अपनों का प्यार या रिश्तों पर कलंक [ ड्रामा + सस्पेंस ] – Update 2

अपनों का प्यार या रिश्तों पर कलंक [ ड्रामा + सस्पेंस ] - Pariwarik Chudai Ki Kahani
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भाभी ने वो पतासी मेरे मूह की तरफ़ बढ़ा दी मेने अपना पूरा मूह खोल दिया भाभी की सॉफ्ट सॉफ्ट उंगलिया मेरे होंठो से लगती हुई …मेरी जीभ से टच होने लगी.

ये मेरे लिए पहला अनुभव था ऑर मुझे काफ़ी अच्छा भी लगा.

भाभी…क्यो बच्चू कैसा लगा…मज़ा आया.

में…भाभी आपकी फिंगर बड़ी टेस्टी है ऑर ये कह कर में हँसने लगा.

भाभी ने मेरी पीठ पर मुक्का मारते हुए कहा.

भाभी…मैने तुझे पतासी टेस्ट करने के लिए खिलाई थी ना कि मेरी उंगलिया टेस्ट करने के लिए , चल अब घर काफ़ी पतासी खाली .

फिर उसके बाद हम दोनो घर की तरफ़ निकल गये.

घर पहुँच कर मैने वो सारा सामान किचन में रखा ओर बाहर आकर हॉल में बैठ कर टीवी देखने लगा.

बाहर गार्डन में पार्टी की तैयारी चल रही थी. वैसे तो पापा पार्टी बहुत बड़ी करना चाहते थे लेकिन नीरा ने उन्हे ऐसा करने से मना कर दिया था क्योकि फिर बर्त दे पार्टी तो साइड में रह जाती है ऑर बिज़्नेस पार्टी शुरू हो जाती है .

इसीलिए पार्टी में सिर्फ़ ख़ास ख़ास लोग ही आए थे ऑर कुछ रिश्तेदार…

में अपने रूम में रेडी हो रहा था मैने आज सूट पहना था , जिसमें में काफ़ी अच्छा लग रहा था .

फिर में जाकर नीरा के कमरे की तरफ़ बढ़ गया . मैने दरवाजा नॉक करा तो नीरा ने अंदर आने के लिए कहा.

अंदर नीरा रेडी हो रही थी.

नीरा–भैया आपको मेरे रूम में आने के लिए नॉक करने की क्या ज़रूरत है.

में–अरे यार आज सारे दिन से गड़बड़ हो रही है इसलिए नॉक करना ज़रूरी समझा.

नीरा–कैसी गड़बड़ भैया क्या हुआ मुझे भी तो बताओ , ऐसा क्या देख लिया जो आप दरवाजा नॉक करने लगे.

में…कुछ नही नीरा ऐसी कोई बात नही है वो तो बस नोर्मली मैने डोर नॉक किया था..मुझे लगा शायद तू तैयार हो रही होगी इस लिए.

नीरा…भैया अभी में इतनी बड़ी भी नही हुई हूँ कि आप मुझ से शरमाने लगो …मुझे याद है जब मम्मी अपने एनजीओ के कारण बाहर चली जाती थी तो आप मुझे कितने प्यार से नहलाते थे , इसलिए मेरे रूम में आपको आने के लिए कभी नॉक ना करना पड़े इस बात का ध्यान रखना.

में–ओके स्वीटी में आगे से ऐसा नही करूँगा , अब तू कितनी देर में बाहर निकलेगी.

नीरा–भैया में तो रेडी हूँ चलो चलते है बाहर.

उसके बाद वो मेरे सामने से होती हुई बाहर निकलने लगी ऑर में उसके पीछे.

तभी मेने देखा नीरा के ड्रेस के पीछे वाले हुक नही लगे हुए थे पिछे से उसकी पिंक कलर की ब्रा नज़र आ रही थी.

मैने उसको आवाज़ लगाई.

में–नीरा रुक ड्रवाजा बंद कर के इधर आ.

नीरा–क्या हुआ भैया आप इतने परेशान क्यो दिख रहे हो.

में–नीरा वो तेरी ड्रेस पिछे से……

नीरा–क्या हुआ भैया मेरी ड्रेस को क्या हुआ ये अच्छी नही लग रही.

में नीरा को ये बताते हुए झिझक रहा था कि उसकी पूरी पीठ दिख रही है.

नीरा–अब कुछ बोलो भी या ऐसी ही खड़े रहोगे ये ड्रेस अगर अच्छी नही लग रही तो अभी इसको चेंज कर लेती हूँ.

में–घबराते हुए …..नीरा ये ड्रेस तुझ पर बहुत अच्छी लग रही है पर…

नीरा–क्या पर पर लगा रखा है सॉफ सॉफ बोलो क्या बात है….अगर नही बोलना तो में बाहर जा रही हूँ.

में उसके कंधे पर हाथ रखता हूँ ऑर ड्रेसिंग टॅबेल की तरफ ले जाता हूँ उसका चेहरा मेरी तरफ था ऑर पीठ मिरर की तरफ़ .

में–अब यहाँ से मूड कर देख में क्या बोलना चाहता हूँ.

नीरा मूड कर देखती है ऑर बोलती है.

नीरा–ओहूओ भैया आप भी ना… सीधे सीधे नही कह सकते थे कि तेरी ड्रेस के हुक खुले हुए है.

में–में कहना तो चाहता था लेकिन कह नही पा रहा था.

नीरा–चलो अब अपना मूह बंद करो मेरी ड्रेस के हुक लगा दो , में रूही दीदी का ही वेट कर रही थी क्योकि ये हुक मुझ से नही लग रहे थे अब आप इनको लगा दो.

में–पर में कैसे….

नीरा—ज़्यादा होशियार बनने की ज़रूरत नही है चलो जल्दी लगाओ फिर बाहर भी जाना है.

ऑर ये कह कर मेरी तरफ अपनो पीठ कर के खड़ी हो गयी ऑर मिरर में से मुझे देखने लगी.

में घबराते घबराते उसके हुक लगाने लगा…मेरा ध्यान बार बार उसकी ब्रा पर चला जाता जिसका भी बस 1 ही हुक लगा हुआ था…

में–नीरा ये तेरे अंदर….भी हुक ढंग से नही लगा हुआ.

नीरा–भैया आप लगा दो जहाँ भी नही लगा हुआ.

मैने हिम्मत करके नीरा की ब्रा पकड़ ली उसकी ब्रा पकड़ते वक़्त मेरे हाथ काँप रहे थे.

अचानक मेरा हाथ उसकी नंगी पीठ से टच हो गया …मुझे ऐसा झटका लगा जैसे कोई बिजली के नंगे तार को छु लिया हो.

नीरा–भैया जल्दी करो ना क्या कर रहे हो आप.

में–रुक में कर रहा हूँ.

किसी तरह मेने हिम्मत करके उसकी ब्रा के हुक लगा दिए ऑर ड्रेस के भी हुक लगाने के बाद मैने चैन की साँस ली….

हम दोनो बाहर हॉल में आ गये वहाँ हमे रूही भी मिल गयी.

रूही–कहाँ रह गये थे तुम दोनो?? बाहर सारे मेहमान आ चुके है अब जल्दी बाहर चलो.

फिर हम बाहर गार्डन में आ गये वहाँ काफ़ी सजावट की हुई थी सभी पेड़ो पर रंग बिरंगी लाइट जल रही थी एक तरफ खाने की टॅबेल लगी हुई थी ऑर गार्डन के बीच में एक टॅबेल ऑर पड़ी थी जिस पर एक बड़ा सारा केक रखा हुआ था.

वहाँ आए सभी मेहमान एक एक कर के नीरा को बर्त डे विश करने लगे .

फिर नीरा को पापा ने बुलाया..,

पापा–नीरा बेटा इधर आओ हम लोग कब से तुम्हारा इंतजार कर रहे थे…अब जल्दी से केक काटो ऑर पार्टी को शुरू करो.

नीरा–जी पापा.

उसके बाद नीरा वो केक काटती है, ऑर सभी मेहमान तालियाँ बजाने लगते है …फिर वो सबको अपने हाथो से केक खिलाती है

फिर वहाँ आए लोग नीरा को एक एक करके अपने साथ में लाए गिफ्ट्स देने लगते है. लेकिन नीरा को जिस चीज़ का सब से ज़्यादा इंतजार था वो था मेरा गिफ्ट,पापा ने उसको एक बेशक़ीमती डाइमंड्स का नेकलेस दिया जिसे नीरा ने वही पहन लिया फिर सभी परिवार वालो ने कुछ ना कुछ गिफ्ट्स नीरा को दिए.

लेकिन उसके चेहरे पर उदासी सॉफ दिखाई दे रही थी क्योकि अभी तक मैने जो उसे गिफ्ट नही दिया था

फिर वहाँ आए लोग नीरा को एक एक करके अपने साथ में लाए गिफ्ट्स देने लगते है. लेकिन नीरा को जिस चीज़ का सब से ज़्यादा इंतजार था वो था मेरा गिफ्ट,पापा ने उसको एक बेशक़ीमती डाइमंड्स का नेकलेस दिया जिसे नीरा ने वही पहन लिया फिर सभी परिवार वालो ने कुछ ना कुछ गिफ्ट्स नीरा को दिए.

लेकिन उसके चेहरे पर उदासी सॉफ दिखाई दे रही थी क्योकि अभी तक मैने जो उसे गिफ्ट नही दिया था.

नीरा रूही से…

नीरा–दीदी भैया कहाँ चले गये उन्होने तो अभी तक केक भी नही खाया.

रूही–मुस्कुराते हुए…होगा यहीं कहीं पार्टी में ही मेहमानो के साथ लेकिन तू उसकी चिंता क्यो कर रही है.थोड़ी देर में आज़ाएगा तो उसे भी केक खिला देना .

नीरा–ओहूओ दीदी आप तो कुछ समझती नही हो , भैया ने अभी तक मेरा बर्त डे गिफ्ट नही दिया है.

रूही–अच्छाअ…तभी में सोचु तू इतनी परेशान क्यो हो रही है, जब तक तुझे उसका गिफ्ट नही मिलेगा तब तक तुझे तेरा बर्त डे कंप्लीट नही लगता.

नीरा–हाँ दीदी आप सही कह रही हो , लेकिन भाई गया कहाँ.

में–क्या हुआ मेरी गुड़िया इतनी उदास क्यो लग रही है.

नीरा–आप कहाँ चले गये थे , पहले आप ये केक खाओ.

लेकिन में उसके हाथ से केक लेकर उसके मूह में डाल देता हूँ. ऑर फिर बचा हुआ टुकड़ा खुद खा जाता हूँ.

नीरा–चलो अब मेरा गिफ्ट निकालो कहाँ है.

में–अरे यार तेरा गिफ्ट तो में भूल गया, मुझे माफ़ कर दे मेरी बहन.

नीरा–गुस्से से… सुबह से में आप से कह रही हूँ गिफ्ट के लिए ऑर आप मेरा गिफ्ट भूल गये .

ऑर उसके बाद नीरा वहाँ से अपने रूम की तरफ़ भागने लगती है.

में–अरे नीरा रुक कहाँ भाग रही है.

नीरा–मुझे आप से बात नही करनी भैया, मुझे समझ जाना चाहिए था कि आप मुझ से बिल्कुल भी प्यार नही करते.

ऑर अपने रूम का दरवाजा खोल कर अंदर जा कर दरवाजा लॉक कर लेती है.

में–नीरा दरवाजा खोल ,दरवाजा क्यो बंद कर लिया.

नीरा–मुझे आप से कोई बात नही करनी भैया… मेरे बर्त डे वाले दिन ही आपने मेरा दिल तोड़ दिया.

में– लेकिन तेरा गिफ्ट तो लेले.

नीरा–नही चाहिए आपका कोई भी गिफ्ट.

में–अच्छा एक काम कर सामने वाली दीवार को देख.

नीरा–मुझे कुछ नही देखना आप जाओ यहाँ से.

में–अच्छा बस एक बार सामने दीवार पर देख तेरा गिफ्ट वहीं पर है.

थोड़ी देर बाद दरवाजा खुलने की आवाज़ आती है ऑर में रूम के अंदर चला जाता हूँ मेरे रूम के अंदर घुसते ही नीरा मुझे बाहो में भर लेती है ऑर मेरे चेहरे को बेतहाशा चूमने लग जाती है.

नीरा–भैया आपका ये गिफ्ट अब तक का सब से बेस्ट गिफ्ट है.

ओर फिर उसकी आँखो में आँसू आजाते है .

में उसके आँसू पोंछते हुए कहता हूँ.

में–नीरा तू मेरी जान है, ऑर मेरी जान की आँखो में आँसू अच्छे नही लगते है.

नीरा–भैया में आपको अपनी जान से भी ज़्यादा प्यार करती हूँ ….मुझे कभी छोड़ के मत जाना हमेशा मेरे पास रहना बोलो रहोगे ना पास ….खाओ मेरी कसम.

में—तेरी कसम नीरा में हमेशा तुझे अपने दिल के पास रखूँगा , जब कभी तेरी आँखो से आँसू निकलेंगे तो ये मान लेना तेरा भाई भी उस वक़्त खून के आँसू रो रहा होगा.

तेरी कसम ….में पूरी दुनिया से अकेला तेरे लिए लड़ जाउन्गा . तुझ पर उठी हर बुरी नज़र तुझ पर पड़ने से पहले उसका सामना मुझ से होगा..तेरी कसम मेरी बहना तेरी कसम….,

वहाँ रूही कब से खड़ी हम लोग की बाते सुन रही थी फिर अचानक वो बोलती है.

रूही–नीरा तू कितनी ख़ुसनसीब है जो तुझे इतना प्यार करने वाला भाई मिला.

में–दीदी क्या में आपका भाई नही हूँ क्या??

ऑर में अपनी बाहे फैला लेता हूँ मेरी दोनो बहने मेरी बाहों में समा चुकी थी,हम तीनो की आँखो में आँसू थे लेकिन वो बस खुशी के आँसू थे उन में दुख ओर दर्द की ज़रा सी भी मिलावट नही थी…..

तभी रूही ने नीरा से पूछा..

रूही–नीरा तेरा गिफ्ट तो दिखा ऐसा क्या दिया है भाई ने तुझे.

नीरा दीवार की तरफ़ देखने का इशारा करती है रूही को.

वहाँ एक बड़ा सा वॉलपेपर लगा हुआ था जिसमें बीचो बीच जय ऑर नीरा की एक बड़ी सी फोटो थी मस्ती करते हुए बाकी कुछ फोटो उन दोनो के बचपन की थी..

रूही–वास्तव में ऐसा प्यार भरा गिफ्ट तुझे आज तक किसी ने नही दिया होगा …ऑर सब से बड़ी बात में भी इन तस्वीरों में शामिल हूँ.

में–हम लोगो का बचपन साथ में बीता है दीदी जितना में नीरा को प्यार करता हूँ उस से कही ज़्यादा आप मुझ से प्यार करती है.

नीरा–ऑर में तुम दोनो को …

नीरा की ये बात सुनकर हम दोनो हँसने लगे.

रूही अब चलो तुम दोनो खाना खा लो फिर तुम्हे कल कॉलेज भी जाना है ऑर नीरा को स्कूल.

उसके बाद हम बाहर आकर खाना खाने लग जाते है.

खाना खाने के बाद हम सब को गुड नाइट कहते है ऑर अपने अपने रूम में घुस जाते है,

उधर भाभी के रूम में…

नेहा रूम के अंदर घुसते ही अपनी साड़ी उतार के बेड पर फेक देती है तभी राज भी अंदर आजाता है ऑर नेहा से कुछ कहता है…

राज—नेहा क्या बात है आज तो तुम बिजलियाँ गिरा रही थी बाहर पार्टी में .

नेहा अपने ब्लाउस के हुक खोलते हुए..

नेहा–अच्छा आप पर कितनी बिजली गिराई मेने पहले ये बताओ.

राज–मेरा तो तुम बुरा हाल कर देती हो तुम्हारे हुस्न की आग में मैं खुद को जलता हुआ महसूस करता हूँ.

नेहा ब्लाउस उतार देती है ऑर राज नेहा को पीछे से पकड़ के उसकी गर्दन पर किस करने लगता है ऑर उसके पेट पर भी धीरे धीरे हाथ फैरने लगता है..

नेहा–ऊफफफहूऊ अभी छोड़ो मुझे पहले मुझे फ्रेश होने दो उसके बाद जो करना है वो करना में मना नही करूँगी.

फिर राज बेड पर बैठ जाता है ऑर नेहा अपनी ब्रा राज के चेहरे पे खोल के फेक देती है ऑर अपनी 34 साइज़ की चुचियाँ मसलने लगती है.

नेहा–सारा दिन ब्रा के अंदर रहने से इनका देखो कितना बुरा हाल हो जाता है.

राज बेड से उठता है ऑर एक चुचि को सहलाते हुए कहता है…

राज–देखो तो कैसे लाल हो गये है ऑर ये तुम्हारी निप्पेल का तो ऑर बुरा हाल हो गया है कैसे बिल्कुल सीधी खड़ी हो गयी ब्रा उतरते ही.

राज नेहा के बोबे सहलाते सहलाते नेहा की निपल अपनी उंगलियो के बीच में ले लेता है ऑर जैसे ही अपना मूह निप्पेल के पास लेजाने लगता है नेहा दूर हट जाती है..

नेहा–मैने सिर्फ़ देखने के लिए कहा था कुछ ऑर करने के लिए नही.

ऑर राज वापस जाकर बेड पर बैठ जाता है ऑर नेहा अपने कपड़े निकालने के लिए अलमारी खोल देती है,

फिर वो अपना पेटिकोट वही उतार कर बस पैंटी में बाथरूम के अंदर घुस जाती है.

थोड़ी देर बाद जब वो वापस निकलती है तो एक ब्लॅक ट्रॅन्स्परेंट नाइटी पहन कर बाहर निकलती है.

राज उसको देखते ही खहो जाता है उस ने अंदर सिर्फ़ एक ब्लॅक पैंटी पहनी थी ऑर उसके बूब्स नाइटी के ट्रॅन्स्परेंट होने की वजह से बिल्कुल सॉफ दिखाई दे रहे थे उसकी नाइटी बस उसके बूब्स के उपर तक ही टिकी हुई थी ऑर नीचे उसकी केले के तने जेसी चिकनी टांगे पूरी तरह से उस शॉर्ट नाइटी में नुमाया थी.

राज अपने बेड से उठता है ऑर नेहा को अपनी गोद में उठा लेता है नेहा भी उसकी कमर को अपनी टाँगो से जकड के एक बेल की तरह उस से लिपट जाती है.

राज अपने बेड से उठता है ऑर नेहा को अपनी गोद में उठा लेता है नेहा भी उसकी कमर को अपनी टाँगो से जकड के एक बेल की तरह उस से लिपट जाती है.

राज नेहा की खुश्बू सूंघने लगता है वो नेहा के बूब्स की घाटी में अपना मूह घुसा कर वहाँ की कोमलता का अहसास करने लगता है.

फिर राज नेहा को बेड पर बैठा देता है ऑर खुद ज़मीन पर बैठ कर नेहा को देखने लगता है.

राज–नेहा तुम कितनी खूबसूरत हो तुम्हे पा कर में दुनिया का सब से खुश नसीब आदमी बन गया हूँ.

नेहा–मैने आपका ऑर पूरे परिवार का प्यार पाने के लिए ही हॉस्पिटल से रेसिग्नेशन दिया था अगर आज में वहाँ होती तो आप लोगो का प्यार मुझे नसीब नही होता ,

अब मुझ से उतनी दूर मत बैठो प्यार करो मुझे समा जाओ मुझ में.

ऑर फिर राज खड़ा होता है ऑर अपने कपड़े उतारने के बाद सिर्फ़ एक वी शेप अंडरवेर में नेहा के सामने खड़ा हो जाता है नेहा फुर्ती से राज को अपनी तरफ़ खीच लेती है ऑर राज की अंडरवेर उतार कर उसके लिंग को सहलाने लगती है नेहा अपने कोमल हाथो से. राज के लिंग की चमड़ी उपर नीचे करने लग जाती है , फिर वो उसकी गोलियाँ अपनी मुट्ठी में भर कर धीरे धीरे दबाने लगती है.

राज का लिंग अब पूरी तरह से अपने आकर में आजाता है जो कि तकरीबन 6 इंच लंबा ऑर 2 इंच मोटा हो जाता है…

नेहा राज के लिंग को अपने मुँह में भर लेती है ऑर अंदर बाहर करने लग जाती है ..फिर अचानक नेहा राज के लिंग को पूरा का पूरा अपने मुँह में भर का राज की गोलियाँ दबाने लगती है.

राज अपनी आँखे बंद करके मस्ती के आलम में खहो जाता है फिर जब उसे लगता है वो इस तरह से ज़्यादा देर टिक नही पाएगा तो राज अपना लिंग नेहा के मुँह में से निकाल कर नेहा को बेड पर सीधा लेटा देता है,ओर खुद उसके उपर आ जाता है .

नेहा के होंठो को राज अपने होंठो से ऐसे चूसने लगता है जैसे नेहा के होंठो पर शक्कर की मिठास आ गयी हो.

उनकी जीभें एक दूसरे की जीभ का स्वाद लेने में जुटी हुई थी राज ऑर नेहा इस खेल को तब तक खेलते रहते है जब तक उन दोनो की साँसे उखड़ने नही लगती, जब दोनो अलग होते है तो एक दूसरे की तरफ़ प्यार भरी नज़रों से देख रहे होते है.

उसके बाद राज नेहा की नाइटी उतार देता है ऑर उसके निप्पल को अपने मुँह में भरकर चूसने लगता है ऑर अपने एक हाथ से नेहा के दूसरे बोबे को मसलने लगता है.

जब दोनो बूब्स का रस वो पी लेता है तो नेहा की नाभि में अपनी जीभ डाल देता है नेहा की नाभि नेहा का सब से सेन्सिटिव पॉइंट था वहाँ जीभ लगते ही नेहा पलंग पर तड़पने लग जाती है ऑर राज का सिर वहाँ से हटाने लगती है लेकिन राज नाभि के अंदर पूरी तरह से अपनी जीभ रगड़ कर ही वहाँ से बाहर निकालता है.

नेहा की पैंटी पूरी तरह से उसके चूत रस से भीग जाती है राज नेहा की चूत को पैंटी के उपर से ही सूंघने लगता है , ऑर अपने हाथ से उसकी पूरी चूत को पकड़ लेता है..

इस तरह से अपनी चूत पर हुए हमले को नेहा सह नही पाती ऑर झड़ने लगती है.

उसका पूरा शरीर अकड़ जाता है ,उसकी चूत खूब सारा पानी छोड़ देती है जिस से उसकी पैंटी पूरी तरह से भीग जाती है .

राज नेहा की पैंटी उतार के नेहा की चूत पर अपना मुँह लगा लेता है ऑर उसकी चूत का सारा रस चाटने के बाद नेहा के उपर आ जाता है,

फिर राज अपने लिंग को नेहा की चूत पर सेट करता है ऑर एक जोरदार धक्का लगाकर अपना पूरा लिंग नेहा की चूत की गहराई में उतार देता है.

फिर राज नेहा को चोदना स्टार्ट कर देता है, पूरा रूम नेहा की सिसकियो से ऑर उन दोनो के मिलन से हो रही ठप ठप..से गूंजने लगता है काफ़ी देर चुदाई करवाने के बाद नेहा बोलती है मुझे उपर आने दो .

राज नेहा को अपने उपर ले लेता है ऑर नेहा राज के लिंग को अपनी चूत पर सेट करके उस पर बैठने लगती है , उस पर बैठने के बाद नेहा अपनी कमर राज के लिंग पर चलाने लगती है.

जैसे वो घुड़सवारी कर रही हो राज नेहा के बूब्स ज़ोर ज़ोर से दबाने ऑर मसलने लगता है नेहा की स्पीड ऑर ज़्यादा तेज हो जाती है दोनो अपने चरम पर पहुँच चुके थे तभी दोनो के जिस्मो ने झटका खाना शुरू कर दिया दोनो बुरी तरह से झड चुके थे ये बिल्कुल ऐसा अहसास था जैसे बारिश की बूंदे तपती हुई ज़मीन पर पड़ती है ऑर उसकी फुहारो से सारी गर्मी ख़तम हो जाती है.

नेहा अभी भी राज के उपर लेटी लेटी गहरी घेरी साँसे ले रही थी ऑर राज नेहा की पीठ सहला रहा था नेहा की चूत में भरा रस राज की जाँघो से रिस्ता हुआ बेड की चादर पर गिरने लग जाता है.

नेहा–आइ लव यू राज

राज–आइ लव यू टू माइ सेक्सी वाइफ

फिर नेहा राज पर से उतर कर बाथरूम में चली जाती है ऑर वापस एक नॉर्मल नाइटी पहन कर वापस आजाती है, राज भी अपना नाइट सूट पहन चुका था फिर दोनो एक दूसरे की बाहो में बाते करने लगते है .

राज–जान कल मुझे ऑर पापा को दुबई जाना पड़ेगा हफ्ते भर के लिए. तुम अपना ख्याल रखना.

नेहा–मेरा ख्याल रखने के लिए यहाँ सब लोग है आप अपना ख्याल रखना ऑर मुझे फोन करते रहना.

नेहा–जान एक बात कहूँ.

राज–हाँ जान बोलो.

नेहा–राज में अब एक बच्चा करना चाहती हूँ रोज रोज में वो पिलस खा खा कर तंग आ गयी हूँ..

राज –जान बच्चा तो में भी चाहता हूँ लेकिन बस कुछ महीने ऑर रुक जाओ हम लोग हमारा सारा काम एक जगह पर ही शिफ्ट करने में लगे हुए है ..जो भी दूसरे सिटी में हमारे शोरूम्स है वो हम ब्रांच के रूप में किसी ऑर को संभला देंगे .

उसके बाद हम दोनो बच्चा कर सकते है..क्योकि में नही चाहता हमारे बच्चे का बचपन मेरी आँखो के सामने ना बीते .

पापा को हमेशा ये अफ़सोस रहता है कि वो उनके बच्चो का बचपन ढंग से देख ही नही पाए

अगले दिन सुबह रूही मुझे उठा रही थी.

रूही–जय जल्दी उठ आज कॉलेज जाना है आज पहले दिन ही लेट पहुँचना चाहता है क्या???

में—दीदी सोने दो ना क्या कॉलेज कॉलेज कह कर डरा रही हो.

रूही–तुझे नही जाना है तो बोल दे क्योकि नीरा भी तेरा इंतजार कर रही है स्कूल छोड़ने के लिए.

में–क्या यार दीदी हमेशा इंपॉर्टेंट बात आप लास्ट में क्यो करती हो….में बस 15 मिनिट्स में रेडी हो कर नीचे आता हूँ.

फिर रूही चली जाती है ऑर में बाथरूम में घुस जाता हूँ , ऑर रेडी होकर नीचे हॉल में आ जाता हूँ.

नीरा–भैया क्या है ये सब में कब से आपका वेट कर रही हूँ…

में–तू तो चुप कर तुझे अगर स्कूल जाना था तो मुझे जल्दी जगाने नही आ सकती थी क्या.

नीरा–में तो आने वाली थी पर रूही दीदी ने मुझे रेडी होने के लिए बोल दिया था…अब जल्दी चलो नाश्ता आप कॉलेज की कॅंटीन में कर लेना…पहले आप मुझे स्कूल ड्रॉप करो.

उसके बाद हम तीनो एक ही बाइक पर बैठ कर निकल जाते है… नीरा को उसके स्कूल ड्रॉप करने के बाद में ऑर रूही कॉलेज के लिए निकल जाते है.

कॉलेज की पार्किंग में बाइक खड़ी करने के बाद में ऑर दीदी अपने अपने क्लास रूम्स की तरफ़ बढ़ जाते है आज पहला दिन था इस लिए बस इंट्रोडक्षन ही चल रहा था जो भी प्रोफेसर आता वो सारा टाइम बस इंट्रो में ही निकाल देता…आख़िर थक हार के में कॉलेज की कॅंटीन की तरफ़ बढ़ जाता हूँ ऑर अपने लिए कॉफी ऑर समोसा ऑर्डर कर देता हूँ

तभी कुछ सीनियर वहाँ आते है ऑर एक टॅबेल पर बैठ जाते है ऑर न्यू स्टूडेंट से उनका इंट्रो लेने लगते है. कभी वो किसी से गाना गवाते कभी वो किसी को डॅन्स करने के लिए कहते.

में ये सब होते देख रहा था तभी रूही भी कॅंटीन में आजाती है रूही को देखते ही वो सीनियर्स आहे भरने लग जाते है.

एक लड़का–भाई ये करोड़पति बाप की बेटी है ये ब्रा कौनसी कंपनी की पहनती होगी.

दूसरा लड़का—अबे ब्रा छोड़ ये पैंटी किस कंपनी की पहनती होगी …

ऑर इतना बोलकर वो ज़ोर ज़ोर से हँसने लगते है.

मेरा मन तो कर रहा था उन मादरचोदो का मुँह तोड़ दूं लेकिन रूही ने मुझे ऐसा कुछ भी करने से मना कर दिया था.

एक लड़का–भाई ये छमिया आज किस के साथ गुटरगूं कर रही है… कहीं इसने इस लड़के के साथ सेट्टिंग तो नही कर ली है.

दूसरा लड़का–ये तो कोई नया मुर्गा लगता है, चलो इसका इंट्रो लेते है.

वो लोग अपनी चेर्स लेकर हम लोगो के पास आकर बैठ जाते है.

एक लड़का–ओये हीरो कौन्से एअर में है तू.

में–अपने शब्द चबाते हुए..,,फर्स्ट एअर में बोलता हूँ.

दूसरा लड़का—चल कोई गाना सुना.

मैने पूछा कौनसा गाना सुनना है.

लड़का–चिकनी चमेली सुना दे.

में–चिकनी चमेली ….ये तो मेरा पसन्द का गाना है…इस पर तो में आप को डॅन्स भी कर के दिखा सकता हूँ.

लड़का—चल तो फिर खड़ा हो ऑर दिखा अपना जलवा.

मेरे खड़े होते ही उनमें से एक लड़के ने रूही का हाथ पकड़ लिया …..

मैने फुर्ती से पास की टॅबेल से एक कोल्ड ड्रिंक की बॉट्टेल उठा ली ऑर उस लड़के के सिर पर दे मारी.

कॅंटीन में बिल्कुल सन्नाटा छा गया, कोई कुछ समझ हे नही पाया कि क्या हुआ.

फिर उनमें से एक लड़का उठा….वो लड़का पूरी तरह से उठ पाता उस से पहले मेरे मुक्के का जोरदार प्रहार सीधा उसकी नाक पर हुआ…

तभी कॅंटीन में कॉलेज स्टाफ ऑर प्रिन्सिपल आ जाते है.

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