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वो झूठ इतनी मासूमियत से बोलती है कि सच जानते हुए भी, झूठ को सच मानकर उसके झूठ पर मर जाने को जी चाहता है।

खैर बड़ी मशक्कत और बहस के बाद मै मान गया। फिर मैने गूगल पर एक टैटू स्टूडियो ढूंढ निकाला।

हम दोनों वहाँ गए। वहाँ पे एक लड़की थी, उस से बात की, एप्पोइंटमेंट फिक्स हो गई।

उस लड़की ने फोन पे किसी गगनप्रीत को बुलाया। एक लड़का आया, उम्र लगभर 25-26 साल, लंबा 6 फीट, और बहुत ही शानदार मसकुलर बॉडी, जिम जा कर पूरी तरह तराशा हुआ बदन, काली आधी बाजू की टी शर्ट और काली ही जीन्स पहने हुआ था। रंग थोड़ा सा सांवला था, मगर नैन नक्श बहुत ही तीखे। एक बार ही उसको देख कर मेरे दिल में जैसे कोई काँटा चुभा हो कि ‘हाय, क्या शानदार नौजवान है। इसको तो किसी फिल्म में शानदार विलेन होना चाहिए।’ उसकी अपनी बाजू, गले और हाथ पर भी कई सारे टैटू बने हुये थे। एक बार तो उसको देख कर मै जलन के भाव से भर गया।

कुसुम के आंखों में भी शरारत थी मुझे पता था की क्या होने वाला था,वो मुस्कुराते हुए मुझे देखने लगी,

“अच्छा सुनो ना मेरा इस तरह बदन पर टैटू बनवाना आपको पसंद तो है ना ,आप बोलोगे तो मैं अपनी इस टैटू की ख्वाइश को अपने मन में दफन कर दूंगी “

वो सच में बहुत ही सीरियस थी।

“पागल हो गयी हो क्या, तुम मेरी वजह से अपनी ख्वाइश को मन में दफन करने की मत सोचो। मेरा प्यार तुम्हारी रूह से है, जिस्म से नही, और वैसे भी ये टैटू बनाने वाला भी बहुत ही हेंडसम है साला ,देखो कही उससे प्यार ना हो जाय तुम्हे “

मैं तो मजाक में कहकर हसने लगा लेकिन जब मेरी नजर कुसुम पर पड़ी तो मेरा दिल घबरा गया उसकी आंखे लाल थी जैसे वो मुझे गुस्से से घुरि जा रही हो,

“क्या हुआ जान “

“आप ऐसे सोच भी कैसे सकते है की मैं आपके सिवा किसी से भी प्यार करूँगी ,मेरे ऊपर आपका बिल्कुल भी भरोसा नही है क्या…”वो रोने लगी मैंने तो बस मजाक किया था और वो लड़की ऐसे बोल रही थी जो अपने ऑफिस कलिग के साथ …..

“अरे नही जान मैं तो बस मजाक कर रहा था तुम तो “मै कुसुम के आँखों से गालो पर गिरने वाले एक एक बून्द आंसुओ को पोछने लगा…

“सॉरी मेरी जान “मैंने कुसुम के होठो में अपने होठो को भरकर एक जोरदार किस किया और तब तक किया जब तक की उसका रोना बंद नही हो गया वो भी मेरे बालो पर अपना हाथ रखकर उसे सहलाने लगी…..

थोड़ी देर में जब हम दोनो अलग हुए

“जान एक बात पुछु इस बार बुरा मत मानना “

“हा बोलो पर याद रखना प्यार तो आपसे ही किया है और हमेशा आपसे ही करूँगी “

“अच्छा लेकिन अगर मानो वो पसंद आ गया तो “

“पसंद तो वो मुझे अब भी है ,पसंद और प्यार में बहुत फर्क होता है समझे “

कुसुम ने मेरे नाक को पकड़कर हिला दिया , पर मैं थोड़ा गंभीर था “और सोचो अगर तुम्हारे बीच कुछ हो गया तो “

कुसुम ने मुझे घूर कर देखा ,

“जान मैं आपकी बीबी हु,और मैं सिर्फ और सिर्फ आपसे ही प्यार करती हु,और रही कुछ होने की बात तो मैं भी एक इंसान हु हो सकता है की मुझसे कुछ गलती कभी हो भी जाय तो भी मैं आपसे ही प्यार करूँगी कभी भी आप ये मत सोचना की मैं आपसे प्यार नही करती ……………..मैं आपकी हु जान सिर्फ आपकी। हो सकता है कोई मेरा जिस्म ले ले पर मेरा मन हमेशा आपका ही रहेगा और वो आपसे कोई भी नही छीन सकता ……….” कुसुम मुझसे ऐसे लिपट गयी जैसे किसी पेड़ से कोई लता लिपटी हो…वो मेरे सीने से अपने सर को रगड़ने लगी…

मेरा मन उसकी बातो से बहुत हल्का हो चुका था पर एक सवाल मेरे दिल में था.. कुसुम की बात का मतलब क्या हुआ,क्या वो अब भी किसी के साथ …मतलब की वो मुझसे दिल से प्यार करती है पर वो सो किसी के भी साथ सकती है ……

मेरा दिमाग फिर से काम करना बन्द कर रहा था मैंने सोचा की छोड़ो यार पहले तो खुद अपनी जान का मजा लिया जाय बाद में जो लेता है लेने दो ऐसे भी अगर उसे कुछ परेशानी नही है तो मैं उसे क्यो रोकू ऐसे भी प्यार तो वो हमेशा मुझसे ही करती है………

मैंने उस टैटू बनाने वाले से पूछा- क्या नाम है तुम्हारा?

वो बोला- जी गगन प्रीत सिंह है।

मैंने कहा- कितने साल हो गए, टैटू बनाते हुये?

वो बोला- जी 5 साल से बना रहा हूँ।

गगन – तो कैसा टैटू बनवाना है।

मैने कुसुम की तरफ इशारा करते हुए कहा – मुझे नही मैडम को बनवाना है

कुसुम – डिज़ाइन नहीं हैं तुम्हारे पास?

गगन – बहुत सारे हैं लो देखो।

फिर कुसुम डिज़ाइन चूस करने लगती हैं और फिर कुछ डिज़ाइन उसे पसंद आते हैं।

कुसुम – ये डिज़ाइन मुझे पसंद है।

गगन – तो बता दो कौनसा टैटू किस जगह बनाना है।

कुसुम – तुम सजेस्ट कर दो कि कौनसा कहाँ ठीक रहेगा? क्यूंकी तुम्हे ज्यादा नॉलेज होगी इसमे।

गगन – आजकल हाथ का ट्रेंड तो है नहीं क्यूकी सब मॉडर्न और फैशनेबल हो गए हैं तो मोस्टली या तो पेट पर या शोल्डर पर या ब्रैस्ट से ऊपर और पीछे हिप्स पर और आगे थाइस या पेल्विक एरिया में जैसे नोरा फतेही एक्ट्रेस के है.

मै उन दोनों की बातचीत के बीच में अचानक से – हाँ देखा है मैंने। ये सुनकर कुसुम मुझे खा जाने वाली नजरों से घूरने लगी।

गगन – तो आप बता दो कहाँ बनवाना है आपने ?

कुसुम – यहाँ बना दो ब्रैस्ट से ऊपर फ्रंट पर।

गगन – कौनसा डिज़ाइन?

कुसुम – ये दिल वाला जिसमें तीर के एक सिरे पर A और दूसरे सिरे पर K लिख देना।

ये सुनकर मै बीच में मजाकिया लहजे में बोला देवी जी   A K-47 बंदूक ही बनवा लो। ह्म्म्म ह्म्म्म

ही ही ही सो फनी… तुम्हे हमेशा मेरी बात को मजाक बनाये बिना चैन कभी नहीं मिलता। और मुझे अब तक ये समझ नहीं आया कि तुम्हे ये चूतियापे वाली बातें सिखाता कौन है। कुसुम मेरी ओर आँखे दिखाते हुए बोली।

मै तो बस AK जो लिखने की बोल रही हो उसके बारे में मजाक कर रहा था और तुम गुस्सा होने लगी….. मै अपनी सफ़ाई देते हुए बोला।

A फॉर अरुण और K फॉर कुसुम in my heart. ये छोटी सी बात तुम्हे नहीं समझ आई…. बस हीहीही करना है, कुसुम अuब की बार मुझे शांत रहने का इशारा करते हुए बोली।

वो हमें अपने साथ अपने स्टूडियो में ले गया।

कुसुम ने कहा- देखो गगन, मुझे पूरी प्राइवेसी चाहिए।

वो बोला- आप चिंता न करें मैडम, यहाँ आप पूरी तरह से निश्चिंत हो कर काम करवा सकती हैं।

टैटू का डिजाइन भी पसंद कर लिया गया।

 मै सामने कुर्सी पर बैठ गया, कुसुम को उसने बड़े से काउच पे लेटा दिया। उसने अपने सारे औज़ार और मशीन वगैरह सब रेडी किए।

गगन – ठीक है तो आप यह कपड़े निकाल दो और ये कपड़ा डाल देता हूँ और बनाता हूँ।

फिर कुसुम ने अपनी ब्लाऊस उतार दिया वो बस रेड ब्रा में थी.

गगन – यह ब्रा भी निकालनी होगी आपको।

कुसुम – क्या कह रहे हो तुम पागल हो क्या?

गगन – कहीं और किसी से भी बनवा लो या इंटरनेट पर वीडियो देख लो पहले, यह कोई ऐसा वैसा काम नहीं है बहुत बारीकी का काम है।

फिर कुसुम ऑनलाइन. वीडियोस देखने लग गयी और फिर शांत हो गयी वीडियोस देखकर ।

गगन – क्यू अब यकीन हो गया ना?

कुसुम – पर ऐसे तुम्हारे सामने कैसे?

गगन – एक आर्टिस्ट के लिए सब न्यूड ही होता है एंड हम अपने टैटू पर फोकस्ड रहते हैं नहीं तो बनेगा कैसे? और आपके जैसी कितनी गर्ल्स पूरी पूरी न्यूड होती हैं जब नीचे बनवाती हैं तो.

कुसुम – हम्म ओके पर इसमें वीडियोस में तो वह ब्रैस्ट पर कुछ लगा रखा है।

गगन – वह सिलिकॉन टेप होते हैं निप्पल हाईड करने के लिए पर उनसे फायदा क्या है जब पूरे बूब्स सामने है और बस निप्पल हाईड करने है.

फिर दोनों हंसने लग जाते हैं और कुसुम अब अपनी ब्रा निकाल देती है. उसके 36 के गोरे बूब्स गगन देखता रह जाता है और मै भी। फिर वह पीछे होकर लेट जाती है. तो उसके थाइस भी गगन आराम से देख रहा था.

कुसुम – यार बड़ा अजीब लग रहा है ऐसे किसी के सामने बिना ब्रा के.

गगन – अरे एक टैटू बनवाकर आपको आदत हो जाएगी एंड आप जैसी मॉडर्न भाभी ऐसे सोचोगी तो कैसे चलेगा और सोचो आप नीचे पैंटी एरिया में बनवाती तो क्या होता आपका ?

और फिर दोनों हंसने लगते हैं.

गगन – अब हिलना मत।

तभी अचानक से कुसुम का मोबाइल रिंग बजने लगी, लेटे लेटे उसने मोबाइल स्क्रीन पर सासु माँ का नाम पढ़कर मुह बनाते हुए मुझसे बोली ….. अरे सुनिये जरा अपनी मम्मी से बात कर लो पूछ लीजिये कुछ काम याद आ गया होगा।

मैने कुसुम के हाथ से मोबाइल लेकर

 हेलो – बोलो

पापा – मम्मी कहाँ है…??? फोन में दूसरी तरफ से रिंकी की आवाज आई ।

मै — बेटी वो थोड़ा बिजी है। बोलो कुछ काम था क्या???

रिंकी — पापा, आप मम्मी को जरा फोन देना मुझे उनसे ही बात करनी है।

कुसुम रिंकी है फोन पर, उसे तुमसे कुछ कहना है….! एक मिनिट सुन तो लो। मै कुसुम के पास मोबाइल ले जाकर बोला।

ओफ् ओ अब ये क्या आफत है, तुम ही पूछ लो उससे क्या कहना चाहती है, सुबह सुबह तो दोनों बाप बेटी एक साथ, एक सुर में (राग अलाप) गाने गा रहे थे। और अब मुझे डिस्ट्रब मत करो, वरना मेरा टैटू खराब हो जायेगा। कुसुम झूझलाते हुए मुझसे बोली।

शायद रिंकी ने दूसरी ओर कुसुम की तानो भरी बात सुन ली थी वो मुझसे कुछ नहीं बोलती और फ़ोन काट देती है।

“कहते है न जब तब कोई एहसास न कराये प्यार का पता नहीं चलता।'”

तभी मैने इधर से रिंकी को काल किया।

रिंकी कॉल डिसकनेक्ट कर देति है।

मै दोबारा फिर से कॉल करता हू।

रिंकी इस बार भी कॉल पिक्क नहीं करती

और कॉल डिसकनेक्ट करके मेसेज कर देति है

” घर का काम ख़तम करने के बाद मै नहाने गयी और जब अपने सेनेटरी नेपकीन चेंज किये तो मुझे याद आया ये तो लास्ट है। मेरे सेनेटरी नैपकीन ख़तम हो गये थे इस लिए मम्मी को कॉल कर रही थी की लेते आना  “। और फ़ोन रख देति है।

रिंकी का मैसेज पढ़ने के बाद मुझ को समझ नहीं आ रहा था की क्या करू। और मै बुत बना अपनी पत्नी कुसुम के चूचे पर बन रही कला कृति को निहारने लगा।

 गगन पहले टैटू का स्टीकर चिपकाता है और फिर जब डिज़ाइन छप जाता है. तो फिर अपना वह टैटू वाला पेन स्टार्ट करने करने लगता है और बीच बीच में जानबूझ कर बूब्स पर हाथ रखते जा रहा था. मै समझ गया की उसने कुसुम के बूब्स का पूरा मज़ा लिया है और फिर आधे घंटे लगभग में टैटू बन गया.

कुसुम मुझे अपने रंगे हुए चूचे दिखाते हुए – देखो। फिर खुद भी टैटू देखती हैं जो बहुत कूल लग रहा था जिसे देखकर कुसुम बहुत खुश हो जाती है.

गगन – भाभी जी इफ यू डोंट माइंड मै अपने हर बनाये टैटू का फोटो लेता हूँ तो मै ले लूँ?

कुसुम – अरे नहीं ऐसे कैसे मै अपनी ऐसी फोटो लेने दू!

गगन – अरे तुमने गलत समझ लिया तुम्हारा नहीं बस टैटू का सिर्फ टैटू का वह भी बस प्रोफेशनल वर्क के लिए क्यूंकी हमे दिखाना होता है की हमारा रियल वर्क कैसा है और उसमे ना आपका फेस होगा ना ही कुछ और।

कुसुम – ओह्ह अच्छा चलो ठीक है।

मै दूर से देखता हूँ तो गगन मेरी बीवी कुसुम के बूब्स के और उसके पूरे फोटो लेता है और एक टैटू का लेता है और दिखाता है की देखो बस यह लिया है और कुसुम सोचती है ठीक है बस टैटू का लिया है और फिर कुसुम कपड़े पहन लेती है.

कुसुम -कितने रुपये हुए?

गगन – अरे आप भाभी जी हमारी नई कस्टमर है अच्छा फिर 500 रुपये दे दो।

कुसुम – बस?

गगन – हाँ अब डिस्काउंट तो देना पड़ेगा आपको।

और फिर हँसते हुए कुसुम मुझे उसे पैसे देने को कहती है।

” विनाश काले विपरीत बुद्धि ” (कहावत को प्रमाणित करते हुए मेरी जुबां से ऐसे शब्द निकले जिसका अफसोस मुझे ताउम्र रहेगा)

मैने कुसुम से कहा – तुमने इतने सब डिज़ाइन पसंद किये तो मुझे लगा ज्यादा टैटू बनवाने है पर तुमने एक ही बनवाया।

कुसुम – हाँ पर और बनवाऊंगी तो आपकी मम्मी यानी मेरी सास को दिख जाएगा और ठीक नहीं बनवाना।

हम पति पत्नी की आपसी बातचीत सुन गगन बीच में बोल पड़ा – वैसे भाभी जी आप मॉडर्न भी हो एंड एक बूब्स पर बनवा चुकी हो तो एक पेट के नीचे या कमर में बनवा लेती एकदम स्टाइल आता और आपकी सासु मा को भी नहीं दिखता।

कुसुम – पेट पर तो दिख जाएगा।

गगन -अरे नोरा फतेही वाला टाइप, वह कैसे दिखेगा आंटी को?

कुसुम – तो वहाँ कोई फायदा भी तो नहीं है जब दिखेगा ही नही!

गगन – अरे सबसे ज्यादा ट्रेंड में तो वही वाला है एंड दिखेगा बिलकुल जब कभी बीच पर जाओगी या वैसी ड्रेस पहनोगी तो दिखेगा।

कुसुम – हाँ यह भी है, तो दिखाओ डिज़ाइन।

गगन – लो देखो।

कुसुम – ये वाला ठीक है?

गगन – हाँ यह ठीक रहेगा।

कुसुम – कैसे बनेगा यह बताओ?

गगन कुसुम के नंगे पेट पर – डिज़ाइन दिखाते हुए, यह ऐसे आएगा।

वह नज़ारा देख कर मेरी हालात खराब हो रही थी.

मै कुसुम के कुछ डिसीजन देने से पहले ही बोला – हाँ ऐसे ठीक रहेगा पर अभी नहीं फिर किसी दिन में बनवा लेना।

गगन – अभी बन भी नहीं सकता क्यूंकी भाभीजी को शेव करनी होगी नीचे एकदम क्लीन।

मै गगन की ये बात सुनकर थोड़ा ओकवर्ड फील कर रहा था।

लेकिन इस बार मेरे कुछ बोलने से पहले कुसुम बोल पड़ी, वो कोई इशु नही मै

घर से अपनी पूरी साफ सफाई करके आई हू।

That’s गुड वो बोला- ओ के… पर आपने अचुअल् टैटू बनवाना कहाँ पे है?

कुसुम को पहले तो बड़ी शर्म सी आई, फिर उसने कहा- मैं तुम पर पूरा भरोसा कर सकती हूँ?

वो बोला- बिल्कुल भाभी जी, ये मेरा काम है और काम में, मैं कोई भी बेईमानी नहीं करता।

तो कुसुम ने अपनी नाभि के नीचे की तरफ इशारा करके कहा- वहाँ, वहाँ पर टैटू बनवाना है।

उसने कहा- मैं देख सकता हूँ?

कुसुम ने कहा- हाँ, देख लो, पर प्लीज…

वो कुसुम की बात समझ गया- आप निश्चिंत रहें भाभी जी!

इधर मेरे दिल में बड़ी अजीब सी फीलिंग आ रही थी। मेरी खुद की बीबी किसी बिल्कुल अंजान के सामने नंगी होने की।

मगर होना तो था…..!

और उसने कुसुम की साड़ी ऊपर उठानी शुरू की। सच में मर्द के हाथ का लगना ही औरत के बदन में बिजली दौड़ा देता है, और जबकि उसने सिर्फ कुसुम की साड़ी को ही छुआ था। उसकी साड़ी और पेटीकोट उठा कर उसने उसके पेट पर रख दिया।

नीचे कुसुम ने पेंटी पहनी थी।

वो बोला- ये भाभी जी?

कुसुम ने कहा- उतार दो!

“कुछ कुछ तो कुसुम भी हरामी हो रही थी।”

उसने कुसुम की पेंटी के दोनों तरफ अपने अंगूठे फंसाए और खींच कर उसकी पेंटी उसके घुटनो से भी नीचे उतार दी।

अपनी बीवी के किसी गैर के साथ ये दृश्य देखकर मेरे रीढ़ की हड्डी में सौ बार सिहरन जागी हो जैसे। एकदम से जैसे मुझे पसीने आ गए हों।

उसने कुसुम की चूत को देखा और फिर बोला- डोंट वरी भाभी जी, आपको न दर्द होगा, न ही स्वेल्लिंग आएगी। आप बस अपनी टाँगें चौड़ी कर लीजिये, और हो सके तो ये साड़ी और पेटीकोट भी उतार दीजिये।

” गगन के इस व्यावसायिक व्यवहार ने जैसे कुसुम को बहुत प्रभावित कर दिया हो,” कुसुम उठी और अपनी साड़ी खोली, पेटीकोट खोला और उतार दिया और सिर्फ ब्लाउज़ पहने उसके सामने काउच पर अपनी टाँगें खोल कर लेट गई। उसने पहले अपने हाथों में दस्ताने पहने, फिर एक स्प्रे किया, उसके बाद एक तेल से मालिश की।

“मगर एक बात थी, बेशक वो कुसुम की चूत को छू रहा था, मगर गगन को चूत को छूने से कोई फीलिंग नहीं आ रही थी, हाँ उसको देख कर मुझे बहुत फीलिंग आ रही थी।” ह्म्म्म ह्म्म्म

उसकी एक बाजू बिल्कुल मेरे पास थी, जिस पर गहरा सा टैटू बना था। पहले उसने कोई एंटीसेप्टिक लोशन सा लगाया, फिर अच्छी तरह से एक तेल से मालिश सी की, फिर उसने जो बटर फ्लाई डिजाइन कुसुम ने पसंद किया, था उसका कागज़ पर बना स्टेंसिल कुसुम की कमर पर रख कर चिपकाया, और जब कागज़ उठाया, तो कुसुम की चूत के ऊपर एक निशान छाप गया। देखने में तो ये भी बड़ा अच्छा लग रहा था, मगर असली काम तो अभी होना था।

फिर उसने उस डिजाइन के एक कोने पर स्याही लगाई और फिर मशीन से जब गोदा तो एक बार तो कुसुम उछल पड़ी।

वो बोला – कम डाउन भाभी, आराम से… अगर ऐसे उछलोगी, तो काम खराब हो जाएगा।

 उसे इस तरह गोदना देखकर मैं फिर परेशान हो गया, कोई उसे चोट पहुचाय मुझे अच्छा नहीं लगता है लेकिन कुसुम के व्यवहार से तो ऐसा नही लग रहा था, और कौन है जो उसे चोट पहुँचा रहा है, कभी मन भारी होने लगता,न जाने क्यों अब हद हो चुकी थी दिल और दिमाग की जंग जारी थी थका देने वाली जंग में आखिर दिल हार ही गया, दिमाग ने कहा एक बार तसल्ली कर ही लेते है दिमाग को तो शकुन मिल जायेगा, यह शुकून कितना दुःख देने वाला था ये तो मैं नही जानता था।

कुसुम आराम से लेटी तो उसने फिर से चालू किया, और धीरे धीरे वो डिजाइन बनाने लगा। बेशक कुसुम को दर्द हो रहा था, मगर असली बात उसके मन की संतुष्टि थी कि उसके बदन पर भी टैटू होगा..

उसने दोबारा से स्टेंसिल रख कर डिजाइन उकेरा और फिर मशीन लेकर लगा टैटू बनाने। मगर इस बार सच में कुसुम को न तो कोई दर्द हुआ, हाँ पर इतना ज़रूर था कि कुसुम को इस काम में बहुत मजा आ रहा था, इतना मजा कि कुसुम की चूत गीली हो गई, और जब उसकी चूत गीली होती है, तो बहुत पानी छोड़ती है। शायद इसी लिए उसने मशीन रोक कर कुसुम को एक नेपकिन दिया और बोला- भाभी, आप साफ कर लीजिये।

मैं समझ तो गया वो क्यों गीली थी,…बस मैं खुश था, और मुझे क्या चाहिए था…कुसुम की कोई भी हरकते मुझे अजीब नहीं लग रही थी,उसका सजना सवरना, मुझे तो बस प्यार ही दिखाई देती थी, हाथो में भरे हुए चुडिया, माथे में मेरे नाम का सिन्दूर, सीने पर मेरे नाम का टैटू, गोरा रंग जो दमकता सा था,होठो में प्यार की लाली,वाह पतली कमर, बलखाता भारी पिछवाडा, मुझे दीवाना बनाने के लिए काफी था,वो बस देख के हस देती तो मेरी सारी तकलीफे ख़तम हो जाती थी,मैं बहुत खुश था..

कुसुम ने उठ कर देखा तो उसकी चूत से पानी बाहर टपक रहा था और नीचे काउच पर भी लग रहा था। बेचारी को बड़ी शर्म आई, उसने कहा- आई एम सॉरी!

और उसने नेपकिन से अपनी चूत का पानी साफ किया।

वो बोला- कोई बात नहीं भाभी, ऐसा अक्सर हो जाता है।

कुसुम ने अपनी चूत साफ करके उसे फिर से काम शुरू करने को कहा। मगर शायद कुसुम तो उसके स्पर्श से गरम होती जा रही थी। दो मिनट बाद ही उसने कुसुम को फिर से नेपकिन पकड़ा दिया मगर बोला कुछ नहीं।

इस बार कुसुम ने बेशर्मी और बेहयाई की सारी हदें पार कर उससे कहा- तुम ही साफ कर दो।

पर जैसे ही मेरे कानो में कुसुम की इन शब्दों की आवाज गूंजी मेरे पैरो की जमीन ही खिसक गयी, हुम्म्म्मम्म  हुम्म्मम्म एक नशीली आवाज कुसुम जैसे पुरे मस्ती में थी, आह आह आह कमरे से सिर्फ सिस्कारियो की आवाज ही नही आ रही थी बल्कि कुसुम की चुडिया और पायल भी एक लय में खनक रहे थे,छम छम की आवाजे सिस्कारियो से लयबद्ध थी, मैं इतना भी नादान तो नहीं था की उन सिसकियो और आहो का मतलब न समझ सकू मेरी चेतना जाने सी हुई, मैं जमीन में गिर ही गया आँखे पथरा गयी मुझे लगा ये कोई दुखद स्वप्न होगा जो कुछ देर में शायद चला जाय,मैं अपने आप को मारने लगा,ये सोच की अभी मैं जागूँगा और अपने को अपने बिस्तर में पाउँगा,लेकिन मैं गलत था, ..आह आह कुसुम के ये शब्द ने मेरे सबर का बांध तोड़ दिया,मेरे आँखों में आंसू थे जो कुछ बूंदों में ही अपना सभी दर्द छिपाए हुए थे,,,,मैं गगन को जान से मारना चाहता था, लेकिन जो आप चाहो कर लो आह, कुसुम की उत्तेजना अपने चरम में थी,आहो की रफ़्तार में तेजी आ रही थी,मैं ठगा सा खड़ा रहा कुसुम कितना मजा ले रही है क्या मेरे प्यार में कुछ कमी है,लेकिन हमेशा उसने ही स्वीकारा था की वो मुझसे और मैं उससे बेतहाशा प्यार करता हु फिर उसकी चूत में बहता पानी क्यों……??

मेरे सवालो का जवाब तो कुसुम ही दे सकती थी या गगन, अपने उत्तेजना के चरम पर वो बस आहे भरती और एक पूरा माहोल उन आहो से गूंज उठता उसके बदन पर चल रही मशीन की आवाज के साथ बहते कामरस के चपचपाने की आवाज, वो सिर्फ वासना से भरी आवाज नहीं थी बल्कि मेरे प्यार का खात्मा था,…. मैं कुछ बोलने के हालत में नहीं रह गया था,मैं आखो में अपने अरमानो की खाख लिए उस कमरे के दरवाजे के पास चला गया,मैं कोई सवाल पूछने या उसका उत्तर जानने के स्थिति में नहीं था,मैं अपने ही खयालो में खोया रहा, बहुत देर हो चुकी थी।

पहले तो गगन ने मेरी तरफ देखा, इस बार उसकी आँखों में एक अलग ही चमक थी। उसने नेपकिन लिया और मेरी ही आँखों के सामने मेरी ही बीवी की चूत के दोनों होंठ खोल कर अंदर तक साफ कर दिया। मगर साफ करते ही फिर पानी आ गया।

वो बोला- भाभी, ये तो बहुत पानी आ रहा है. और उसने एक नेपकिन को तह में (ढक्कन) लगा कर कुसुम की चूत के दोनों होंठों के बीच में फंसा दिया।

मगर मेरे दिल की हालत तो और खराब होती जा रही थी। मैं बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था, एक नौजवान लड़के के सामने मेरी खुद की बीवी का नंगी हो कर बैठना ही मुझे बहुत रोमांचित कर रहा था। मेरा बार बार दिल कर रहा था कि मैं उस से पूछूँ, क्या वो मेरी बीवी को चोदेगा। मेरा दिल बार बार मुझे मजबूर कर रहा था उस से यही सवाल पूछने को।

जारी है……..

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