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Update – 2 

रजनी 34

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रजनी – कम इन.. 

रजनी किसी फ़ाइल को देखते हुए बोली और सामने से अंदर आते हुए गौतम को एक नज़र सर उठा के देखा फिर अपनी उंगलियों में सुलगती सिगरेट का एक कश लेकर टेबल पर रखे पोट में बुझा कर बेल का बटन दबा दिया.. 

गौतम – मेम ये फ़ाइल.. 

गौतम ने फ़ाइल रजनी को देते हुए कहा और फिर सामने खड़ा हो गया, इतने में एक वर्दी पहना हवलदार

बाहर से अंदर आया और अपने दोनों हाथ बांधकर बोला. 

ज़ी मैडम.

रजनी गौतम की तरफ इशारा करके – ये बच्चा कौन है? 

हवलदार – ज़ी मैडम वो ये जगमोहन का लड़का है. गौतम सब ग़ुगु बुलाते है.

रजनी – ठीक है मेरे लिए एक चाय ले आओ. और तुम, क्या नाम है तुम्हारा? हां गौतम. तुम घर जाओ. 

गौतम – ज़ी मेम.. गौतम पलटकर जाने लगता है मगर उसे रजनी के साथ कुछ अजीब लगता है वो एक पीछे मुड़कर देखता है तो उसे कुछ अहसास होता है और वो रुक जाता है.. 

रजनी गौतम को देखकर वापस कहती है – क्या हुआ? चाय पीके जाएगा? 

गौतम – नहीं मेम, वो आपके गर्दन में दर्द रहता है? 

रजनी हैरानी से – तुझे कैसे पता?

गौतम – नहीं वो आपके गले में सूजन है दाई तरफ तो उससे पता लग गया. 

रजनी – तू डॉक्टर की पढ़ाई कर रहा है? 

गौतम – नहीं पर मैं इसे ठीक कर सकता हूँ.

रजनी – 3 साल हो गए डॉक्टर से कुछ नहीं हुआ तू क्या करेगा? 

गौतम – बस थोड़ी गले की मसाज करनी पड़ेगी गीले हाथों से. 

रजनी – चल ठीक है तू भी कोशिश कर ले. 

गौतम रजनी की चेयर के पीछे जाकर पानी से अपने हाथ गीले करता है और रजनी के कंधे और गले के जोड़ पर अपनी उंगलियां फिराते हुए मसाज करने लगता है रजनी को इस मसाज में बहुत आराम और सुकून मिलता है गौतम कुछ देर मसाज करके फिर रजनी के गले-कंधे के आस पास कुछ जगह को सहलाकर और हड्डियों के जोड़ को दबाकर उसका दर्द कुछ पलो में छूमंतर कर देता है.

गौतम – अब ठीक है मेम. अब गर्दन हिलाने में आपको दर्द नहीं होगा. 

रजनी अपनी गर्दन दाए बाए ऊपर नीचे हिलाकर – अरे वाह तूने तो सच में 3 सालों का दर्द 3 मिनटों में ठीक कर दिया? कमाल है तेरे हाथों में. जादूगर है तू तो. कहाँ से सीखा ये सब? 

गौतम – वो नाना ज़ी वेद्य थे सबका इलाज़ भी किया करते थे.. बचपन में कुछ साल उनके साथ रहकर ही थोड़ा बहुत हुनर सीखा. 

रजनी अपने पर्स से अपना कार्ड निकाल कर – ये लो कोई भी प्रॉब्लम हो या कोई परेशान करें तो सीधा मुझे कॉल करना. ठीक है? 

गौतम – ज़ी.. मेम एक बात पुछु? 

रजनी – हां बोलो? 

गौतम – आपकी मदर नोबल अकेडमी में टीचर थी ना?

रजनी – हां पर तुझे कैसे पता? तू नोबल अकेडमी से है?

गौतम – हां 7th & 8th standard में वही हमारी क्लास टीचर थी उसके बाद उन्होंने पढ़ना छोड़ दिया. 

रजनी – हां.. वो मेरे साथ कोटा चली गई थी.. 

गौतम – मैं चलता हूँ. 

रजनी – ठीक है पर कार्ड में घर का एड्रेस भी है कभी अपनी क्लास टीचर से मिलने का मन करें तो घर आ सकते हो.

गौतम – और आपसे मिलने का मन करें तो?

गौतम ने रजनी की बात के जवाब में ये लाइन बोल तो दी थी मगर बोलने के बाद उसे अगले ही पल अहसास हो गया था की उसने ये क्या कह दिया है मगर वो फिर भी चुपचाप खड़ा रहा और अपनी आँखे झुका ली रजनी को भी इस बात का अंदाजा नहीं था की गौतम कुछ ऐसा कह जाएगा, दोनों की हालत लगभग एक सी थी और हालात अलग.

रजनी ने एक पेन उठकर एक कागज़ पर कुछ लिखा और गौतम को देते हुए कहा – मुझसे मिलने का मन करें तो इस नम्बर पर टाइम और जगह व्हाट्सप्प करना.

गौतम नम्बर सेव करके तुरंत व्हाट्सप्प पर रजनी को कुछ लिखकर सेंड करता है जिसे देखकर रजनी  मुस्कुराते हुए ok बोल देती है और गौतम शुक्रिया बोलकर चेम्बर से बाहर आ जाता है और वापस अपने घर के लिए निकल जाता है.

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रजनी ने ये बात मुस्कुराते हुए नरमी भरे लहज़े में कही थी और पहले जो उसकी बात में रुखाई और सख़्ती थी वो अब पिघलकर पानी हो चुकी थी रजनी ने पहली बार गौतम के खूबसूरत और चाँद से चेहरे को गौर से देखा और उसकी आँखों में घुली ठंडक को महसूस करने लगी थी उसका मन गौतम को रोककर कुछ देर और उससे बात करने का था मगर फिर भी ना जाने क्यू वो गौतम को जाते हुए रोक ना सकी और ख़ामोशी से अपनी कुर्सी पर बैठकर उसे जाते हुए देखती रही. 

रजनी 34 साल की तलाक़शुदा औरत थी जिसे मर्दो कुछ ख़ास लगाव नहीं था अपने पिता और पति की बेशर्मी भरी हरकतो ने उसके मन में मर्द की ऐसी तस्वीर बनाई थी जो कतई अच्छी नहीं कही जा सकती. चेहरे से साधारण दिखने वाली रजनी शारीरिक बनावट और कसावट में किसी हीरोइन से कम ना थी मगर किसी में उसके आगे बोलने की हिम्मत ना थी, जिस तरह का उसका बर्ताव था छोटे तो क्या बड़े अफसर तक उससे कुछ उल्टी बात करने से पहले सोच लेते थे. 

आज रजनी को ना जाने क्यू गौतम के चेहरे की खूबसूरती, स्वभाव की सादगी और जुबान में घुली मिश्री सी मीठी बाते मोह गयी थी. गौतम बिलकुल वैसा ही था जैसा रजनी अपने लिए पति माँगा करती थी जब वो नई जवान हुई थी, मगर जिंदगी और हालात ने उस नाजुक लड़की को कब कठोर बना दिया उस नाजुक लड़की को भी पता नहीं चला. आज बहुत सालों बाद उसे ये अहसास हुआ था की वो एक औरत भी है और उसके अंदर करुणा स्नेह और प्रेम का विलक्षण गुण भी मोज़ूद है.. 

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गौतम घर पंहुचा तो उसने देखा की सुमन बेड पर लेटी हुई सो रही थी और उसने साड़ी खोलकर मैक्सी पहन ली थी.. 

गौतम चुपचाप जाकर सुमन के पास बेड पर बैठ गया और झुककर सुमन के गाल को चूमते हुए बोला.. 

गौतम – माँ थक गई? 

सुमन गौतम को अपने पास बैठे देखकर – हम्म थोड़ी सी, पैरों में हल्का दर्द है.. 

गौतम – अच्छा? मैंने कहा था उस पाखंडी के चक्कर में कुछ नहीं रखा.. ढाई ढाई सो सीढ़िया चढ़ोगी और उतरेगी तो दर्द तो होगा ही. मैं पैरों की मालिश कर देता हूँ रुको. 

सुमन – ग़ुगु रहने दे, क्यू बेवजह परेशान हो रहा है? कुछ देर आराम कर लुंगी तो ठीक हो जाउंगी. 

गौतम – आप बिलकुल चुप रहो और लेटी रहो, मैं अभी मालिश कर देता हूँ.. 

सुमन – ग़ुगु रहने दे बेटू.. मैं ठीक हूँ.

गौतम – मैंने कहा चुप रहो आप.. 

गौतम एक बोतल से थोड़ा तेल अपने हाथो पर लेकर अपनी माँ सुमन के पैर की मालिश करने लगता है जिसे देखकर सुमन मुस्कुराते हुए आज ही नए ख़रीदे फ़ोन से जो बगल में पड़ा हुआ था उठाकर गौतम का वीडियो बनाने लगती है.. 

गौतम सुमन से – किसे दिखाओगी वीडियो बनाकर? 

सुमन – पूरी दुनिया को 

गौतम – वो कैसे?

सुमन – इंस्टा पर लाइव आके 

गौतम – पागल हो क्या माँ? क्या कर रही हो?

सुमन – जो तुमने सिखाया था, तुमने ही तो कहा था इससे लोग फ़ॉलो करते है अकाउंट को. देखो 74 लोगों ने तो फॉलो भी कर लिया. 

गौतम – ये सब नहीं दिखाना होता इंस्टा लाइव पर समझी आप? मुझे बिना बात में फेमस कर रही हो. मुझे नहीं होना फेमस. 

सुमन – अच्छा अब हो गया, छोड़ दे मेरे पैर वरना मुझे पाप लगेगा.. 

गौतम – अच्छा जब मेरे पैरो के हाथ लगाती हो तब पाप नहीं लगता? 

सुमन – फ़ोन को क्या हो गया? 

गौतम – क्या हुआ? 

सुमन – देखो चलते चलते रुक गया. पहले वो क्या कहते है उसे वो तुमने बताया था जो रील्स.. वो आ रही थी अब नहीं आ रही.. 

गौतम – कैसे आएगी 1 घंटे में तो पूरा इंटरनेट डाटा उड़ा दिया आपने..

सुमन – मतलब? 

गौतम – मतलब ये की रोज का दो gb इंटरनेट डाटा मिलता है मुझे जो आपने रील्स देख देखकर और ये फ़ालतू की अप्प्स चला चला के ख़त्म कर दिया.. अब रात को बारह बजे के बाद ही अगला 2gb डाटा मिलेगा.. 

सुमन – अच्छा. मुझे कहा ये सब आता था.. 

गौतम – ये क्या फालतू की वीडियो बनाके डाली है आपने अकाउंट पर.

सुमन – अच्छी तो है तुमने कहा गाने की डालेंगे तो सब फ़ॉलो करेंगे. देखो 117 लोगों ने फॉलो भी किया है.

गौतम – पर ये बग्राउंड में कितना शोर है आपकी आवाजे ही नहीं आ रही है आप क्या गा रही है..

सुमन – वो सब मुझे नहीं पता.. 

गौतम – अच्छा ठीक है छोडो, कल से मैं आपकी मदद करूंगा.. आप आराम करो मैं जाता हूँ.. 

सुमन – ग़ुगु.. 

गौतम – हां? 

सुमन – चाय मिलेगी? 

गौतम – 200 रुपए लगेंगे.

सुमन – इतनी महगी? मैं खुदसे बना लुंगी.

गौतम – लेटे रहो मैं बनाता हूँ आप भी पापा की तरह कंजूस हो.. 

सुमन – अब आये ना लाइन पर, मसाले वाली बनाना एकदम कड़क. 

गौतम रसोई में जाकर चाय बनाने लगता है इतने में उसका फ़ोन बजता है.. 

गौतम फ़ोन उठाकर – मुझे पता था तू जुगाड़ कर लेगा भाई. कुछ भी जुगाड़ने में तेरेसे बड़ा आदमी मैंने आज तक नहीं देखा. जीनियस है तू गांडु जीनियस.

आदिल – भोस्डिके इतने भी मेरे आंड मत चाट वरना शुगर हो जायेगी तुझे, 7 बजे मेरी गली के कोने पर आके मिल और लेट मत करना.. 

गौतम – 10 मिनट पहले पहुंच जाऊंगा भाई. चल रखता हूँ..

गौतम चाय बनाके सुमन के पास ले जाता है.. 

गौतम – माँ. चाय 

सुमन चाय लेटे हुए – बाबाजी तेरे जैसा बच्चा सबको दे.

गौतम – माँ वो आज पढ़ाई के लिए फ्रेंड के घर जाना है रात को वही सो जाऊंगा.. 

सुमन – कोनसा फ्रेंड? 

गौतम – कॉलेज फ्रेंड है आप नहीं जानती. 

सुमन – कहीं जाने की जरुरत नहीं है घर पर ही बुला लो जिसके साथ पढ़ना है. 

गौतम – यहां कैसे बुलाऊ माँ? जगह कहाँ है? आप तो जानती हो, आप कहोगी तो नहीं जाऊंगा.

सुमन – ओ ड्रामा क्वीन, तेरे ना ये नाटक अब मेरे सामने नहीं चलने वाले समझा? इमोशनल ब्लैकमेल करके रातभर गायब रहता है आज तो पक्का नहीं जाने दूंगी. 

गौतम सुमन के बिलकुल नजदीक आकर उसे गले से लगा लेता है और सुमन के गाल पर 3-4 चुम्मिया करके कहता है – सचमें पढ़ाई करने जा रहा हूँ, आप चाहो तो जिसके पास जा रहा हूँ उसका अड्रेस और नम्बर दे जाता हूँ आपको यक़ीन ना हो तो कभी भी आकर चेक कर लेना.

सुमन – ठीक है पर सिर्फ पढ़ाई करना. फ़ोन में नंगी नंगी लड़कियों की देखकर बिगड़ मत जाना. 

गौतम – छी, आप जानती हो मैं सिर्फ आपको देखता हूँ. 

सुमन – मुझे सब पता है, मैं खाना बना देती हूँ खाके जाना. 

गौतम – माँ वो अभी भूख नहीं लग रही मैं उसीके घर कुछ खा लूंगा. आप अपना ख्याल रखना. 

गौतम अपनी बाइक लेकर आदिल के घर के कोने पर आ जाता है और अपनी बाइक का हॉर्न बजाकर जोर जोर से चिल्लाने लगता है..

गौतम – कबाड़ी वाले.. कबाड़ी वाले.. कबाड़ी वाले..

गौतम की आवाज सुनकर आदिल की बहन रेशमा घर की बालकनी से गौतम को देखती और खा जाने वाली नज़रो से उसे घूरती है इतने में पीछे से आदिल एक टपली मारते हुए गौतम से कहता है.. 

आदिल – अपने बाप की मैयत का रोना रो रहा है साले इतनी जोर से चिल्ला चिल्लाकर. और पीछे बैठ जाता है.. 

गौतम बाइक स्टार्ट करके – भाई कसम से तू मेरी जिंदगी में नहीं होता ना तो मैं वर्जिन ही रह जाता. 

आदिल – हां तू वर्जिन रह जाता और मैं बेवा.. 

गौतम – अच्छा गाडी में तेल तो डलवा दे भाई.

आदिल – मूत देता हूँ भोस्डिके भर जाएगा टेंक. अब तेल भी मैं डलवाऊ तेरी गाडी में? 

गौतम – छोटी छोटी बातों में तेरा मेरा कर रहा है भड़वे, मैंने आज तक तेरा मेरा किया है दोस्ती में? मत डलवा बहनचोद रिजर्व में भी चल जायेगी घर तक तो.. 

आदिल – रोये मत रंडी.. रोक ले पंप पर डलवा ले मूत इसमें.. 

गौतम पेट्रोल पंप पर बाइक रोककर – भईया 1000 का डाल दो.. 

आदिल – तूने एक साथ देखे है कभी 1000 रुपए? भोस्डिके. भाई तू 200 का डाल. 

तेल डलवाकर गौतम और आदिल दोनों नवाब खान की दूकान के आगे बाइक रोकते है और ऊपर जाकर एक टेबल पर बैठते है.. 

आदिल वेटर से – भाई दो प्लेट बिरयानी लगा दे.. 

गौतम – और एक प्लेट पैक भी कर देना. 

आदिल – घर लेके जाएगा क्या? 

गौतम – नहीं बे चोदने के बाद भी भूख लगती है मुझे. 

आदिल – साले चोदू पिछली बार तो तू भी ढीला पड़ गया था.. 

गौतम – अबे तो वो लड़की थोड़ी थी पक्की छिनाल थी, साली ने अपना हाथ अंदर डाल लिया मेरे लोडे से क्या फर्क पड़ता उसको? 

वेटर बिरयानी रखकर जाने लगा तो गौतम वेटर से.. 

गौतम – भाई रायता भी ला दे. 

आदिल – उफ्फ्फ यार बहनचोद हैदराबाद और लखनऊ तो फालतू फैमस है बिरयानी हो तो अजमेर जैसी.. इसकी माँ को चोदू खाते ही करंट आ जाता है नस नस में.

गौतम – सही बोल रहा है मेरे दोस्त, वैसे पैसो का जुगाड़ कहा से किया? 

आदिल – मम्मू का गल्ला और क्या कहा से? 

गौतम – भोस्डिके जिस दिन उसे पता लगा ना तू गल्ले पर बैठकर क्या करता है वो तेरी गांड मार मारके वसूलेगा.. 

आदिल – अबे तो क्या वो अपनी छाती पे धरके ले जाएगा पैसा? मोटा ग़ल्ला है रोज़ का, 2-3 हज़ार इधर उधर करने से उसे घंटा नहीं पता चलने वाला.. 

गौतम – सही कह रहा है वैसे भी तू होने वाला दामाद है.. तुझे क्या बोलेगा. 

आदिल – भाई बोलने की तो बात मत कर, साला अपने बेटे तक को ना छोड़े कमीना.. मुझे तो नरगिस पसंद है इसलिए निकाह कर रहा हूँ. पहले भी अम्मी से कहकर बहुत कोशिश की पर उससे निकाह नहीं हो पाया. मामू ने टांग अड़ा दी और उस सऊदी अरब वाले हसन के साथ निकाह करवा दिया लेकिन हुआ क्या? साले ने 2 महीने के बाद ही तलाक़ देकर वापस भेज दिया. 

गौतम – बस भाई अब आगे की कहानी मत सुना वरना आंसू आ जाएंगे. इससे पहले की बिरयानी ठंडी हो खाने में फ़ायदा है.. 

आदिल वेटर से – बियर कोनसी पड़ी है? 

वेटर – सर यहां सिर्फ खाना मिलता है अल्कोहल नहीं मिलती.. 

आदिल – नया काम पर आया है क्या?

वेटर – हां इसी हफ्ते से.. 

गौतम – सुन.. अनवर के पास जा और उसको बोल वो दे देगा तुझे.. 

वेटर जाता है कुछ देर बाद किंगफ़िशर के दो कैन लेकर टेबल पर रख देता है.. 

आदिल और गौतम बिरयानी के साथ बियर पीते हुए बातें करने लगते है और आखिर में बियर और बिरयानी दोनों ख़त्म कर के टेबल से उठ जाते है.. 

आदिल – कितना हुआ अनवर?

अनवर – 920 

गौतम बिल देखकर – अबे सब पर रेट बढ़ा दी क्या दस दिन में? परमानेंट लोगों के लिए डिस्काउंट रखा कर. बहनचोद लोग गल्लों में पैसे चुरा चुरा के बिरयानी खाने आते है तुम्हारे.. 

आदिल – चूतिये एक बियर में फेल हो गया क्या? क्या बकवास कर रहा है? 

अनवर – यार तुम पुरानी रेट पर दे दो.. लाओ 750 हो गए.. 

आदिल – ये लो पैसे.. 

गौतम – मेरे अफीम का पैकेट कहा है? 

अनवर – ले तेरी अफीम.. चम्मच भी है अंदर.. वापस मत आना चम्मच माँगने.. 

आदिल – भोस्डिका एक बियर में बिरयानी को अफीम बोल रहा है दूसरी पिला दी तो स्प्लेंडर को हवाई जहाज समझके उड़ा ना दे.. 

गौतम – चल भाई i can’t wait to fuck bhabhi ji.. bhabhi ji i am coming for you.. 

आदिल – भोस्डिके ये तेरी नोबल अकेडमी नहीं है समझा? चल पीछे होजा मुझे चलाने दे.. 

गौतम – आजा मेरी घोड़ी जल्दी बैठ.. क्या गांड है तेरी.

आदिल – माँ के लोडे चिपका चिपकी मत कर.

गौतम – भाई तेरी गांड मारने का मन कर रहा है. 

आदिल – पीछे हो जा भड़वे, क्यू अपनी माँ चुदा रहा है चूतिये.. 

गौतम – ये गांड मुझे दे दे आदिल.. ये गांड मुझे देदे.. 

आदिल – मादरचोद गाडी गिरा दूंगा, ढंग से बैठ जा. 

गौतम – भाई तेरा बाप ऐसे ही आवाजे लगता है ना.. कबाड़ी वाले.. कबाड़ी वाले.. 

आदिल – चुदाईखाने चुपचाप बैठ जा वरना तेरी अफीम फेंक दूंगा. ठुल्ले की औलाद..

गौतम – नहीं नहीं ओ गांडू, मज़ाक़ कर रहा था गिरा मत देना उसको.. 

आदिल – बहन के लोडे एक बियर नहीं झीलती तुमसे. 

गौतम – भाई और कितना दूर है यार एक घंटे से चलाये जा रहा है कार को..

आदिल – साले फालतू मज़ाक़ मत कर, दस मिनट भी नहीं हुई नवाबवाले के से निकले.. जगताल जाना है अभी टाइम लगेगा.. 

गौतम – जगताल? कबाड़ी की औलाद अब तू मुझे रंडीखाने में ले जाएगा.. साले दलाल.. 

आदिल – ज्यादा नाटक करेगा ना रंडी यही से वापस भेज दूंगा.. 

गौतम – अच्छा ठीक है यार, तू बुरा मान जाता है बात बात में लड़कियों की तरह, तू तो मेरा भाई है. ला एक पप्पी दे दे.. 

आदिल – सूअर तू मीठा बन गया क्या? कभी गांड के हाथ लगा रहा है कभी पप्पी ले रहा है.. 

गौतम – भाई दारू पिने के बाद तेरी गांड भी मिया खलीफा जैसी लगती है.. 

आदिल – भोस्डिके झांटभर की दारु पीकर ये हाल है कभी ढंग से पी लिया तो क्या होगा? 

गौतम – भाई एक और बियर पीनी है.

आदिल – मेरा मूत पिले लोडे.

गौतम – रोक बहनचोद रोक बाइक, मुझे उतार दे.. एक बियर पर औकात दिखा रहा है झाँटु, जाने दे वापस मुझे. जा तू अकेला नहीं करना मुझे कुछ भी रोक.. 

आदिल – दिला दूंगा भड़वे चुप बैठ जा अब.

गौतम – वो ठेका आ गया सामने.. 

आदिल – भाई बंद है. 

गौतम – नीचे से सब खुला है लोडे देख.. 

आदिल ठेके के सामने गाडी रोक कर – पिने के बाद परेशान नहीं करेगा..

गौतम – बोलूगा भी नहीं भाई.. 

आदिल – ठीक है रुक मैं लाता हूँ 

गौतम – ठंडी लाना.. 

आदिल – चिल्ला मत रंडी.. 

गौतम – नमकीन हो तो वो भी.. 

आदिल ठेके के नीचे एक छोटे से खाने में नॉक करता है अंदर से आदमी की आवाज आती है.. 

आदमी – क्या चाहिए?

आदिल – एक बियर 

आदमी – कोनसी? 

आदिल – कोई सी भी सस्ती

आदमी – 170 रुपए 

आदिल – लो.

आदमी अंदर से एक किंगफ़िशर की बोतल बाहर सरका देता है जिसे आदिल लेकर गौतम के पास आ जाता है.. 

आदिल – ले पीछे जाके पिले 

गौतम बोतल लेकर खोलते हुए – पीछे क्यू बहनचोद सामने पिएंगे सबके. तू कार चला.

आदिल – चल ठीक है मगर कोई बकचोदी मत करियो.

गौतम बियर पीते हुए – भाई एक बात बोलू? 

आदिल – बोल 

गौतम – भाई तेरा बाप कबाड़ी वाले मस्त बोलता है.. 

आदिल – अबे ठुल्ले की औलाद वापस शुरु हो गया तू?

गौतम बियर पीते हुए – अच्छा सॉरी सॉरी. भाई अब नहीं बोलूंगा. 

आदिल – भाई यार बकचोदी मत कर वैसे भी गांड फट रही है रंडीखाने जाने में..

गौतम – भाभी केसे बुक की तूने गंडमरे? 

आदिल – अरे सोनू ने फोटो भेजी थी देखते ही पसंद आ गई साली.. 

गौतम – तो बुलवा लेता उसे.. 

आदिल – रूम पर आने के 10 हज़ार मांग रही थी, तेरी माँ के घेहने बेचने पड़ जाते.. 

गौतम – कबाड़ी वाले की औलाद साले भिखारी ऐसी गन्दी जगाह ले जा रहा है मुझे.. हाय किसी ने मेरी इज़्ज़त लूट ली तो? मेरा क्या होगा? मैं तो मुंह दिखाने लायक ही नहीं रहूँगा..  

आदिल – रंडी पहुंचने वाले है अगर यहा तूने नाटक किया ना बहुत मारुंगा तुझे.. 

गौतम – भाई नहीं कुंगा बस एक बियर और पीला दे.. 

आदिल – भड़वे आँख चढ़ रही है तेरी इससे ज्यादा में यही सो जाएगा.. कभी कभार वाले के लिए इतनी बियर बहुत है.. अब चल.. वो साला सोनू कहा मर गया.. 

गौतम नशे में – भाई तू है तो दल्ला.. 

आदिल – अबे तेरे पैर छूता हूँ भाई तू अब कोई हरकते मत कर मेरी पहले फट रही है अंदर जाने में.. 

गौतम – क्यू डर रहा है भाई? बाप पुलिस में है मेरा इन सबकी माँ चोद देगा हवा में उछाल के.. 

आदिल – चूतिये उसको पता चल गया ना की तू यहां है तो सबसे पहले तेरी चोदेगा, वो भी हवा में उछाल के. अब मुंह बंद रख.. 

गौतम – अरे वो रहा तेरा सोनू.. ओ सोनू दल्ले.. सोनू दलाल.. 

आदिल – बहन के लोडे मुंह बंद रख अपना.. 

सोनू गौतम की आवाज सुन लेता है और उनके पास आ जाता है..

सोनू आदिल से – ये तेरा दोस्त ग़ुगु है ना.. 

गौतम – हां सोनू भाई मैं आदिल का दोस्त हूँ और आप चाहो तो मुझे अपना बाप बना सकते हो.. 

सोनू – क्या बकचोदी कर रहा है ये.. 

आदिल – अरे थोड़ा नशे में है बस तू वो बात कर जो अपने बीच हुई थी.. 

सोनू – भाई वो बिहारन तो किसी के साथ चली गई यार.. 

आदिल – भाई दिमाग अम्मी मत चोद, फटी गांड हाथ में लेके आया हूँ यहांपर.. 

सोनू – तो भाई मैं क्या करू अगली को वहा डबल पैसा मिला तो चली गई.. वैसे एक-दो भाभी ज़ी और है अगर मिले तो बता उसी रेट में. 

गौतम – मिलेंगे मिलेंगे सोनू बेटा सबसे मिलेंगे..

आदिल – अबे चुप कर चूतिये.. अफीम गिरा दूंगा तेरी वरना.. सोनू भाई कोई फोटो कुछ है उनका.. 

सोनू फ़ोन निकाल कर भाई ये दो है लाल सूट वाली हरयाना की देसी है एकदम कड़क माल और दूसरी उप्र की है मज़ा ये भी पूरा देती है.. 

आदिल – भाई थोड़ी ज्यादा बड़ी नहीं लग रही? 

सोनू – अबे तो तुमको कोनसी शादी करनी है? पेलना है और खेलना है रातभर बस.. पहले जों बुक की थी वो 32 की थी ये दोनों 34-35 के आस पास है बताओ करना है तो वरना मैं जाऊ? 

आदिल – भाई सर्विस? 

सोनू – फुल सर्विस नो एक्स्ट्रा चार्ज दोनों का.. बोलो करना है?

आदिल – अब आये है करके ही जाएंगे और क्या? 

सोनू – कोनसी? 

आदिल – हरयाना वाली.. पर कोई फालतू बसड नहीं चाहिए.. 

सोनू – बसड़ किस बात की? चलो आ जाओ मेरे पीछे पीछे.. 

सोनू आदिल और गौतम अपने पीछे पीछे जगताल की उन बदनाम गलियों से घूमता हुआ एक पुराने से दिखने वाले मकान के सामने ले आया और दोनों को दरवाजे पर रोक कर खुद अंदर चला गया.. 

गौतम नशे के सुरूर में अपने दोस्त आदिल की फटी हुई गांड को और फाड़ने का काम किये जा रहा था और आदिल मज़बूरी में उसे झेले जा रहा था गौतम को अपने साथ रखना उसकी मज़बूरी थी गौतम के अलावा उसका एक भी पक्का दोएत नहीं था जो उसके लिए खड़ा हो सकता था और वो जानता था की गौतम दिल का बुरा नहीं है यही कारण था की गौतम की इन हरकतो के बावजूद आदिल उसे भाई की तरह मानता था.. 

सोनू बाहर आकर – अंदर आ जाओ.. 

आदिल गौतम के साथ अंदर चला गया और सोनू के पीछे चलते हुए मकान की तीसरी मंज़िल पर पहुंचकर एक बड़े कमरे में पहुंच गये जहाँ 4-5 औरते एक साथ बेड पर बैठी थी और उनमे से एक औरत जो करीब 50-52 साल की थी दूसरी औरत से अपने पैर दबवा रही थी.. 

सोनू और उसके पीछे पीछे गौतम और आदिल भी कमरे के अंदर आ गए थे.. 

सोनू – रेखा काकी.. ये दोनों लड़के है. पैसे एडवांस ले लिए.. 

रेखा काकी आदिल और गौतम को देखकर – क्या रे नाबालिक तो नहीं हो दोनों? तू चिकने.. 

सोनू ने गौतम की तरफ इशारा किया.. 

रेखा ने बात आगे बढ़ाते हुए कहा – ये तेरे हाथ में क्या है? क्या है इस थैली में?

गौतम – इसमें अफीम है खानी है? 

आदिल ने अपनी फटी हुई गांड सँभालते हुए गौतम को देखा और इशारे से चुप रहने को कहा.. 

रेखा काकी – बेटा यहां मसखारी नहीं.. वरना इज़्ज़त लेने की जगह देनी पड़ सकती है.. समझा? 

गौतम – मैं तो लेने और देने दोनों के लिए त्यार हूँ बताओ किसको देनी है और किसकी लेनी है?

कमरे में बैठे सभी लोग जोर से खिलखिलाकर हंसने लगे और रेखा भी हस्ते हुए गौतम को देखने लगी.

रेखा काकी – क्यू रे नाम क्या है इसका? 

सोनू – काकी ग़ुगु..

रेखा काकी हस्ते हुए – क्या चिकने? ज्यादा जवानी चढ़ी है? कहे तो पुलिस के आदमी बुलाके उतरवा दू? जेल में जाएगा तो सारी उतर जायेगी.. ऐ नीतू जरा लगा तो फ़ोन उस ठुल्ले को.. 

आदिल – नहीं नहीं हमे कुछ नहीं करना पुलिस को मत बुलाओ.. हम जाते है यहां से.. ये तो बस थोड़ी दारू पी रखा है इसलिए ऐसा बोल रहा है..

गौतम – अबे क्या छोरियो की तरह रो रहा है गांडु बुलाने दे पुलिस को.. मेरा बाप पुलिस वाला है हम तो एक दो घंटे में छूट जाएंगे मगर तुम्हारे ऊपर इतने फ़र्ज़ी केस लगेंगे की गिनती भूल जाओगे.. 

रेखा काकी – अरे ये देखो, मुझे लगा की मेरे थोड़ा डराने से रोने लगेगा मगर ये मुझे ही धमकाता है.. बेटा तेरे बाप जैसे बहुत सारे ठुल्ले रेखा काकी के ब्लाउज में बंद है समझा? नादान बच्चा समझके माफ़ किये देती हूँ वरना तेरी ये चाँद सी सूरत अमावस जैसी करवा डालती मैं आज.. सोनू लेजा इस लाल शर्ट को और मिला दे काजल से.. 

सोनू – काकी ग़ुगु को 

रेखा काकी – इस ग़ुगु को रूपा के कमरे में भेज, बहुत दिनों से उदास है बेचारी शायद इस ताज़ा खिले फूल का मीठा रस पीकर खुश हो जाए.. कहना काकी ने बर्थडे गिफ्ट भिजवाया है 

आदिल – हमारे पास और पैसे नहीं है देने के लिए.. 

रेखा काकी – तुमसे मागे मैंने और पैसे? diwali ऑफर है एक के साथ एक फ्री.. चलो अब जाओ.. 

सोनू – चलो 

सोनू गौतम और आदिल को नोचे दूसरी मंज़िल पर ले आता है और चुनी हुई लड़की के पास आदिल को छोड़कर कोने वाले कमरे में गौतम को ले जाता है जहाँ खिड़की के सामने खड़ी हुई औरत जो अपनी उंगलियों में सुलगती हुई सिगरेट लगाए कश लेकर धुआँ बाहर छोड़ रही थी को पुकारता है..

सोनू – रूपा मौसी.. 

रूपा – 40 

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सोनू की आवाज से रूपा का सारा ध्यान खिड़की के बाहर से अंदर की ओर मुड़ जाता है रूपा दरवाजे पर खड़े सोनू को देखती है ओर सोनू आगे कहता है.. 

सोनू – मौसी वो काकी ने इस लड़के को भिजवाया था आपके आप, काकी बोली आपका बर्थडे गिफ्ट है. 

गौतम अपने बहकते हुए कदमो पर खड़ा होकर नशीली आँखों से कमरे की सजावट देखे जा रहा था उसने इतना सजा हुआ कमरा कभी नहीं देखा था उसका ध्यान ना रूपा पर था ना सोनू पर ना ही उन दोनों की बातों पर.. 

रूपा – और क्या कहा दीदी ने? 

सोनू – कुछ नहीं. बस यही कहा.. 

रूपा – नाम क्या है इसका? 

सोनू – ग़ुगु.. 

रूपा – ठीक है तू जा.. 

सोनू रूपा के कहने पर वहा से चला गया और रूपा ने सोनू के जाने के बाद अपनी उंगलियों में सुलगती हुई सिगरेट का एक लम्बा कश खींचा और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया.. 

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