घर की प्यासी बुर – Update 19 | Family Sex Story

घर की प्यासी बुर - Pariwarik Chudai Ki Kahani
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Update – 19

अगले दिन जब सोनाली बेड से उठती है तो वह देखति है की सतीश उसके ऊपर हाथ और पैर डाले सोये हुए था सतीश का हाथ सोनाली की छातियों पर और उसकी टाँगे सोनाली की नंगी टाँगो पर थी क्युकी उसकी नाइटी उसकी टाँगो से खिसक गई थि, सोनाली को कल सतीश के साथ की गई हरकतो का ध्यान आता है और उसकी चुत गिली होने लगती है… सोनाली सोचने लगती है की कल कैसे उसके बेटे ने उसकी चुत मसलि थी और चुत मसल कर ही मुझे झड़वा दिया था…

सोनाली के होंठो पर स्माइल आ जाती है और फिर वो अपनी सोच से बाहर निकल कर उसके हाथ को अपने ऊपर से हटा कर बैठ जाती है, सोनाली सतीश की तरफ देखति है वो आराम से सो रहा था सोते हुए वो बहुत मासूम लग रहा था, सोनाली को सतीश पर बहुत प्यार आता है वो उसके बालो मे प्यार से हाथ फिराती है और फिर उसे अपने पैर मे कुछ चुभता हुआ मेहसुस होता है सोनाली समझ जाती है की उसके पैर मे सतीश का लंड चुभ रहा है, सोनाली उसके पैर को अपने ऊपर से हटा देती है और उसे सीधा लीटा देती है इस सब मे सतीश के ऊपर से चादर हट जाती है और शार्ट मे तम्बू बनाये उसका लंड अब सोनाली की आँखों के सामने था…

सोनाली जोकि उसके लंड को पहले भी बिना कपड़ो के देख चुकी थी शार्ट मे बने तम्बू से नजरे नहि हटा पाती और उसकी चुत से पानी निकलने लगता है…

सोनाली- हाय कितना अच्छा है मेरे बेटे का…. कितना मजा आएगा जब ये चुत मे जायेगा कसम से फाड़ के रख देगा…

ओर सोनाली अपने उपर कण्ट्रोल नहि कर पाती और अपना एक हाथ उसके लंड पर रख देती है और उसकी लम्बाई का अनुमान लगाने लगती है उसके लंड पर अपना हाथ फिराके… सोनाली की चुत पानी छोड़ने लगी थी और वो बहुत गरम होने लगी थी सोनाली अपना एक हाथ सतीश के लंड पर फिराते हुये एक हाथ अपनी चुत पर रख कर उसे मसलने लगती है और फिर वो झुक कर सतीश के लंड के टोपे पर एक किस करती है और फिर अपनी जीभ निकाल कर उसके लंड के टोपे पर फिराती है… वो और जोश के साथ अपनी चुत को मसल रही थी और तभी उसकी चुत पानी छोड़ देती है और वो झड जाती है..

इस सबके साथ ही वो अपनी चुत के पानी को नाइटी से साफ़ करती है और वाश रूम की तरफ चल देती है… उसे अपने ऊपर यकीन नहि हो रहा था की वो अपने बेटे के साथ ये सब कैसे कर सकती है… मैंने अपने पति के अलावा कभी किसी दूसरे के बारे मे कभी नहि सोचा, काफी लोग मुझे चोदने की ट्राय करते रहे पर मैंने कभी किसी को लिफ्ट नहि दी और आज तक अपने पतिव्रता धरम का पालन किया पर आज अपने बेटे के साथ ही ये सब कर रही थि, आखिर ये सब मुझे हो क्या रहा है मे क्यों अपने ही बेटे की तरफ अट्रॅक्ट हो रही हु… ये गलत है मुझे अपने बेटे के साथ ये सब नहि करना चहिये, जमाना क्या सोचेगा की एक माँ ने अपनी जिस्म की आग बुजाने के लिए अपने ही बेटे के साथ जिस्मानी सम्बन्ध बना लिये…

पर तभी उसके दिमाग मे दूसरा ख्याल आता है की अगर मे अपने बेटे के साथ कर भी लुंगी तो इसमें बुराई ही क्या है, कही बाहर जाकर मुह काला करने से अच्छा है की मे घर की चार दीवारी मे अपने बेटे के साथ ही जिस्मानी सम्बन्ध बना लु… बाहर जाकर करने से बदनामी का डर भी रहेगा, जबकी घर मे करने से बदनामी की चिंता भी नहि और रही बात ज़माने की तो ये बात हम माँ बेटे के बिच ही रहेगी तो उन्हें कुछ कहने का मौका भी नहि मिलेंगा… और वैसे भी मैंने नेट पर न जाने कितनी माँ और बेटे के सेक्स की कहानी पडी है और जब कहानी एक्सिस्ट करती है तो ये सम्बन्ध भी एक्सिस्ट करता होगा, न जाने कितनी ही औरते अपने ही बेटे के साथ चुदाई करती होगी पर किसी को पता भी नहि चलता, तो अगर मे भी अपने बेटे के साथ सेक्स कर लु तो इसमें बुराई ही क्या है…

सोनाली इन्ही सब सोचो मे खोई हुई फ्रेश होकर शावर लेने लगती है और इन सोचो मे खोई होने के कारन ही वो गेट को लॉक करना भूल गई थी…

जबकी उधर दूसरी तरफ सतीश को बहुत तेज पेशाब आ रही थी और वो बेड से उठ कर वाशरूम की तरफ भागता है और जैसे ही गेट खोलता है उसकी आँखे जोकि अभी भी नींद मे होने की वजह से पूरी तरह नहि खुली थि, चौडी होकर पूरी खुल जाती है उसके सामने उसकी माँ पूरी नंगी होकर शावर ले रही थी और दूसरी तरफ गेट खुलने की आवाज से सोनाली भी पीछे पलट जाती है और उसकी आँखे भी आस्चर्य से फटी की फटी रह जाति है…. उसके सामने उसका बेटा खड़ा था और दोनों ही इस कदर शॉकेड थे की न तो सोनाली को अपने नंगे बदन को ढकने का ख्याल था और न ही सतीश को दरवाजे से हट्ने का ख्याल था… और अब तो सतीश का पेशाब भी अटक गया था और उसका लंड शार्ट मे झटके खा रहा था उसकी आँखे अपनी माँ के जिस्म को देखने मे ही व्यस्त थी… सोनाली का सेक्सी बदन पानी से भिग कर और भी सेक्सी हो गया था…

सोनाली का पानी मे भिगा बदन देख कर सतीश का गला सूखने लगा था और अनायास ही उसका हाथ लंड पर चला गया उधर वो शार्ट मे से ही अपने लंड को सहलाने लगा, सोनाली की नजर भी सतीश के लंड पर ही टीकी हुई थी और जब वो देखति है की सतीश उसे देख कर अपना लंड सेहला रहा है तो उसके गाल शर्म से लाल हो जाते है और वो होश मे आते हुये….

सोनाली- सतीश तुम यहाँ क्या कर रहे हो? जाओ बाहर जाओ मे अभी नहा कर आती हु…

सतीश भी होश मे आता है और दरवाजा बंद करके बाहर चला जाता है, पर उसे एक बात का सुकुन था की उसकी माँ उस पर गुस्सा नहि थी….

सतीश बाहर बेड पर बैठ जाता है और अभी की घटना के बारे मे सोचने लगता है, उसकी आँखों के आगे बार बार उसकी माँ का नंगा भिगा हुआ जिस्म आ रहा था… तभी वाशरूम के गेट खुलने की आवाज से उसका ध्यान टुटता है और वो अपनी नजर उठा कर उस और देखता है उसकी माँ सिर्फ एक टॉवल लपेटे ही वाशरूम से बाहर आई थी जोकि उसके निप्पल से थोड़ी ऊपर ही बांधी हुई थी और निचे उसकी गांड तक ही थी वो उसकी पूरी नंगी जाँघे उसमे से दिखाइ दे रे रही थि, सोनाली सतीश को देखते हुए मिरर की तरफ चल देती है और फिर मिरर के सामने खड़े होकर अपने बाल सँभालने लगती है…. और सतीश को तो जैसे होश ही नहि था वो तो घूर घूर कर अपनी माँ को ही देखे जा रहा था… और सोनाली भी मिरर मे से उसे अपनी तरफ घुरता हुआ देख रही थी और उसे अपनी तरफ ऐसे घुरता देख कर उसके चेहरे पर एक विजयी मुस्कान आ जाती है… उसे बहुत अच्छा लगता है की उसका बेटा उसको ऐसे खा जाने वाली नजरो से देख रहा है….

सोनाली ने अपने बेटे के साथ सम्बन्ध बनाने की तरफ अपना पहला कदम बड़ा दिया था…. उसके बेटे की हरकतो ने और उसके लंड ने उसे इतना मजबूर कर दिया था की अब वो सारी शर्म हया भूल कर अपने जिस्म को अपने बेटे के सामने एक्सपोसे कर रही थी…..

सोनाली कंघी करते हुए बस सतीश को ही देखे जा रही थी… और सतीश उसके तो होश ही उड़ गए थे उसने बिलकुल भी अपनी माँ से ये एक्सपेक्ट नहि किया था की वो ये जानने के बावजूद की उसका बेटा उसका रूम मे इस तरह से बाहर आ जाएगी…

सोनाली अपने चेहरे पर स्माइल लाते हुये- ऐसे घूर घूर कर क्या देख रहा है सतीश..?

सतीश सोनाली के इस अनएक्सपेक्टेड क्वेश्चन से हडबडा जाता है, पर अपने को सँभालते हुए वो बेड से उठ कर उसके तरफ बढ़ता है और उसे पीछे से हग कर लेता है और उसके कान के पास अपना मुह ले जाकर उसके कान सरगोशी करते हुये….

सतीश- मे इस स्वर्ग से आई अप्सरा को देख रहा हु….

सोनाली अपने चूतडों पर सतीश के खड़े लंड को महसूश कर रही थि, पर वो उसे हटाने की कोई कोशिश नहि करति…

सोनाली एक सेक्सी सी स्माइल देते हुये- अच्छा तो तुझे मे अप्सरा दिखाइ देती हु…

सतीश- सच कह रहा हूँ माँ आज तुम इतनी सेक्सी लग रही हो की तुम पर से नजरे ही नहि हट रहि…..

सोनाली मुस्कुराते हुये- धत तुझे शर्म नहि आती अपनी माँ को सेक्सी कहते हुये…

सतीश- तो इसमें गलत ही क्या है आज तो आप इतनी सेक्सी लग रही हो की आप के सामने सभी बॉलीवुड एक्ट्रेस पानी भरती नजर आयेंगी….

सोनाली अपनी तारीफ सुनकर फूले नहि समां रही थी…

सतीश भी अपनी माँ को फ्रैंक होता देख कर अपने लंड को उनकी चूतडो पर और दबा देता है….

सतीश की इस हरकत से सोनाली के मुह से आह निकल जाती है और उसकी आँखे मजे मे बंद हो जाती है…

सतीश- क्या हुआ माँ??

सोनाली- वो मुझे पीछे कुछ चुभ रहा है…

सतीश- कहा चुभ रहा है माँ और क्या चुभ रहा है….

सोनाली- वोह मेरे पिछे..

सतीश- हा आपके पीछे कहा??

सोनाली हिम्मत करके – वो पीछे हिप्स मे कुछ चुभ रहा है…

सतीश अपने लंड को उसकी गांड पर रगडते हुये

सतीश- क्या चुभ रहा है मोम…

सोनाली- ओ…

सतीश- हा क्या बोलो माँ??

ओर सतीश अपने मुह मे सोनाली के कान को भरकर चुसते हुये…

सोनाली पर मधहोशी छाने लगती है और उसकी चुत गिली होने लगती है…

सोनाली- वो मेरे हिप्स पे…

सतीश- क्या आपके हिप्स पर…

सोनाली- वो तेरा पेनिस मेरे हिप्स पर चुभ रहा है…

सतीश- ओह्ह तो ऐसा बोलो ना, आपने भी जरा सी बात बोलने मे इतना टाइम लगा दिया….

ओर सतीश सोनाली से अलग हो जाता है सोनाली पलट कर उसके शार्ट की तरफ देखति है जिसमे टेंट बना हुआ था…

सोनाली अपने मुह पर हाथ रखते हुए ऐसे रियेक्ट करती है जैसे पहली बार उसका लंड देख रही हो- हाय… ए… ये क्या है?

सतीश- क्या है मतलब? पेनिस है….

सोनाली- पर ये इतना बड़ा कैसे?

सतीश- आपको देख कर ही ये इतना बड़ा हो गया है मोम…

सोनाली बनावटी गुस्सा दिखाते हुये- तुम्हे शर्म नहि आती ये कहते हुए की तुम्हारा पेनिस मुझे देख कर यानि की अपनी माँ को देख कर ही तुम्हारा पेनिस खड़ा है…

सतीश सोनाली की तरफ बढ़ता है और उसकी कमर को पकड़ कर उसे अपनी तरफ खिंच कर उसे अपने से सटाते हुये…

सतीश-अगर आपको इस तरह कोई बुढ्ढा भी देख ले न तो उसका भी खड़ा हो जायेगा मे तो फिर भी जवान हु…. और वैसे भी इसे क्या पता की सामने जो अप्सरा खड़ी है वो मेरी माँ है या कोई और…. ये तो जब भी कोई सेक्सी माल देखता है तब खड़ा हो जाता है पर आज जब आपको देखा है तब पता चला की असली माल तो मेरे ही घर मे था और मे बाहर ढूंढ रहा था….

सोनाली जोकि उसके आँखों मे झाँक कर देख रही थी- अच्छा तो मे तुझे माल नजर आती हु…

सतीश अपने हाथ सोनाली के चूतडो पर रख कर उसकी चुत को अपने लंड पर दबाता है और अपने होठो को उसके होंठो के पास ले जाता है…

सतीश- आप कोई ऐसा वैसा माल नहि हो बल्कि एकदम काँचा माल हो, जिसे देख कर उसका अपना बेटा ही उसका दीवाना हो गया है और वो भी अबसे नहि बल्कि तबसे जबसे मैंने आपको मस्टरबैट करते देखा है….

सोनाली सतीश की बात सुनकर चौक जाती है और उसकी आँखे आस्चर्य से बड़ी हो जाती है वो सतीश की आँखों मे देखते हुये- तुमने मुझे मस्टरबैट करते देखा पर क़ब्….

सतीश उसे सारी बात बता देता है की कैसे उसने पहले दिन अपनी माँ को मैस्टरबेट करते देखा और फिर बसंती के साथ भी उसे देखा….

पर सतीश उसे ये नहि बताया की वो दो रात को उसके जिस्म के साथ खेल चुका है बल्कि कल रात तो उसने अपना पेनिस उसकी चुत मे भी दाल दिया था…

सोनाली उसकी बात सुनकर शर्म से अपनी नजरे झुका लेती है और एक सेक्सी सी स्माइल के साथ- तू बहुत शैतान हो गया है तुझे शर्म नहि आई अपनी मम्मी को मस्टरबैट करते देख कर…

सतीश सोनाली की चिन पकड़ कर उसके चेहरे को ऊपर उठता है सोनाली शर्म से अपनी आँखे बंद करे हुए थी….

सतीश उसको ऐसे देख कर अपने पर कण्ट्रोल नहि कर पाता और अपने प्यासे होंठ उसके तपते होंठो पर रख देता है और उसे किस करने लगता है….

सतीश के किस करने से सोनाली चौक कर अपनी आँखे खोलती है और उसकी आँखे खुल कर बड़ी हो गई थी… उसे यकीन ही नहि हो रहा था की उसका बेटा उसे किस कर रहा है पर वो इस बात को अपने दिमाग से निकालकर किस मे खो जाती है और वो भी सतीश के किस का रिस्पांस देणे लगी थी..

Thank you  comments like keep reading keep supporting

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