में भर सकता था भरकर चूस रहा था.. औऱ रेशमा तो जैसे आज गौतम के प्रति अपनेआप को समर्पित कर देना चाहती थी.. रेशमा ने बारी बारी से अपने दोनों चुचो को गौतम को चूसाया औऱ गौतम के चूसने औऱ दबाने के लिए खुला छोड़ दिया.. गौतम बूब्स पर lovebite छोड़ रहा था जिसमे रेशमा को होते मीठे दर्द औऱ गौतम को खुश करने की लालसा साफ झलक रही थी..
अच्छे से अपने बूब्स का भोग गौतम को लगाने के बाद रेशमा ने पलट कर अपनी एक टांग उठाकर आगे पड़ी हुई पट्टी पर रख दिया औऱ पीछे देखते हुए अपने दोनों हाथों से अपनी गांड खोल के गौतम से बोली..
रेशमा – आजा मेरे कुत्ते.. तेरी कुत्तिया तैयार है..
गौतम रेशमा की गांड पकड़ते हुए उसकी चुत के मुहाने पर लंड लगाकर बोला..
गौतम – बहुत टाइट है रेशमा..
रेशमा चुत में लंड घुसवाते हुए – तू डाल दे जानू.. मेरी चिंता मत कर..
गौतम धीरे धीरे प्यार से लंड घुसा देता है.. औऱ आधे से थोड़ा ज्यादा जाते जाते रेशमा की कामुक सिस्कारिया दर्द औऱ तकलीफ की आहो में बदल जाती है.. गौतम औऱ अंदर नहीं घुसाता औऱ उतने लंड से ही रेशमा को पेलने लगता है.. गौतम पीछे से रेशमा की चुत ले रहा रहा औऱ उसे बड़े प्यार से चोद रहा था.. रेशमा को इस बात की ख़ुशी थी की गौतम उसकी तकलीफ समझता है औऱ हवस में अंधा होकर उसके साथ जोर जबरदस्ती नहीं कर रहा.. वही अपने आप पर गर्व भी हो रहा था कि उसकी पसंद गलत नहीं है..


गौतम ने पीछे से थोड़ी देर चोदकर रेशमा को अपने तरफ घुमा लिया औऱ उसकी एक टांग उठाकर उसकी चुत चोदने लगा.. रेशमा से रहा ना गया औऱ वो गौतम के सर को पकड़कर चूमने लगी औऱ खुद अपनी गांड आगे पीछे करती हुई चुदवाने लगी जैसे उसे अब इसमें कोई शर्म लिहाज नहीं रह गई हो.. दोनों के होंठ से होंठ औऱ चुत से लंड आपस में मिले हुए थे.. दोनों का मिलन एक अद्भुत माहौल बना रहा था..
गौतम ने रेशमा को अपनी गोद में उठा लिया औऱ लंड पर उछाल उछाल कर पेलने लगा.. इस बार रेशमा गौतम का पूरा लंड झेल गई औऱ उसे अब तकलीफ भी नहीं हो रही थी उसने चुदते चुदते गौतम को बहुत कुछ बता दिया दिया औऱ अपने मन के हर कोने से रूबरू करवा दिया था रेशमा गौतम के प्यार में अब औऱ गहराई में उतर चुकी थी.. वो गौतम लंडपर उछल रही थी मगर इस वक़्त उसका दिल भी उछल रहा था जो निकल कर गौतम के कदमो में आ गिरना चाहता था.. रेशमा ने पीछले कुछ वक़्त से गौतम के होंठों को जरा भी आराम नहीं करने दिया था.. वो लगतार चुदते हुए गौतम के होंठ कुतर रही थी..


रेशमा वापस झड़ गई थी औऱ अब भी गौतम उसे चोदे ही जा रहा था.. दोनों को मज़बूरी में खड़े खड़े चुदाई करनी पड़ रही थी औऱ अब गौतम ने रेशमा को गोद से नीचे उतार कर अपने आगे झुका लिया था औऱ पीछे से रेशमा कि चुत पर हमला बोल दिया था जिसमे वो रेशमा के बाल पकड़ कर पीछे से उसकी चुत पर एक के बाद एक जोरदार झटके दे रहा था जिसकी आवाज उस कमरे में गूंजने लगी थी.. इस बार भी रेशमा को झड़ने में वक़्त नहीं लगा वो गौतम के झड़ने के साथ ही झड़ गई.. औऱ दोनों का पहला सम्भोग संपन्न हो गया..



टप की आवाज के साथ गौतम का लंड रेशमा की चुत से बाहर निकला औऱ रेशमा नीचे बैठकर उसके लंड को मुंह में भरकर चूसते हुए साफ करने लगी.. गौतम औऱ रेशमा पसीने से लथपथ थे.. लंड साफ करने के बाद रेशमा खड़ी हुई तो गौतम ने उसके बदन को अपने रुमाल से पोंछा औऱ दोनों ने कपडे पहनें..
रेशमा अपने आप को आज बहुत हल्का महसूस कर रही थी उसने गौतम को गले लगाते हुए कहा – आई लव यू मेरे कुत्ते..
गौतम – लव टू मेरी कबाड़न..
रेशमा गुस्से से – गौतम..
गौतम – प्यार से बोल रहा हूँ मेरी कुतिया..
रेशमा – कबाड़न मत बोलो ना जानू.. प्लीज..
गौतम – ठीक है मेरी कुतिया.. अब नहीं चिढ़ाता..
रेशमा – तुम खुश हो ना?
गौतम – तुम्हे क्या लगता है?
रेशमा – चिढ़ा नहीं रहे मतलब खुश हो..
गौतम – चल यार भूक लगी है खाना खाते है वैसे भी थोड़ी देर में कोहराम मचने वाला है.. जब शमा की खबर लगेगी सबको.
रेशमा – तुम जाओ.. मुझे किसी ने तुम्हारे साथ देख लिया तो मुसीबत हो जायेगी.. मैं पीछे पीछे आती हूँ..
गौतम – चल ठीक है मेरी जानू.. जैसा तू बोले..
रेशमा चूमते हुए – फ़ोन करुँगी.
गौतम – बाए..
गौतम वहां से शादी वाले घर आ जाता है जहा छत पर असलम पी के टुन होके पड़ा था औऱ आदिल साइड में बैठा हुआ फ़ोन में कुछ कर रहा था.
गौतम – चल गांडू खाना खाते है..
आदिल – बाद में खा लेंगे..
गौतम – बाद में नहीं अभी.. मुझे जाना है वापस..
आदिल – चल यार..
गौतम – आराम से खा लेते यार.. कोनसा ख़त्म हो जाएगा…
गौतम – गांडु.. हंगामा होने वाला है..
आदिल हसते हुए – क्यों दुल्हन भागने वाली है क्या?
गौतम – हाँ..
आदिल – सच?
गौतम – तेरी कसम.. चल खाके निकलता हूँ वरना खामखा नौटंकी देखनी पड़ेगी..
आदिल – तुझे कैसे पता?
गौतम – मैंने ही भगवाया है एक लड़के साथ..
आदिल – बहन के लंड.. तू आदमी है झांट का बाल? लड़की को भगा दिया..
गौतम – अबे जबरदस्ती शादी हो रही थी यार उसकी.. लड़की किसी औऱ को चाहती है इसमें मेरी क्या गलती.. पनीर औऱ ले.. कम पड़ेगा..
आदिल – भोस्डिके तुझे क्या मतलब.. उसकी मर्ज़ी ना मर्ज़ी से.. यहां बैठते है आजा.. साले अच्छी भली शादी की अम्मी चोद दी तूने.
गौतम खाना खाते हुए – अम्मी तो तेरी चोदी है भूल गया.. औऱ छोड़ ना.. तू क्या इतना दुखी हो रहा है.. तेरी दुल्हन थोड़ी भागी है..
आदिल खाना खाते हुए – सलमा से मिला?
गौतम – हाँ.. दो बार.. मन भरके मिला.. उसे बोल दिया है वापस अजमेर आने के लिए. जल्द आ जायेगी..
आदिल – तू अभी रेशमा के साथ था..
गौतम – हाँ यार पसंद आ गई तेरी बहन… पर बहुत अकड़ू है यार तेरी बहन..
आदिल – तूने साले अकड़ तोड़ डी होगी.. मुझे पता है..
गौतम – भाई रेशमा को मैं ही प्यार करूँगा.. तू उसकी लेने का ख्याल छोड़ देना.. याद रखना..
आदिल – चल ठीक है.. चल अब निकल..
गौतम – अच्छा सुन.. तेरी बहन के लिए पायल खरीदी थी.. उसे दे देना यार.. मैं भूल गया देना..
आदिल – मैं क्या बोल के दूंगा साले तू ही दे दे..
गौतम – अब कहा अकेली मिलेगी.. यार.. चल कोई नहीं कुछ करता हूँ.. कल वापस जा रहा हूँ वहा मिलता हूँ तुझसे..
आदिल – ठीक है भाई..
गौतम वापस छत पर जाता है औऱ असलम के शर्ट की जेब में पायल रख देता है औऱ रेशमा को massage करके पायल लेने को कह देता है..
रेशमा असलम की शर्ट की जेब से पायल निकालकर मुस्कुराते हुए गौतम को याद करने लगती है..
गौतम घर पहुंच कर थकान से नींद के आगोश में चला जाता है औऱ फिर से कोई सपना देखने लगता है जिसमे उसके पिछले सपने के आगे की कहानी पता चलती है..
