घर पहुच कर कार को पार्किंग में लगा कर लॉन पार करते हुए दोनो घर के दरवाजे की ओर चल दिए. बारिश दोनो को भीगा रही थी. दोनो के कपड़े बदन से पूरी तरह से चिपक गये थे. मामी की समीज़ उनके बदन से चिपक कर उनकी चुचियों को और भी ज़यादा उभार रही थी. चुस्त सलवार उनके बदन उनके जाँघो से चिपक कर उनकी मोटी जाँघो का मदमस्त नज़ारा दिखा रही थी. समीज़ चिपक कर मामी की गांद की दरार में घुस गई थी. bc1qre8jdw2azrg6tf49wmp652w00xltddxmpk98xp–social-media-pants.jpg
munna पिछे पिछे चलते हुए अपने लंड को खड़ा कर रहा था. तभी लॉन की घास पर मामी का पैर फिसला और वो पिछे की तरफ गिर पारी. उनका एक पैर लग भग मूड गया था और वो munna के उपर गिर पड़ी जो ठीक उनके पिछे चल रहा था. मामी muna के उपर गिरी हुई थी. 51840758_desimasala-co-horny-aunty-outdoor-romance-with-young-guy-5.jpg
मामी के मदमस्त चूतर munna के लंड से सॅट गये. मामी को शायद munna के खड़े लंड का एहसास हो गया था उसने अपने चूतरो को लंड पर थोड़ा और दबा दिया और फिर आराम से उठ गई. munna भी उठ कर बैठ गया. मामी ने उसकी ओर मुस्कुराते हुए देखा और बोली “बारिश में गिरने का भी अपना अलग ही मज़ा है”.
“कपड़े तो पूरे खराब हो गये मामी”
“हॅ तेरे नये अंडरवेर का अच्छा उदघाटन हो गया” munna हस्ने लगा. घर के अंदर पहुच कर जल्दी से अपने अपने कमरो की ओर भागे. munna ने फिर से हाफ पॅंट और एक टी-शर्ट डाल ली और गंदे कपड़ो को बाथरूम में डाल दिया. कुच्छ देर में मामी भी अपने कमरे से निकली. मामी ने अभी एक बड़ी खूबसूरत सी गुलाबी रंग की नाइटी पहन रखी थी. मॅक्सी के जैसी स्लीव्लेस्स नाइटी थी. नाइटी कमर से उपर तक तो ट्रॅन्स्परेंट लग रही थी मगर उसके नीचे शायद 3-57.jpg
मामी ने नाइटी के अंदर पेटिकोट पहन रखा था इसलिए वो ट्रॅन्स्परेंट नही दिख रही थी.
उर्मिला देवी किचन में घुस गई और munna ड्रॉयिंग रूम में मस्ती से बैठ कर टेलीविज़न देखने लगा. उसने दूसरा वाला अंडरवेर भी पहन रखा था अब उसे लंड के खड़े होने पर पकड़े जाने की कोई चिंता नही थी. किचन में दिन की कुच्छ सब्जिया और दाल पड़ी हुई थी. चावल बना कर मामी उसके पास आई और बोली “चल कुच्छ खाना खा ले”. खाना खा कर सारे बर्तन सिंक में डाल कर मामी ड्रॉयिंग रूम में बैठ गई और munna भी अपने लिए मॅंगो शेक ले कर आया और सामने के सोफे पर बैठ गया. मामी ने अपने पैर को उठा कर अपने सामने रखी एक छ्होटी टेबल पर रख दिया और नाइटी को घुटनो तक खींच लिया था. घुटनो तक के गोरे गोरे पैर दिख रहे थे. बड़े खूबसूरत पैर थे मामी के. images
तभी munna का ध्यान उर्मिला देवी के पैरो से हट कर उनके हाथो पर गया. उसने देखा की मामी अपने हाथो से अपने चुचियों को हल्के हल्के खुज़ला रही थी. फिर मामी ने अपने हाथो को पेट पर रख लिया. कुच्छ देर तक ऐसे ही रखने के बाद फिर उनका हाथ उनके दोनो जाँघो के बीच पहुच गया. munna बड़े ध्यान से उनकी ये हरकते देख रहा था. मामी के हाथ ठीक उनकी जाँघो के बीच पहुच गये और वो वाहा खुजली करने लगी. झंघो के ठीक बीच में चूत के उपर हल्के हल्के खुजली करते-करते उनका ध्यान munna की तरफ गया. munna तो एक तक अपनी मामी को देखे जा रहा था. उर्मिला देवी की नज़रे जैसे ही munna से टकराई उनके मुँह से हँसी निकल गई. हस्ते हुए वो बोली
“नई पॅंटी पहनी है ना इसलिए खुजली हो रही है”. munna अपनी चोरी पकड़े जाने पर शर्मिंदगी के साथ हस कर मुँह घुमा कर अपनी नज़रो को टीवी से चिपका दिया. उर्मिला देवी ने अपने पैरो को और ज़यादा फैला दिया. ऐसा करने से उनकी नाइटी नीचे की तरफ लटक गई थी. munna के लिए ये बड़ा बढ़िया मौका था, उसने अपने हाथो में एक रब्बर की बॉल पकड़ी हुई थी जिसे उसने जान बूझ के नीचे गिरा दिया. बॉल लुढ़कता हुआ ठीक उस छ्होटे से टेबल के नीचे चला गया जिस पर मामी ने पैर रखे हुए थे. munaa “ओह” कहता हुआ उठा और टेबल के पास जाकर बॉल लेने के बहाने से लटकी हुए नाइटी के अंदर झाँकने लगा. एक तो नाइटी और उसके अंदर मामी ने पेटिकोट पहन रखा था, लाइट वाहा तक पूरी तरह से नही पहुच पा रही थी पर फिर भी munna को मामी के मस्त जाँघो के दर्शन हो ही गये. उर्मिला देवी भी munna के इस हरकत पर मन ही मन मुस्कुरा उठी. वो समझ गई की छ्होकरे के पॅंट में भी हलचल हो रही है और उसी हलचल के चक्कर में उनकी पॅंटी के अंदर झाँकने के चक्कर में पड़ा हुआ है. munna बॉल लेकर फिर से सोफे पर बैठ गया तो उर्मिला देवी ने उसकी तरफ देखते हुए कहा
“अब इस रब्बर के बॉल से खलेने की तेरी उमर बीत गई, अब दूसरे बॉल से खेला कर”. munna थोड़ा सा शरमाते हुए बोला “और कौन सी बॉल होती है मामी, खलेने वाली सारी बॉल्स तो रब्बर से ही बनी होती है”
“हा, होती तो है मगर तेरे इस बॉल की तरह इधर उधर कम लुढ़कति है” कह कर फिर से munna के आँखो के सामने ही अपनी चूत पर खुजली करके हस्ते हुए बोली “बड़ी खुजली सी हो रही है पता नही क्यों, शायद नई पॅंटी पहनी है इसलिए”.munna तो एक दम से गरम हो गया और एक टक जाँघो के बीच देखते हुए बोला
“पर मेरा अंडरवेर भी तो नया है वो तो नही काट रहा”
“अच्छा, तब तो ठीक है, वैसे मैने थोड़ी टाइट फिटिंग वाली पॅंटी ली है, हो सकता है इसलिए काट रही होगी”
“वा मामी आप भी कमाल करती हो इतनी टाइट फिटिंग वाली पॅंटी खरीदने की क्या ज़रूरत थी आपको”
“टाइट फिटिंग वाली पॅंटी हमारे बहुत काम की होती है, ढीली पॅंटी में परेशानी हो जाती है, वैसे तेरी परेशानी तो ख़तम हो गई ना”
“हा मामी, बिना अंडरवेर के बहुत परेशानी होती थी, सारे लड़के मेरा मज़ाक उरते थे”.
“पर लड़कियों को तो अच्छा लगता होगा, क्यों?”
“हि मामी, आप भी नाआ,,,, ”
“क्यों लड़कियाँ तुझे नही देखती क्या”
“लड़कियाँ मुझे क्यों देखेंगी, मेरे में ऐसा क्या है”
“तू अब जवान हो गया है, मर्द बन गया है”
“कहा मामी, आप भी क्या बात करती हो”
“अब जब अंडरवेर पहन ने लगा है तो इसका मतलब ही है की तू अब जवान हो गया है”
munna इस पर एक दम से शर्मा गया,
“धात मामी,……”
” तेरा खड़ा होने लगा है क्या”,
मामी की इस बात पर तो munna का चेहरा एक्दुम से लाल हो गया. उसकी समझ में नही आ रहा था क्या बोले. तभी उर्मिला देवी ने अपनी नाइटी को एक्दुम घुटनो के उपर तक खीचते हुए बड़े बिंदास अंदाज़ में अपना एक पैर जो की टेबल पर रखा हुआ था उसको munna के जाँघो पर रख दिया (munna दरअसल पास के सोफे पर पालती मार के बैठा हुआ था.) munna को एक्दुम से झटका सा लगा. thumb24.2.jpg
मामी अपने गोरे गोरे पैरो की एडियों से उसके
जाँघो को हल्के हल्के दबाने लगी और एक हाथ को फिर से अपने जाँघो के बीच ले जा कर चूत को हल्के हल्के खुजलाते हुए बोली “क्यों मैं ठीक बोल रही हू ना” (m=eaf8Ggaaaa)(mh=F-6u2KGng3pCrMbG)8.jpg
“ओह मामी,”
“नया अंडरवेर लिया है, दिखा तो सही कैसा लगता है”
“अर्रे क्या मामी आप भी ना बस ऐसे…….. अंडरवेर भी कोई पहन के दिखाने वाली चीज़ है”

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