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जूली के बारे सोचते हुए आधा घंटा हो गया था और मुझे समझ आ गया था मेरी बिना बात सुने, और ज्यादा बोलने की वजह से मेरी प्यारी साली जूली जो मुझसे रात दिन चुदने को तैयार थी वो हाथ से निकल गयी।

मुझे अपनी पत्नी कुसुम की याद आने लगी कुसुम सच कहती है मुझे हर समय मास्टरी झाड़ने की गंदी आदत है।

मैने कुसुम को फोन लगाया, वो बोली अरे कहा है आप मैने कहा बस यही छत पर हू तुम कहा हो तो वो बोली मै नीचे जूली और प्रीति के साथ हू। आप भी नीचे आ जाए खाना शुरू हो गया है और funtion खतम होने वाला है। मैने कहा बस पांच मिनिट में आता हू।

मुझे ना ही खाना खाने की भूख थी और ना ही जूली से नजर मिलाने की हिम्मत। इसलिए मै छत पर बैठा रहा।

थोड़ी देर में प्रीति आई और बोली- आप ऊपर आकर क्यों बैठ गए?

मैंने मुँह फुला कर कहा- आपको तो हमारी कोई फ़िक्र है नहीं ! इसलिए क्या करें ? आप जाईये और अपना काम कीजिये !

इतना कहते ही उसका मुँह उतर गया, वो मेरे पास आई और मेरा हाथ पकड़ कर बोली- जीजाजी, आप तो नाराज हो गए ! अब आप जैसा कहेंगे, मैं वैसा ही करूंगी !

मैंने कहा- वो तो हमने देख लिया ! हम तो सिर्फ आपको प्यार करना चाहते थे, लेकिन आपने मेरा मूड ही ख़राब कर दिया है, क्या यह सब आपको अच्छा नहीं लगता है?

वो एकदम मेरे पास आई और मेरे गले में बांहें डाल कर बोली- सॉरी जीजाजी ! मुझे अच्छा तो लगता है लेकिन डर भी लगता है कि कुछ हो गया तो या फिर दीदी को पता लग गया तो क्या होगा?

मैं बोला- जीजा और साली तो ऐसे मौके की तलाश में रहते हैं ! और एक तुम हो कि भाव खा रही हो?

तो वो बोली- सॉरी बाबा ! गलती हो गई !

यह कह कर उसने एक vodhka का पाउआ निकाल लिया और बोली चलो एक एक जाम हो जाये।

मैने कहा तुम भी कमाल करती हो।

वो बोली
आपकी पत्नी की बड़ी बहन हूँ! उससे दो कदम आगे हुंगी!

मै— बस, अब सब भूल जाओ! अपने हाथ से एक पैग बनाओ।

वो पैग बना लाई, मैंने कहा- एक बात कहूँ? लगता नहीं है कि तेरी 18 साल की बेटी होगी।
उसने पैग पकड़ा दिया और खुद का पी लिया, मुझे लगा अब उसको और नहीं पीने दूंगा, वरना वो पी के टुन्न हो जायेगी और मेरा मूड खराब होगा।

मै प्रीति के चेहरे की तरफ देख रहा था वो एक एक sip. लेकर बड़े इतमिनान से और स्वाद के साथ पी रही थी। और आसमां की तरफ देख रही थी।

उसकी नजर मुझ पर पड़ी तो बोली ऐसे क्या देख रहे हो, कभी किसी लड़की को पीते हुए नही देखा क्या।

मै — नही देखा और ना ही पी है।
वो हसने लगी हाहाहा

मैं— प्रीति डॉक्टर साहब को पता है तुम पीती हो,
वो बोली जीजू उन्होंने ने ही तो मुझे पीना शिखाया है। उनका मानना दोस्तो के साथ पीना से अच्छा है अपनी पत्नी के साथ पियो और पत्नी को भी एक अच्छी दोस्त मानना चाहिए।

मुझे नशा होने लगा, और मैने प्रीति के ड्रेस के ऊपर से ही उसके दूध दबा दिये और उसको पकड़ कर अपनी गोदी में बैठाने लगा मेरा लंड मेरे पैंट मे सीधा तन कर खड़ा हो गया था।

जैसे ही प्रीति को मैने गोदी में बैठाया उसकी शॉर्ट ड्रेस ऊँची हो गयी और प्रीति की नंगी गांड पतली सी पैंटी में दिखने लगी। वो जैसे ही बैठी तो उछल पड़ी शायद उसकी गांड में मेरे खड़े लंड का आभास हो गया था।

वो मुझसे दूर होकर खड़ी हो गयी और बोली
क्या जीजू आप बार बार शक्ति कपूर क्यो बन जाते है।

मुझे ये सुनकर हसी आ गयी हाहाहा हाहाहा

मै बोला क्यो क्या हुआ।

प्रीति– जीजू आप बार बार हरकत ही ऐसे करते है मै अभी बस यह चाहती हूँ हम यहाँ बैठकर एंजॉय करे आप अपनी सुनाओ मै अपनी कहु।

मै सोच में पड़ गया और मै समझ गया आज का दिन ही खराब है सालियों की चूत इतनी आसानी से नही मिलती है। जितना मुझे लगा था। एक काम करता हूँ पहले इसे पिला कर टुन्न करता हूँ फिर उसके साथ try करता हूँ।

प्रीति बोली जीजू किस सोच में पड़ गये।

मै– कुछ नही बस, एक पेग और बनाओ।
हमने एक पेग और पीने लगे।
मैने पीते हुए प्रीति से पूछा तुम अपनी और डॉक्टर साहब की लव स्टोरी बताओ।

प्रीति— जोर से हस्ती हुयी hahahaha
जीजू आप भी क्या पूछ रहे है। पर आपने पूछ ही लिया है तो बताती हूँ। आज दारू जो भी बोलेगी सच बोलेगी।

प्रीति नशे में टुन्न हो रही थी।

प्रीति—- जीजू मेरी लव स्टोरी नही fuck story. थी जो धोखे से शादी में बदल गयी। Acchually सभी कामचोर लड़किया जो ज्यादा मेहनत नही करना चाहती है वो अपनी नौकरी को बचाने के लिए अपने सीनियर से कुछ ज्यादा ही फ्रैंक हो जाती है। और बाद में सेक्स भी करने लगती है।

मै भी हॉस्पिटल में नाइट शिफ्ट में काम करने की परेशानी से बचने के लिए एक चूतिया डॉक्टर की तलाश मे थी। किस्मत से आपके डॉक्टर साढू हॉस्पिटल में ट्रांसफर हो कर आ गये। उनका हाल ही में डिवोर्स हुआ था और दिलजले आशिक की तरह रहते थे।

मै ये समझ गयी और धीरे धीरे उनके करीब जाकर उनको अपने जाल में फसा लिया और वो एक md डॉक्टर होकर मुझ जैसी नर्स के ऐसे दीवाने हुए कि मेरे साथ शादी से पहले पांच बार सेक्स के मजे लेने के बाबजूद भी मुझे एक दिन शादी के लिए प्रपोज कर दिया।

इधर पापा ने मेरे लिए भी एक रिश्ता फिक्स कर दिया था। मैने पापा के पसंद के लड़के और डॉक्टर साहब को आपस में compare किया तो डॉक्टर is best for me. बस उनकी उमर ज्यादा थी. पर मै उनके साथ पांच बार सेक्स करने के बाद ये समझ गयी थी कि वो ज्यादा उम्र के होकर भी फिट है और फिर my thought age is not waarior in sex.

मेरी और डॉक्टर साहब की life फुल मस्ती में चल रही थी और मैने एक बेटी को जनम दिया। बेटी जैसे जैसे बड़ी हो रही थी डॉक्टर साहब की सेक्स करने में रुचि कम हो रही थी शायद उनकी उम्र की वजह से।और मेरे कपड़े भी छोटे होते जा रहे थे, मेरी सेक्स इच्छा बढ़ती जा रही थी। फिर एक दिन मै डॉक्टर साहब के साथ शराब पी रही थी तो हमारा झगडा हो गया और मेरे मुह से निकल गया कि आप का इंजेक्शन खराब हो गया है और मेरे किसी भी काम का नही है।

तो डॉक्टर साहब समझ गये और उन्होंने सेक्स से पहले कुछ दवाई खानी शुरु कर दी

मैने पूछा प्रीति उन गोलियों के नाम क्या है।

प्रीति हसने लगी हाहाहा हाहाहा
क्या जीजू आपका भी इंजेक्शन काम नही कर रहा है क्या।

ये सुनकर मेरा नशा उतर गया मैने उसके हाथ अपने ढीले लंड पर रख दिया और बोला साली साहिबा खुद चेक कर लो।

प्रीति अपना हाथ हटाते बोली क्या जीजू आपकी मुझसे भी खूबसूरत बीवी है सच कहु तो आज तो कुसुम दीदी को देखकर मेरा मन भी गंदा हो गया काश में लड़का होती तो आपकी बीवी के साथ सेक्स कर लेती।

एक आप है जो मेरे पीछे पड़े है। मै बस दिखने में हॉट और सेक्सी हु अंदर से पूरी ढीली हो चुकी हू। आपके साढू डॉक्टर साहब ने गोली खा खा कर हर तरफ से इंजेक्शन लगा कर पूरा जिस्म ढीला कर दिया है।

मै— ओह्ह ऐसी कौन सी गोलिया है जो बुड्ढे साढू की तुम इतनी तारीफ कर रही हो।
मैने फिर पूछा प्रीति उन गोलियों के नाम क्या है।

प्रीति बोली जीजू मुझे आम खाने से मतलब रहता है और मै गुठलिया नही गिनती। हा वो गोली कभी गुलाबी, नीली, हरि, लाल रंग की होती है।

मै प्रीति की बातो से समझ गया ये नही देने वाली, इसका तो डॉक्टर पूरा ख्याल रख रहा है, इससे जूली की बात करता हूँ शायद ये कुछ हेल्प कर दे।

मैने कहा प्रीति जूली की शादी कब की है तो वो बोली next month है। जीजू आपका और जूली के बीच कुछ झगडा हुआ था क्या।

मै– नही तो, क्यो ऐसे क्यो पूछ रही हो।
प्रीति—- जूली आपका नाम सुनकर चिड़ जाती है ।

मै— पता नही जूली मुझसे क्यो गुस्सा है, तुम मेरी उससे बात करवा दो।
प्रीति— क्या जीजू आप जूली मूली के पीछे पड़े हो आपको तो सब पता है उसके charecter के बारे में। आप तो अपनी बीवी पर ध्यान दो जल्दी से दो तीन बच्चे पैदा करो अभी आप दोनों की उम्र 35 के आसपास है, अगर देर कर दी तो फिर test tube babby करना पड़ेगा। हाहाहा हाहाहा

चलो अब नीचे कुछ खाते है और डांस करते है।

हम नीचे आ गये, कुसुम ने मुझे प्रीति को एक साथ सीढ़ियों से उतरते हुए देखा तो गुस्से में घूरने लगी। मै उसके पास जाकर खड़ा हो गया।

कुसुम हाथ से पीने का इशारा करते हुए बोली हो गयी पार्टी, अब कुछ खाना है,
मै बोला नही नाचना है और मैं कुसुम का हाथ पकड़कर dj पर चढ़ गया। हम डांस करने लगे

तभी प्रीति जूली और उसके होने वाले पति को भी पकड़कर ले आई। (जूली का होने वाला पति प्रीति का कजिन देवर है)

हम सब एक साथ डांस करने लगे,

मेरी अपने होने वाले साढू की बीवी यानि मेरी साली जूली, से फिर नजरे मिली।
मैंने उसे देखा और देखता ही रह गया। क्या क़यामत थी!

जूली का रंग गोरा, शराबी आँखें, मस्त उभार, चिकना बदन, जब से हम मिले, जूली मेरी तरफ और मैं उसकी ही तरफ देखते रहे।

हम सब एक साथ DJ पर नाच रहे थे, मैं जूली के पास जाकर उसके साथ जाकर नाचने लगा, पर उसने मेरे साथ नाचने के लिए कोई आपत्ति नहीं दिखाई और भीड़ में हम दोनों नाचने लगे। मैं उसके इतना करीब आ गया कि वो मेरी सांसों को और मैं उसकी सांसों को महसूस कर रहे थे।

बहुत ही रोमांटिक गाना बज रहा था।

मै गाने के बोल जानबूजकर थोड़ा जोर से जूली की तरफ देखते हुए गाने लगा।

“” दो बोल कह के तो हम तो हारे है,
हम तुम्हारे है, तुम हमारे हो, “”

कमाल तो तब हो गया गाने की अगली female वाली लाइन जूली मुझे देखकर जोर से गाने लगी।

“”कुछ भी ना कह के तो, हम भी हारे है
हम तुम्हारे है, तुम हमारे हो, “””

प्रीति और कुसुम भी साथ साथ नाच रहे थे,

मै नाचते हुए कुसुम पर भी नजर रखे हुए था,

मेरी आँखों में नशा और जूली की गालों पर लाली छाती रही।

मैने जूली से कहा- साली जी आप बहुत ही ज्यादा सुंदर हो, आज मैं धन्य हो गया जो आप जैसी खूबसूरत लड़की के साथ नाचने का मौका मिला। आज तक मैं किसी भी इतनी सुंदर लड़की के साथ डांस नहीं किया है ।

जूली ने कहा- क्या आप मुझे फिर से मस्का लगा कर लाइन मार रहे हो?

मैने कहा- कुछ भी समझ लो, पर मैंने जो दिल में था वो कह दिया!

जूली मेरी बीवी कुसुम और प्रीति की ओर इशारा करते हुए मुझसे कहने लगी- सच कह रहे हो..

मेरी दीदियों ने तो कभी भी मेरी इतनी तारीफ़ नहीं की!

मैने कहा- सच में, मैं बिलकुल सच बोल रहा हूँ!

जूली— ये बात आप कुसुम दीदी के सामने बोल सकते है।

मै— हा।

नाचते हुए मै और जूली एक-दूसरे के और करीब आते रहे। हम काफी देर तक ऐसे ही नाचते रहे और एक-दूसरे की आँखों में देखते रहे।

तभी मैने मौका देख कर कहा- जूली, मुझे तुमसे प्यार हो गया है!

जूली ने आगे से कोई जवाब न दिया और वो डांस करते हुए मुझसे दूर चली गई और कुसुम और प्रीति के पास पहुँच गई।

मुझे डर लगने लगा कहीं वो मेरी कहीं हुई सारी बातें कुसुम को न बता दे!

वो कुसुम के पास जा कर मेरी तरफ देख कर कुछ बात कर रही थी, मेरे दिल में और घबराहट होने लगी।
कुसुम ने मुझे आवाज दे कर अपने पास बुलाया।

मैं उसके पास जाने लगा और मेरे माथे पर पसीने छूट रहे थे, मैं डरता-डरता कुसुम के पास गया।

कुसुम ने मुझे कहा- अरे आप अकेले क्यो खड़े है जाकर अपने नये साढू को भी थोड़ा डांस करवाओ,

तब जाकर मेरी साँस में साँस आई।

मै कुसुम को मना नही कर पाया पर जाने से झिझक रहा था।

तभी
प्रीति बोलि कुसुम सही बोल रही है मै लेकर आती हू अपने देवर को।

थोड़े समय बाद जूली का होने वाला पति प्रीति और कुसुम के पास आकर उन दोनों के साथ में नाचने लगा, भीड़ के बहाने से मेरा साढू कुसुम के बदन को आगे से छूता रहा। कुसुम ने भी कोई विरोध नहीं किया और वो उसके साथ नाचती रही।

कुसुम भी जूली के होने वाले पति और प्रीति के साथ नाच रही थी. कुसुम 35 साल की शादी शुदा औरत जरूर है. पर है वो जबरदस्त कंटाप माल. कुसुम ने गुलाबी कलर की नेट वाली साड़ी पहनी हुई थी, जिसमे उसका गोरा बदन बहुत खिल रहा था. टाइट ब्लाउज में कैद दूध से भरे हुए बड़े बड़े स्तन क़यामत लग रही थी. ब्लाउज काफी डीप थी, जिससे काफी क्लीवेज दिख रहा था.

प्रीति और कुसुम दोनों ही डांस के नशे में थे, मेरा साढू कुसुम के साथ डांस करने लगा. और डांस के बहाने कुसुम के जवान बदन को ताड़ रहा था.. कुसुम की गोरी कमर गुलाबी साड़ी में मस्त लग रही थी..

ब्लॉउज़ और साड़ी के बीच कुसुम की नाभि और कमर की खूबसूरती कई गुना बढ़ा चुकी थी। नाभि भी भला खूबसूरत लग सकती है? मैने तो सोचा तक नहीं था। पर आज जैसे कुसुम की नाभि दिख रही थी, उसकी खूबसूरती देखने लायक थी।
कुसुम की गोल गहरी सेक्सी नाभि, कमाल लग रही थी।

कुसुम ने साड़ी बहुत निचे से बाँधी थी, एकदम अपनी बूर से ऊपर. साड़ी में कसी हुई कुसुम की भारी भरकम चुत्तड़ और नितंब बहुत ही सेक्सी लग रही थी. कुसुम हर बीट के साथ अपनी गांड मटका रही थी..

गाना भी क्या खूब बज रहा था–

“” सारे लड़को की कर दो शादी,
बस एक को कुँवारा रखना,
बस एक को कुँवारा रखना”””

कुसुम की साड़ी का पल्लू पूरा बार बार नीचे गिर रहा था, और उसके बड़े बड़े स्तन ब्लाउज से साफ़ दिख रहे थे. कुसुम की चूचियां बहुत ज्यादा बाउंस हो रही थी…

मेरा साढू कुसुम की भारी गांड पर अपना लंड रगड़ रगड़ कर नाच रहा था… रात के 11 बज चुके थे ।

अचानक कुसुम का बेलेन्स बिगड़ा तो उसने मेरे साढू को पकड़ लिया साढू का हाथ कुसुम की कमर पर था और दूसरा हाथ के नीचे कुसुम की चूचियां के साइड में था.. कुसुम गिरने से बच गयी।

ये दृश्य सबके सामने हो रहा था, मेरे डॉक्टर साढू ने मुझे व्यंग भरा कॉमेंट करते हुए हस्ते हुए कहा ।

“अरुण प्रोफेस्सर साहब सावधानी हटी दुर्घटना घटी। “

हाहाहा हाहाहा हाहाहा

मै बोला डॉक्टर साहब मै समझा नही।

वो फिर मेरी चुटकी लेते हुए हस्ते हुए बोले

“” सवारी को अपने सामान की सुरक्षा खुद करनी चाहिए “”

अब मै समझ गया था।

और
प्रोग्राम ठीक तरह से खत्म हो गया.. अब हम सब लोग थक गये थे..

और DJ बंद हो गया…

उसके बाद मुझे जूली के साथ बात करने का कोई मौका नहीं मिला और फंक्शन खत्म हो गया और लड़के वाले सब अपने-अपने घर वापिस चले गए। मेरी ससुराल में घर के लोग सास, ससुर, साला, और जूली ही बस रह गये। मेरी सास ने कहा अरुण बेटा कुसुम को आज रात यही छोड़ दो। कल रिंकू वापस ले आयेगा। वैसे भी अभी यहाँ बहुत काम है मुझ अकेले से ना हो पायेगा।

मै कुसुम को छोड़कर अपने घर की ओर चल दिया।

“”हर इंसान दोहरी जिंदगी जीता है, घर में अलग और घर के बाहर अलग””

मेरी हालत भी वैसी ही थी, घर के अंदर मुझे अपनी बेटी रिंकी के सवालों के जवाब जो देने थे।

मै घर पहुँच गया, रिंकी दादा दादी के साथ बैठकर tv देख रही थी।

मै भी उनके पास जाकर बैठ गया, मेरी मम्मी को मैने बता दिया कि कुसुम कल आयेगी।

तभी रिंकी ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा

दादी आपने वो फिल्म देखी है,
दादी— कोनसी

रिंकी एक तंज सा ताना या कॉमेंट करते हुए बोली

“” जोरू का गुलाम “””

जारी है………

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